प्रधानमंत्री बनने के 12 घंटे के अंदर इस्तीफा:स्वीडन की पहली महिला PM मैग्डेलेना एंडरसन की सरकार ने खोया बहुमत, फिर से चुने जाने की संभावना

स्टॉकहोम7 दिन पहले
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स्वीडन की पहली महिला प्रधानमंत्री मैग्डेलेना एंडरसन ने चुने जाने के 12 घंटे के अंदर इस्तीफा दे दिया। एंडरसन ने 3 पार्टियों के साथ गंठबंधन कर सरकार बनाई थी। इनमें ग्रीन पार्टी और सेंटर पार्टी ने अपना समर्थन वापस ले लिया। एंडरसन को उम्मीद है कि, सरकार में अकेली बची पार्टी होने के कारण उन्हें फिर से प्रधानमंत्री बनाया जाएगा।

देश की वित्त मंत्री रह चुकी एंडरसन इस महीने की शुरुआत में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी की लीडर चुनी गई थीं। स्वीडन की संसद ने बुधवार को मैग्डेलेना एंडरसन को देश की पहली महिला प्रधानमंत्री के तौर पर मंजूरी दी थी।

बजट को लेकर हुआ विरोध
एंडरसन ने लेफ्ट पार्टी और सेंटर पार्टी के गठबंधन से सरकार बनाई थी, लेकिन सेंटर पार्टी ने नई सरकार के फाइनेंशियल बजट का समर्थन करने से इनकार कर दिया। वहीं, ग्रीन पार्टी ने बजट खारिज होने के बाद, गठबंधन तोड़ दिया। ग्रीन पार्टी की तरफ से गठबंधन तोड़ने के बाद एंडरसन के पास इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

हालांकि, एंडरसन के दोबारा से PM चुने जाने की संभावना है। ग्रीन पार्टी ने कहा है कि वह संसद में अगले समर्थन वोट के लिए एंडरसन का साथ देगी। वहीं, सेंटर पार्टी ने वोटिंग में मौजूद न रहने का फैसला लिया है। सेंटर पार्टी के वॉकआउट करने से एंडरसन को फायदा ही होगा। लेफ्ट पार्टी पहले से ही एंडरसन के साथ है।

1 वोट के अंतर से हासिल की थी जीत

जीत के बाद सांसदो ने स्टैंडिंग ओवेशन देकर मैग्डेलेना एंडरसन का अभिवादन किया था
जीत के बाद सांसदो ने स्टैंडिंग ओवेशन देकर मैग्डेलेना एंडरसन का अभिवादन किया था

एंडरसन बुधवार को संसद में बहुमत के आंकड़े(175) से दूर थी। वोट कम होने के बावजूद उन्हें PM चुना गया। स्वीडन में प्रधानमंत्री बनने के लिए संसद में बहुमत की जरूरत नहीं होती, बशर्ते बहुमत के आंकड़े के बराबर सांसद किसी कैंडिडेट का विरोध न करे।

संसद के 349 मेंबर्स में से 174 ने एंडरसन के खिलाफ वोट किया था। हालांकि, 117 सांसदों ने उनका समर्थन किया था। 57 सांसदो ने वोटिंग मे हिस्सा नहीं लिया। वहीं, 1 सांसद अनुपस्थित थे।

1996 में रखा था राजनिति में कदम
एंडरसन ने अपने पॉलिटिकल करियर की शुरुआत 1996 में की थी। वह PM गोरान पर्सन की पॉलिटिकल एडवाइजर थीं। वह उप्साला यूनिवर्सिटी से पढ़ी हैं और जूनियर स्विमिंग चैंपियन भी रह चुकी हैं। सरकार बनने के बाद विपक्षी पार्टियों ने भी सरकार के बजट का विरोध करने की बात कही थी।