काबुल में दो महीने बाद खुले स्कूल:तालिबान स्कूल बंद करने पर अड़ा पर लड़कियों में स्कूल जाने की खुशी, पढ़ने की आजादी का जश्न मनाया

काबुल3 महीने पहले
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पहले दिन कई लड़कियां स्कूल पहुंची और पढ़ाई के लिए आजादी का जश्न मनाया। वो भी तब, जब देश में तालिबान का आतंक बढ़ गया है। - Dainik Bhaskar
पहले दिन कई लड़कियां स्कूल पहुंची और पढ़ाई के लिए आजादी का जश्न मनाया। वो भी तब, जब देश में तालिबान का आतंक बढ़ गया है।

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार को लड़कियों का सबसे बड़ा स्कूल दो माह बाद दोबारा खुला। यह कोरोना के कारण बंद था। पहले दिन कई लड़कियां स्कूल पहुंची और पढ़ाई के लिए आजादी का जश्न मनाया। वो भी तब, जब देश में तालिबान का आतंक बढ़ गया है। और वो 10 साल या इससे ऊपर की लड़कियों के स्कूल बंद कराना चाहता है।

काबुल के इस गर्ल्स हाई स्कूल में करीब 8500 छात्राएं पढ़ती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब 4 करोड़ की आबादी वाले अफगानिस्तान में 90 लाख बच्चे हैं। इनमें से 37 लाख बच्चे पढ़ाई से दूर हैं। पढ़ने वाले बच्चों में 66% लड़के और 37% लड़कियां हैं।

पढ़ाई से वंचित बच्चों में 60% लड़कियां
वहीं, पढ़ाई से वंचित बच्चों में 60% लड़कियां हैं। स्कूल के टीचर बताते हैं कि लड़कियां पढ़ना तो चाहती हैं। लेकिन परिवार तालिबान के खौफ और आए दिन होने वाले विस्फोट के कारण उन्हें स्कूल नहीं भेजना चाहते हैं।

1999 में तालिबानी शासन जब चरम पर था, तब एक भी लड़की को माध्यमिक विद्यालय में दाखिल नहीं किया गया था। साथ ही पात्र (9,000) में से केवल 4% प्राथमिक विद्यालयों में थीं। यदि अब तालिबान लौटा तो हालात फिर बिगड़ सकते हैं।

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