• Hindi News
  • International
  • Steve Busceni, A Member Of The Firefighting Team, Said That More Deaths In The US Than The 9 11 Terrorist Attacks Have Been Caused By Pollution From The Debris Of The World Trade Center.

9/11 के 20 साल:फायर फाइटिंग टीम के सदस्य रहे स्टीव बुसेनी ने कहा- US में 9/11 हमले से ज्यादा मौतें तो वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के मलबे के प्रदूषण से हो चुकी

3 महीने पहलेलेखक: कार्ल विक
  • कॉपी लिंक
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर - Dainik Bhaskar
वर्ल्ड ट्रेड सेंटर

वर्ल्ड ट्रेड सेंटर, न्यूयॉर्क के ट्विन टॉवरों पर 11 सितंबर 2001 को हुए आतंकी हमले के दुष्परिणाम पीछा नहीं छोड़ रहे। अमेरिका के आर्थिक वैभव के प्रमुख केंद्र न्यूयॉर्क की फायर फाइटिंग टीम के पूर्व सदस्य और एक्टर स्टीव बुसेनी मानते हैं कि बिल्डिंग के मलबे का प्रदूषण अब भी लोगों की जान ले रहा है। उस हमले में 3 हजार लोग मारे गए थे। लेकिन, इससे ज्यादा लोग बिल्डिंग के विषैले मलबे की वजह से फैली बीमारियों से जान गंवा चुके हैं।

बुसेनी हमले के अगले दिन यानी 12 सितंबर को घटनास्थल पर पहुंचे थे। वे मलबा ढो रही टीम बकेट ब्रिगेड के सदस्य थे। बिल्डिंग की ऊपरी मंजिलों से बाल्टियों में मलबा नीचे लाया गया। इसके आलवा बॉडी बैग भी थे। बुसेनी बताते हैं, ‘एक बॉडी बैग के साथ कांक्रीट की धूल देखकर एक फायरफाइटर ने कहा था- यह धूल शायद बीस साल बाद हमारी जान ले लेगी। बीस साल भी नहीं लगे। मलबा हटने के दौरान ही नई बीमारियों की खबरें आने लगीं।’

इस विषय पर ब्रिजेट गोर्मी ने डॉक्यूमेंट्री फिल्म- डस्ट: द लिंगरिंग लीगेसी ऑफ 9/11 बनाई है। ब्रिजेट के पिता बिली की 2015 में कैंसर से मौत हो गई। फिल्म में बताया गया है कि सरकार और न्यूयॉर्क शहर के अधिकारी घोषित कर रहे हैं कि टॉवरों के आसपास की हवा सुरक्षित है। लेकिन, उसमें जहरीले रसायन कार्सिनोजेन की गहरी परत है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि मानव त्वचा पर गीली सीमेंट डालने से त्वचा जलने लगती है। ठीक ऐसा ही यहां हो रहा है। बुसेनी कहते हैं, ‘मैं साइट पर एक सप्ताह से कम रहा, लेकिन घर जाकर अहसास हुआ कि कुछ गड़बड़ है। मुझे डॉक्टर के पास जाना पड़ा। कई फायरफाइटर सांस की तकलीफ के शिकार हुए। लेकिन, जिन लोगों की प्रमुख पहचान रक्षक की है, वे स्वयं अपनी तकलीफ बताने में हिचकते हैं।’

फायरफाइटर 20 साल बाद भी कफ की समस्या से जूझ रहे हैं
फ्रेंड्स ऑफ फायरफाइटर्स नाम की संंस्था कार्यरत और रिटायर्ड फायरफाइटर्स को स्वास्थ्य पर मुफ्त सलाह देती है। हमले के कुछ दिन बाद अमेरिकी कांग्रेस ने पीड़ितों के लिए मुआवजा फंड बनाया। पैसा खत्म होने लगा तो फंडिंग के लिए अभियान चलाना पड़ा। आखिर 2019 में मांग पूरी हुई थी। पूर्व फाइटर्स 20 साल बाद भी कफ की परेशानी झेल रहे हैं। कई जान गंवा चुके हैं।

खबरें और भी हैं...