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ओमान से रिश्ते / पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा के स्टूडेंट थे सुल्तान काबूस, निधन पर भारत ने एक दिन के शोक का ऐलान किया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुल्तान काबूस को अरब क्षेत्र और दुनिया के लिए शांति का प्रतीक बताया था। -फाइल फोटो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुल्तान काबूस को अरब क्षेत्र और दुनिया के लिए शांति का प्रतीक बताया था। -फाइल फोटो
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुल्तान काबूस को अरब क्षेत्र और दुनिया के लिए शांति का प्रतीक बताया था। -फाइल फोटोप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुल्तान काबूस को अरब क्षेत्र और दुनिया के लिए शांति का प्रतीक बताया था। -फाइल फोटो

  • गृह मंत्रालय ने 13 जनवरी को राष्ट्रध्वज को आधा झुकाने, आधिकारिक मनोरंजन नहीं करने की घोषणा की
  • सुल्तान काबूस ने पुणे में पढ़ाई की थी और पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा के पूर्व छात्र रहे थे
  • सुल्तान ने केरल के पादरी टॉम उझुन्नालिल को यमन से रिहा करवाने में अहम भूमिका निभाई थी

Dainik Bhaskar

Jan 14, 2020, 09:01 AM IST

नई दिल्ली. ओमान के सुल्तान काबूस बिन सईद अल सईद का शुक्रवार को निधन हो गया था। उनके सम्मान में भारत सरकार ने 13 जनवरी को एक दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। इस दौरान राष्ट्रध्वज आधा झुका रहेगा और कोई आधिकारिक मनोरंजन नहीं होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शनिवार को सुल्तान काबूस के निधन पर दुख जताया था और कहा था कि भारत ने खाड़ी देश में अपना एक महत्वपूर्ण सहयोगी खो दिया। काबूस के चचेरे भाई हैथम बिन तारिक अल सईद को नया सुल्तान घोषित किया गया है।

भारतीय समुदाय की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते थे सुल्तान काबूस

  1. पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा के छात्र रहे काबूस

    सुल्तान काबूस ने भारत में पढ़ाई की थी। पूर्व राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा पुणे में उनके शिक्षक थे। सुल्तान काबूस के पिता अजमेर के मेयो कॉलेज के पूर्व छात्र थे। उन्होंने काबूस को पुणे में पढ़ने भेजा था।

  2. मोदी ने काबूस को अरब क्षेत्र और दुनिया के लिए शांति का प्रतीक बताया था। उन्होंने ट्वीट किया, “सुल्तान काबूस एक दूरदर्शी नेता और राजनेता थे, जिन्होंने ओमान को एक आधुनिक और समृद्ध राष्ट्र में बदला।काबूस भारत के सच्चे दोस्त थे और उन्होंने दोनों देशों के बीच एक जीवंत रणनीतिक साझेदारी विकसित करने में अहम योगदान दिया। मैं हमेशा उनसे मिली गर्मजोशी और स्नेह को संजोकर रखूंगा।”

  3. एक भारतीय राजनयिक ने मस्कट से बताया कि उन्हें अपने छात्र दिनों की बहुत सारी बातें याद थी। यही कारण है कि वह भारतीय समुदाय की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहते थे। वे हमेशा भारत के अनुरोधों के प्रति बहुत उदार रहे हैं। सुल्तान काबूस ने केरल के पादरी टॉम उझुन्नालिल को यमन से रिहा करवाने में अहम भूमिका निभाई। टॉम उझुन्नालिल को मार्च 2016 में अगवा कर लिया गया था और सितंबर 2017 में रिहा कर दिया गया था। 

  4. सुल्तान काबूस ने भारत के साथ बेहतर संबंध स्थापित किएः प्रतीक कुमार

    दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास के असिस्टेंट प्रोफेसर प्रतीक कुमार ने कहा, “सुल्तान के निधन से न सिर्फ ओमान बल्कि पूरा विश्व समुदाय दुखी है। उन्होंने भारत के साथ संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। खासकर पिछले एक दशक में उनके भारत के साथ राजनीतिक और व्यापारिक संबंध अधिक प्रगाढ़ हुए। उनके कार्यकाल में दिल्ली-मस्कट मैरीटाइम ट्रांसपोर्ट एग्रीमेंट पर भी समझौता हुआ। भारत शांतिप्रिय देश है, इसलिए ओमान के नए शासक से भी संबंध बेहतर रहने की संभावना है।”

  5. ओमान में 7.7 लाख भारतीय रहते हैं

    ओमान में 7.7 लाख भारतीय रहते हैं और इसमें 6.55 लाख कामगार और नौकरीपेशा लोग शामिल हैं। ओमान में पिछले 150-200 सालों से भारतीय परिवार रहते आ रहे हैं। हजारों की संख्या में वहां डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, शिक्षक, प्रोफेसर, नर्सेस और मैनेजर भारतीय हैं। भारत अब नए सुल्तान हैथम बन तारिक के साथ बेहतर संबंध की अपेक्षा रखता है, ताकि वहां रह रहे भारतीय समुदाय के कल्याण की दिशा में काम किया जा सके। 

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