श्रीलंका में संकट:राष्ट्रपति गोटबाया को राहत; PM विक्रमसिंघे बोले- जल्दी रिलीफ बजट लाएंगे

कोलंबो3 महीने पहले

श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को मंगलवार को संसद से कुछ राहत मिली। उनके खिलाफ एक तरह का अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया। इसमें उन्हें देश के ऐतिहासिक आर्थिक के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना था। यह प्रस्ताव मुख्य विपक्षी दल तमिल नेशनल अलायंस ने पेश किया था। राजपक्षे को उनके गठबंधन की पार्टी का साथ मिला और यह प्रस्ताव खारिज हो गया।

गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका में मुख्य विपक्षी पार्टी समागी जाना बालवेगया (SJB) ने नई सरकार को सशर्त समर्थन देने का फैसला किया है। SJB ने सोमवार को कहा कि वह देश के गंभीर आर्थिक और राजनीतिक संकट से निपटने में मदद करने के लिए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के नेतृत्व वाली अंतरिम सर्वदलीय सरकार को सशर्त समर्थन देगी।

वहीं, प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे ने सोमवार को देश को संबोधित किया। विक्रमसिंघे ने कहा कि वह एक स्पेशल रिलीफ बजट प्रस्तावित करने की योजना बना रहे हैं। यह बजट इस साल के लिए पहले से अप्रूव किए जा चुके बजट की जगह लेगा। वहीं, बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पहले आवंटित पैसे को जन कल्याण के लिए इस्तेमाल करेगा।

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श्रीलंका संकट से जुड़े बड़े अपडेट्स…

  • श्रीलंका में सोमवार रात 8 बजे से मंगलवार सुबह 5 बजे तक 9 घंटे के लिए नाइट कर्फ्यू लगाया गया। जल्द ही इसकी टाइमिंग में नई सरकार बदलाव करने जा रही है।
  • श्रीलंका में सत्तारूढ़ पार्टी के दो सांसदों को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। इन दोनों सांसदों पर आरोप है कि उन्होंने देश में 9 मई को हुई हिंसा के दौरान समर्थकों को भड़काया। इन पर पत्रकारों से मारपीट और उनके मोबाइल छीनने का भी आरोप है।
  • प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी है कि रोजाना होने वाली बिजली कटौती 15 घंटे तक बढ़ सकती है
महिंदा राजपक्षे को PM पद से हटाए जाने से लोग संतुष्ट नहीं हैं। वे उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
महिंदा राजपक्षे को PM पद से हटाए जाने से लोग संतुष्ट नहीं हैं। वे उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

देश से झूठ नहीं बोलूंगा, हमारे पास 1 दिन का पेट्रोल- PM
विक्रमसिंघे ने सोमवार को देश के नाम संबोधन में कहा- हमारे देश के पास सिर्फ एक दिन का पेट्रोल बचा है। हम हालात को दुरुस्त करने की कोशिश कर रहे हैं। एक साल में 45 अरब डॉलर का नुकसान झेलने वाली श्रीलंकन एयरलाइन को अब प्राईवेट सेक्टर के हवाले किया जाएगा।

देश से झूठ नहीं बोलना चाहता। हालात बेहद खराब हैं। कुछ वक्त के लिए हमारे सामने बड़े चैलेंज हैं। ये वादा है कि बुरा दौर बहुत जल्द गुजर जाएगा। तीन ऑयल टैंकर कोलंबो पोर्ट पर खड़े हैं। हम डॉलर्स में पेमेंट नहीं कर सकते, इसलिए पेट्रोल और डीजल नहीं मिल पा रहा। लोगों के अपील है कि वो दो महीने मेरा साथ दें। 14 लाख कर्मचारियों को सैलरी देने के लिए फंड्स नहीं हैं।

श्रीलंका में 9 मई को हुई हिंसा में 10 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, 200 से अधिक लोग घायल हुए थे।
श्रीलंका में 9 मई को हुई हिंसा में 10 लोगों की मौत हुई थी। वहीं, 200 से अधिक लोग घायल हुए थे।

मामले में 200 से ज्यादा संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में वाहन और संपत्ति के नुकसान के लगभग 707 मामले दर्ज किए गए हैं। श्रीलंका के ताजा हालात पर दैनिक भास्कर का स्पेशल कवरेज आप यहां पढ़ सकते हैं..