क्वाड के साथ आ सकता है द.कोरिया:इंडो-पैसिफिक में चीन को रोकने में मिलेगी मदद, नॉर्थ कोरिया के खिलाफ साथ होंगे मजबूत सहयोगी

सियोल7 दिन पहलेलेखक: सियोल से भास्कर के लिए जूलियन रयाल
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बिगड़ते ग्लोबल और रीजनल तनाव के चलते दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति यून सुक-योल राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर दबाव में हैं। इन सबके बीच उनकी ख्वाहिश एशिया प्रशांत में चीन की बढ़ती महत्वाकांक्षा को सीमित करने के लिए बने सुरक्षा मंच क्वाड का हिस्सा बनने की है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अन्य शक्तियों के साथ घनिष्ठ रक्षा संबंध दक्षिण कोरिया की राष्ट्रीय सुरक्षा को ऐसे समय में बढ़ाएगा, जब वह उत्तर कोरिया से एक नियमित खतरे से घिरा हुआ है।

दूसरी तरफ जानकारों का यह भी कहना है कि सियोल अपने व्यापारिक साझेदार चीन के विरोध का ज्यादा जोखिम नहीं उठा सकता है। यून के पास रस्सी पर चलने जैसा मुश्किल काम रह गया है और उनके पास कोई विकल्प नहीं है। वैसे यून क्वाड में शामिल होने को उत्सुक हैं।

दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ने की थी ऑस्ट्रेलियाई राजदूत से मुलाकात
शपथ ग्रहण से ठीक एक सप्ताह पहले 3 मई को यून ने सियोल में ऑस्ट्रेलियाई राजदूत कैथरीन रैपर से मुलाकात की और क्वाड की गतिविधियों में शामिल होने के लिए ऑस्ट्रेलिया का समर्थन मांगा। इस मुलाकात के तीन दिन बाद यून ने भारतीय राजदूत श्रीप्रिया रंगनाथन से मुलाकात कर क्वाड की गतिविधियों का हिस्सा बनने के लिए समर्थन मांगा। यून 21 मई को सियोल में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की मेजबानी करेंगे। माना जा रहा है कि 24 मई को टोक्यो में होने जा रही क्वाड की बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में शामिल होने की अनुमति मांगेंगे।

दक्षिण कोरिया में पहले से अमेरिकी सैनिक मौजूद
इसके अलावा फुमियो किशिदा के नेतृत्व वाली जापानी सरकार पिछली दक्षिण कोरियाई सरकार के साथ मतभेदों को पीछे रखने और सियोल के साथ अधिक सहकारी संबंध बनाने के लिए तैयार हैं, क्योंकि वे इस क्षेत्र में बढ़ते चीनी प्रभाव के खिलाफ एक बांध बनाने का प्रयास कर रहे हैं।

टेंपल यूनिवर्सिटी के टोक्यो कैंपस में एशियाई अध्ययन के निदेशक जेफ किंग्स्टन दैनिक भास्कर को बताते हैं कि इसकी संभावना बहुत है कि अमेरिका भी दक्षिण कोरिया को क्वाड में शामिल करने के लिए इच्छुक होगा, क्योंकि दक्षिण कोरिया में अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं और चीन को रोकना प्रमुख उद्देश्य है। वे कहते हैं कि समस्या केवल दक्षिण कोरिया के चीन के साथ व्यापार को लेकर है।

चीन पहले भी द. कोरिया को दे चुका है चेतावनी
इसके साथ यह बिंदु भी स्पष्ट नहीं है कि क्वाड में शामिल होने की योजना के साथ आगे बढ़ने पर चीन, दक्षिण कोरिया को कैसे प्रतिक्रिया दे सकता है। हालांकि, यह स्पष्ट है कि बीजिंग इसे नाटो विस्तार के स्थानीय समकक्ष के रूप में देख सकता है। चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम ने दक्षिण कोरिया को चेतावनी देते हुए लिखा कि अगर वह क्वाड का हिस्सा बनता है तो इसे दुश्मनी का इजहार माना जाएगा। हालांकि, इससे पहले की द. कोरियाई सरकार चीन के खिलाफ बने मंचों से बचती रही हैं।

चीन को लेकर अब दक्षिण कोरिया का विश्वास डगमगा रहा
दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति यून सुक-योल की नई सरकार इस सुरक्षा मंच का हिस्सा बनने के लिए खुलकर इजहार कर रही है। वैश्विक स्तर पर उत्तर कोरिया के साथ संबंधों को संभालने में बीजिंग को सियोल के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में देखा जाता है, हालांकि चीनी मदद में विश्वास कम हो रहा है।

दूसरी तरफ, अमेरिका के साथ बरसों पुराना गठबंधन दक्षिण कोरिया की सुरक्षा का केंद्र बना हुआ है और यह एक राजनीतिक और आर्थिक साझेदारी के रूप में विकसित हुआ है जो सुरक्षा संबंधों से काफी आगे जाता है। अधिकांश दक्षिण कोरिया के नेताओं और जनमत सर्वे के परिणाम दोनों देशों के बीच के इस गठबंधन को बनाए रखने के लिए एक मजबूत सहमति की ओर इशारा करते हैं।