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ताइवान पर चीन की नजर:ताइवान के रक्षा मंत्री बोले- चीन 2025 तक कर सकता है बड़ा हमला, बार-बार कर रहा घुसपैठ

ताइपे2 महीने पहले
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ताइवान के रक्षा मंत्री ने कहा है कि दो दिन पहले ही उनके इलाके में चीन के 56 लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी है। - Dainik Bhaskar
ताइवान के रक्षा मंत्री ने कहा है कि दो दिन पहले ही उनके इलाके में चीन के 56 लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी है।

ताइवान और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच लेकर रक्षा मंत्री चिउ कुओ-चेंग का बयान सामने आया है। उन्होंने ताइवान की संसद में कहा कि चीन 2025 तक इतना सक्षम हो जाएगा कि हर क्षेत्र में आक्रमण कर सकेगा। रक्षा मंत्री ने कहा कि चीन लगातार घुसपैठ की कोशिश कर रहा है और उसके लड़ाकू विमान ताइवान के हवाई क्षेत्रों में बार-बार उड़ान भरते रहते हैं। चीन के पास अभी भी युद्ध करने की क्षमता है, लेकिन वह आसानी से युद्ध नहीं करेगा। पहले चीन अपनी विकास दर को सुधारेगा और पलायन को 2005 तक सबसे निचले स्तर पर ले जाएगा।

चीन से मौजूदा तनाव को लेकर एक सांसद ने रक्षा मंत्री चेंग से सवाल किया था। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि पिछले 40 सालों के मुकाबले इस बार स्थिति सबसे गंभीर है। दो दिन पहले ही यानी सोमवार को ताइवान के क्षेत्रों में चीन के 56 लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी है। इस खतरे से निपटने के लिए हमने भी अपने लड़ाकू विमानों को उतारा है, हालांकि कोई फायर नहीं किया गया। चेंग ने कहा कि पिछले हफ्ते करीब 150 चीनी लड़ाकू विमानों ने ताइवान के हवाई क्षेत्र में घुसपैठ की थी।

ताइवान के मुद्दे पर अमेरिका ने चीन से बात की
इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा था कि उन्होंने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से ताइवान के मुद्दे पर बात की है और ताइवान समझौते का पालन करने को कहा है। इस पर जिनपिंग ने सहमति जताई है। जबकि ताइवान के राष्ट्रपति साई इंग वेन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर चीन ने हमला किया तो नतीजे अच्छे नहीं होंगे।

ताइवान से इसलिए तिलमिलाया हुआ है चीन
चीन में गृहयुद्ध खत्म होने के बाद ताइवान अलग होकर 7 दशक से ज्यादा समय से स्वशासित राज्य है। भले ही चीन ने 2.4 करोड़ आबादी वाले ताइवान पर कभी शासन नहीं किया, लेकिन वह इसे अपना अविभाजित हिस्सा मानता है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग कह चुके हैं कि जरूरत पड़ी तो ताइवान पर कब्जा करने के लिए सैन्य इस्तेमाल से नहीं हिचकेंगे। वहीं ताइवान ने हाल ही में ट्रांस-पैसिफिक मुक्त-व्यापार समझौते (CPTPP) में शामिल होने के लिए आवेदन दिया है, जबकि चीन इसके खिलाफ है और 23 सितंबर को विरोध जता चुका है। अब बौखलाहट में वह ताइवान में लड़ाकू विमान भेज रहा है।

ताइवान के रक्षा क्षेत्र की मैपिंग कर रहा चीन
चीन अगर ताइवान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करता है तो उसे खुफिया जानकारी की जरूरत होगी। उसे पता करना होगा कि ताइवानी सेना कैसे जवाब देगी। इसीलिए ताइवान के रक्षा क्षेत्र में विमान भेजकर चीन मैपिंग कर रहा है। यह एक तरह से कार्रवाई का पूर्व अभ्यास है।

चीन के मुकाबले बेहद कमजोर है ताइवान
ताइवान के पास चीन से मुकाबले के लिए लड़ाकू विमान नहीं है। उसका स्क्वाड्रन भी 30 साल पुराना है। अगर ताइवान चीन के उकसावे में आकर उसकी उड़ानों की बराबरी करेगा तो मुश्किल में फंस सकता है।