खिलौना कंपनियों की पहल:कुछ बायोप्लास्टिक से टॉय बना रहीं, तो कुछ प्लास्टिक मुक्त पैकेजिंग करने लगीं

5 महीने पहले
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लेगो की रिसाइकिल्ड प्लास्टिक से बनी ब्रिक और हैस्ब्रो का प्लास्टिक मुक्त पैकेज। - Dainik Bhaskar
लेगो की रिसाइकिल्ड प्लास्टिक से बनी ब्रिक और हैस्ब्रो का प्लास्टिक मुक्त पैकेज।
  • नहीं संभले तो 2040 तक समुद्र में सालाना 3 करोड़ टन प्लास्टिक पहुंचेगा

दुनियाभर में खिलौनों में प्लास्टिक का इस्तेमाल बेतहाशा बढ़ गया है। बच्चों के जरिए प्लास्टिक के खिलौने घर में आते हैं और इस्तेमाल के बाद भी खत्म नहीं हो पाते। व्यर्थ होने पर एक बार फेंकते ही ये हमारी फूड चेन में शामिल हो जाते हैं और शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। दुनियाभर में कई प्लास्टिक जीवाश्म ईंधन से बनाए जा रहे हैं। इन्हें बनाने की प्रक्रिया में ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जन होता है। एक अनुमान के मुताबिक, प्लास्टिक उद्योग से उत्सर्जन 2030 तक कोयले से होने वाले उत्सर्जन से आगे निकल सकता है।

प्यू चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से की गई एक स्टडी के मुताबिक, 2040 तक समुद्र में पहुंचने वाला प्लास्टिक तीन गुना बढ़कर 3.2 करोड़ टन सालाना हो जाएगा। इसका वजन 600 टाइटैनिक के वजन के बराबर होगा। यूसी डेविस ताहो एनवायरमेंटल रिसर्च सेंटर के रिसर्चर कैटी सेनफ्ट कहते हैं, ‘कुछ खिलौना निर्माताओं ने प्लास्टिक का इस्तेमाल घटाना शुरू कर दिया है। अधिकांश कंपनियां अपनी पैकेजिंग से प्लास्टिक को हटा रही हैं। कुछ कंपनियों का उद्देश्य है कि 2022 में अपने ब्लिस्टर कंटेनरों और कार्टन में कम से कम 30% रिसाइकिल्ड प्लास्टिक का इस्तेमाल करे।

हैस्ब्रो नामक कंपनी ने 2020 में प्लास्टिक पैकेजिंग को खत्म करना शुरू किया था। वह अगले साल के अंत तक सभी नए उत्पादों के लिए प्लास्टिक मुक्त पैकेजिंग लाने की योजना बना रही है। लेगो कंपनी ने अपनी ब्रिक्स को रिसाइकिल्ड पेपर पाउच में पैक करना शुरू कर दिया है। वह 2025 तक इसे पूरी तरह अपना लेगी। यही नहीं, लेगो ने हाल ही में गन्ने से निकाले गए बायोप्लास्टिक का प्रयोग किया है।

इससे प्रति खिलौना 20% कम कार्बन फुटप्रिंट निकलता है।’ टेरासाइकिल नामक कंपनी ने प्लास्टिक आयटम को रिसाइकिल करना शुरू किया है। लोग सीधे कंपनी को रिसाइकिल किए जाने वाले आयटम भेज सकते हैं। इसी तरह कैलिफोर्निया की ग्रीन टॉयज कंपनी ने गैर हानिकारक रिसाइकिल्ड प्लास्टिक से खिलौने बनाने शुरू किए हैं।

टेरासाइकिल के सीईओ टॉम स्जाक्यो कहते हैं, ‘हमारा ध्यान प्लास्टिक पर निर्भरता घटाने पर होना चाहिए। यह जिम्मेदारी कंपनियों और ग्राहक दोनों की है।’ वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि ग्राहक ही ऐसी कंपनियों से सामान खरीदें, जो पर्यावरण हितैषी हों तो समस्या का हल निकल सकता है।