यहां संसद में सांसदों के बीच चले लात-घूंसे, स्पीकर पर पानी की बोतलें और किताबें फेंकीं / यहां संसद में सांसदों के बीच चले लात-घूंसे, स्पीकर पर पानी की बोतलें और किताबें फेंकीं

संसद में भिड़े राजपक्षे-विक्रमसिंघे के समर्थक

DainikBhasakar.com

Nov 15, 2018, 04:12 PM IST
Sri Lanka lawmakers come to blows as PM crisis deepens

इंटरनेशल.कोलंबो. श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने गुरुवार को दावा किया कि स्पीकर के पास ध्वनिमत से उन्हें पद से हटाने का अधिकार नहीं है। यह बात राजपक्षे ने अपने खिलाफ मंगलवार को पास हुए अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कही। इसके बाद श्रीलंका की संसद में सांसद भिड़ गए और उनमें जमकर लात-घूंसे भी चले।


श्रीलंका की संसद में भिड़ते सांसद
श्रीलंका की संसद गुरुवार को दोबारा बुलाई गई थी। इस दौरान स्पीकर कारू जयसूर्या ने कहा कि देश में कोई सरकार नहीं है। यहां इस वक्त कोई प्रधानमंत्री भी नहीं है, चाहे वे राष्ट्रपति की ओर से नियुक्त किए गए राजपक्षे हों या उनके प्रतिद्वंद्वी विक्रमसिंघे।राजपक्षे ने स्पीकर की बात को नकारते हुए कहा कि किसी खास मुद्दे का फैसला ध्वनिमत से नहीं किया जा सकता। इसके अलावा स्पीकर के पास प्रधानमंत्री और उनके कैबिनेट मंत्रियों को नियुक्त करने या हटाने का अधिकार नहीं है।राजपक्षे ने आरोप लगाया कि स्पीकर पक्षपात कर रहे हैं। वे अपनी यूनाइटेड नेशनल पार्टी का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जिसका नेतृत्व बेदखल किए गए प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे कर रहे हैं। राजपक्षे ने कहा कि देश के इस राजनीतिक संकट को दूर करने का सबसे बेहतरीन तरीका दोबारा चुनाव कराना ही है। विरोधियों ने राजपक्षे के बयान पर वोट कराने की मांग की तो कुछ सांसद सदन के बीच में आकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद 35-36 सांसद आपस में भिड़ गए। मारपीट के दौरान कुछ सांसद जमीन पर भी गिर गए। राजपक्षे का समर्थन करने वाले सांसद स्पीकर की ओर पानी बोतलें, किताबें और खाली कैन फेंकने लगे। करीब आधे घंटे चले इस ड्रामे के बाद जयसूर्या ने संसद बर्खास्त कर दी।

ऐसे शुरू हुआ राजनीतिक संकट
श्रीलंका में राजनीतिक संकट की शुरुआत 26 अक्टूबर को हुई थी। उस दौरान राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना ने प्रधानमंत्री विक्रमसिंघे की सरकार को बर्खास्त कर दिया और उनकी जगह महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया। इसके बाद सिरिसेना ने संसद भंग कर दी और राजपक्षे को बहुमत साबित करने के लिए वक्त दे दिया।

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