शोध का परिणाम:नींद संबंधी समस्याएं बच्चों की पढ़ने की क्षमता को कर सकती हैं प्रभावित

वॉशिंगटन21 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
ऐसे बच्चों को शब्द पढ़ने में भी काफी मुश्किल हुई। - Dainik Bhaskar
ऐसे बच्चों को शब्द पढ़ने में भी काफी मुश्किल हुई।

नींद से जुड़ी समस्याएं बच्चों की पढ़ने की क्षमता प्रभावित कर सकती हैं। एक ताजा अध्ययन के निष्कर्षों में यह बात सामने आई है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ एजुकेशनल साइकोलॉजी में अध्ययन प्रकाशित हुआ है। इस अध्ययन में चार से 14 साल की उम्र के 339 बच्चों को शामिल किया गया। इसमें उनके माता-पिता से एक प्रश्नावली भरवाई गई।

उसमें उनके बच्चों की नींद से जुड़े प्रश्न थे। वहीं बच्चों को कुछ शब्द पढ़ने के लिए दिए गए। ताकि की पढ़ने की क्षमता जांची जा सके। इस कवायद से यह सामने आया कि जिन माता-पिता ने बच्चों में नींद संबंधी समस्याएं बताईं, उनका प्रदर्शन भी खराब रहा। उन्हें शब्दों काे पढ़ने में दिक्कत हुई। इस अध्ययन रिपोर्ट की लेखिका डॉक्टर एन्ना जॉएस कहती हैं, ‘नींद और साक्षरता के स्तर का आपस में संपर्क है।

अगर उम्र के शुरुआती दौर में यह बात पता चल जाए तो बच्चों को भविष्य में बेहतर परिणामों के लिए तैयार किया जा सकता है। वे आने वाले वक्त में अच्छा पढ़ने वाले हो सकते हैं, जो किसी भी पेशे में सफलता की गारंटी भी है।’ डॉक्टर एन्ना ने लंदन की रीगेंट यूनिवर्सिटी से पीएचडी की हुई है।