6 महीने बाद अंतरिक्ष से लौटे 4 एस्ट्रोनॉट्स:स्पेस एक्स के राकेट का टॉयलेट टूटा, डायपर पहन कर करनी पड़ी 10 घंटे की यात्रा

9 महीने पहले
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अंतरिक्ष से वापस लौटते समय एस्ट्रोनॉट्स को कई प्रकार मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। सोमवार को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से धरती पर लौट रहे 4 एस्ट्रोनॉट्स को लेने पहुंचे स्पेसएक्स रॉकेट का टॉयलेट टूट गया। इस वजह से यात्रियों को स्पेस स्टेशन छोड़ने के बाद 10 घंटे की यात्रा में डायपर पहनना पड़ा।

नासा के अंतरिक्ष यात्री मेगन मैक्आर्थर ने इस यात्रा को भयानक बताया। स्पेस एक्स के ड्रैगन कैप्सूल से यह क्रू मेकिस्को की खाड़ी में उतरा। 4 लोगों के इस इंटरनेशनल क्रू में फ्रांस की एक महिला एस्ट्रोनॉट्स भी शामिल थी।

स्पेस स्टेशन पर किए एक्सपेरिमेंट
एस्ट्रोनॉट्स ने 6 महीने के भीतर स्पेस स्टेशन के ऑर्बिट में कई एक्सपेरिमेंट किए। इस दौरान इन्होने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन के सोलर पैनल को भी अपग्रेड किया। इसके अलावा स्पेस स्टेशन पर पहली बार चिली पेपर्स यानी मिर्ची उगाई गई। अंतरिक्ष में इंसान के स्वास्थ्य में होने वाले परिवर्तनों को बेहतर ढंग से समझने के लिए कीड़े पर स्टडी की गई।

4 सदस्यीय इंटरनेशनल क्रू अपने स्पेस सूट के साथ स्पेस स्टेशन पर पोज देते हुए।
4 सदस्यीय इंटरनेशनल क्रू अपने स्पेस सूट के साथ स्पेस स्टेशन पर पोज देते हुए।

इन यात्रियों की हुई वापसी
200 दिन की यात्रा पूरी कर पृथ्वी पर वापस लौटे यात्रियों में नासा के शेन क्रिम्बू, मेगन मैक्आर्थर, जापान के अकिहिको होशाइड और फ्रांस की थॉमस पेस्केट शामिल हैं। तय कार्यक्रम के तहत इन सभी की वापसी सोमवार सुबह तक हो जानी चाहिए थी। लेकिन खराब मौसम के कारण वापसी में देर हुई।

चार दूसरे यात्री जाएंगे स्पेस स्टेशन
इन चारों यात्रियों की पृथ्वी पर वापसी के बाद 4 दूसरे यात्रियों की अंतरिक्ष यात्रा का रास्ता खुल गया है। बुधवार को स्पेसएक्स के राकेट से ये 4 यात्री अंतरिक्ष स्टेशन भेजे जाएंगे। इन अंतरिक्ष यात्रियों को पहले ही रवाना होना था, लेकिन खराब मौसम और एक यात्री तबीयत बिगड़ने के कारण यात्रा को टाल दिया गया था। अब बुधवार को इन्हें रवाना किया जाएगा। ये यात्री भी करीब छह महीने तक अंतरिक्ष स्टेशन में रहेंगे।

स्पेसएक्स ने 2020 में अंतरिक्ष यात्रियों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन भेजने के लिए टैक्सी सेवा शुरू की थी। अमेरिका 9 साल से अंतरिक्ष शटल कार्यक्रम यात्रा के लिए रूसी रॉकेट्स पर निर्भर था।