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तालिबानी हुकूमत:तालिबानी क्रूरता की दिल दहला देने वाली तस्वीर; मां-बाप के सामने बच्चों को मारा, घर में सो रहे बुजुर्गों को गोलियों से भून डाला

5 महीने पहले

अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबानी क्रूरता की तस्वीर हर रोज सामने आ रही है। अफगानिस्तान के पूर्व गृह मंत्री मसूद अंदाराबी ने सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें पोस्ट की हैं। उन्होंने दावा किया है कि तालिबानी परिवार के सामने बच्चों की हत्या कर रहे हैं। घर में सो रहे बुजुर्गों को गोलियों से भून दे रहे हैं।

मसूद के मुताबिक, ये सब कुछ लोगों में खौफ पैदा करने के लिए किया जा रहा है। मसूद ने आगे बताया कि तालिबान अपनी क्रूरता से सत्ता को मजबूत करना चाहता है। मसूद अंदराबी को इसी साल मार्च में राष्ट्रपति अशरफ गनी ने बर्खास्त कर दिया था।

तालिबान का दावा-नॉर्दर्न अलायंस के कमांडर ने 300 लड़ाकों के साथ किया समपर्ण
तालिबान ने एक वीडियो जारी कर दावा किया है कि पंजशीर में विद्रोही गुट नॉर्दर्न अलायंस के एक शीर्ष कमांडर अब्दुल हमीद खुरासानी ने अपने 300 लड़ाकों के साथ समपर्ण कर दिया है। खुरासानी तालिबान का कट्टर दुश्मन था और पंजशीर का चर्चित कमांडर है। इसने कुछ दिन पहले तालिबान के प्रति वफादारी जाहिर की थी। खुरासानी ने कहा है कि पंजशीर के दूसरे कमांडर और लड़ाके भी खून खराबा रोकें और तालिबान के समर्थन में आएं।

इधर, टोलो न्यूज के पत्रकार जियार खान याद को तालिबान लड़ाकों ने काबुल में रिपोर्टिंग के दौरान उनके साथ मारपीट की और कैमरा तोड़ दिया।

पंजशीर के नॉर्दर्न अलायंस के शीर्ष कमांडर अब्दुल हमीद खुरासानी (दाएं से दूसरे) ने अपने 300 लड़ाकों के साथ समपर्ण किया है। ये तालिबान का दाव है।
पंजशीर के नॉर्दर्न अलायंस के शीर्ष कमांडर अब्दुल हमीद खुरासानी (दाएं से दूसरे) ने अपने 300 लड़ाकों के साथ समपर्ण किया है। ये तालिबान का दाव है।

दुनिया के सामने झुका तालिबान- 31 अगस्त के बाद भी लोगों को देश छोड़ने की इजाजत दी
अफगानिस्तान छोड़कर जाने वाले लोग 31 अगस्त के बाद भी देश से बाहर जा सकेंगे। तालिबान ने इसकी इजाजत दे दी है। समाचार एजेंसी एएफपी ने जर्मन एम्बेंसी के हवाले से इसकी जानकारी दी है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन कई बार बोले चुके हैं कि 31 अगस्त के बाद उनकी सेना अफगानिस्तान छोड़ देगी।

फिलहाल काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिका समेत नाटो देश की सेनाओं का नियंत्रण है। यहां विभिन्न देशों के नागरिकों को निकालने का काम चल रहा है। सोमवार को G7 के देशों ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति से 31 अगस्त की डेडलाइन को आगे बढ़ाने की मांग की थी।

तालिबानी प्रवक्ता ने भी अमेरिका को धमकी भरे लहजे में कहा था कि वो 31 अगस्त तक किसी भी हाल में अफगानिस्तान से अपनी सेना लेकर लौट जाए। हालांकि, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों ने तालिबान को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर तय समय सीमा में लोगों को नहीं निकाला जा सका तो उसके बाद भी रेस्क्यू का काम जारी रखेंगे।

अफगानिस्तान से अब तक 87 हजार 900 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है।
अफगानिस्तान से अब तक 87 हजार 900 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है।

तालिबानी कब्जे के बाद 87 हजार से ज्यादा लोगों को काबुल से निकाला गया
काबुल पर तालिबान के कब्जे के बाद से अभी तक कम-से-कम 87 हजार 900 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है। अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस ने बताया कि मंगलवार से अब तक 42 अमेरिकी सैन्य विमानों से 19 हजार लोगों को निकाला गया है। इनमें 11,200 अमेरिकी और 48 सहयोगी देशों के 7,800 नागरिक शामिल हैं।

व्हाइट हाउस की प्रिंसिपल डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी कैरीन जॉ पियर ने ट्वीट कर बताया कि 14 अगस्त से अभी तक अमेरिका ने अपने और सहयोगी देशों के सैन्य विमानों से 82 हजार 300 लोगों को बाहर निकाला गया है। वहीं केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को बताया कि भारत ने भी 626 लोगों को बाहर निकाला है। इनमें 228 भारतीय हैं।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को बताया कि भारत ने भी 626 लोगों को बाहर निकाला है। इनमें 228 भारतीय हैं।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को बताया कि भारत ने भी 626 लोगों को बाहर निकाला है। इनमें 228 भारतीय हैं।

महिलाओं के लिए तालिबानी फरमान, कहा- हमारे लड़ाके आपकी इज्जत करने के लिए ट्रेंड नहीं, घर में ही रहें
अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के बाद कामकाजी महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर खौफजदा हैं। अमेरिका समेत दुनियाभर के देशों ने इस पर चिंता जताई है। इस बीच, तालिबान के प्रवक्ता ने महिलाओं के लिए अजीब फरमान जारी किया है। तालिबान के प्रवक्ता जबिउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि हमारे लड़ाके महिलाओं की इज्जत करने के लिए ट्रेंड नहीं हैं, इसलिए कामकाजी महिलाओं से हमारी अपील है कि वे काम के लिए घर से बाहर न निकलें। पढ़ें पूरी खबर..

पंजशीर में बगावत से घबराया पाकिस्तान, ताजिकिस्तान बोला- तालिबानी हुकूमत मंजूर नहीं
पंजशीर में तालिबान और नॉर्दर्न अलायंस के लड़ाकों के बीच जंग से तालिबान के साथ पाकिस्तान भी घबराया हुआ है। इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को अफगानिस्तान के पड़ोसी देशों को साधने की जिम्मेदारी दी है। कुरैशी बुधवार को तालिबानियों के समर्थन में पड़ोसी देशों को साधने में जुट गए।

इसी क्रम में वे तुर्कमेनिस्तान, उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान पहुंचे। रिपोर्ट के मुताबिक ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमाम अली रहमान ने कुरैशी से कहा है कि अफगानिस्तान में ताजिक मूल के 46% लोग रहते हैं। ताजिकिस्तान ऐसी सरकार को स्वीकार नहीं करेगा जिसमें सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व न हो। उन्होंने आरोप लगाया कि अफगानिस्तान में ताजिक मूल के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। पंजशीर घाटी में भी अधिकतर ताजिक लोग ही रहते हैं।

अफगानिस्तान की एक चौथाई आबादी ताजिक मूल की
एक अनुमान के मुताबिक अफगानिस्तान की एक चौथाई आबादी ताजिक मूल की है। ताजिक पश्तूनों के बाद अफगानिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा नस्लीय समूह है। कुछ दिन पहले रूसी मीडिया में दावा किया गया था कि ताजिकिस्तान ने पंजशीर के लड़ाकों के लिए हथियार और अन्य आपूर्ति भेजी है। हालांकि इस खबर की पुष्टि नहीं हो सकी थी।

पंजशीर इस समय चारों तरफ से तालिबान के नियंत्रण वाले इलाकों से घिरा है और वहां अभी सिर्फ हवाई मार्ग से ही जाया जा सकता है। ऐसे में ताजिकिस्तान के पंजशीर में हथियार भेजने के दावों की पुष्टि कर पाना मुश्किल है। ताजिकिस्तान के भारत से भी नजदीकी संबंध हैं।

पंजशीर ने कहा- किसी भी परिस्थिति में आत्मसमर्पण नहीं करेंगे, तालिबान बोला- घाटी में पहुंच गए हैं
नॉर्दर्न अलायंस के नेता अहमद मसूद ने कहा है कि पंजशीर किसी भी परिस्थिति में आत्मसमर्पण नहीं करेगा। उन्होंने कहा है कि तालिबान से वार्ता चल रही है। वहीं तालिबान से जुड़े सूत्रों ने दावा किया है कि आज सुबह से बगलान और अंद्राब में लड़ाई रुकी हुई है। उसके लड़ाके पंजशीर घाटी में पहुंच गए हैं। स्थानीय सूत्रों ने दावा किया कि ताजिकिस्तान ने पंजशीर के लड़ाकों को 3 हेलिकॉप्टर में हथियार भेजे हैं। पंजशीर घाटी में हेलिकॉप्टर भेजने की ये तस्वीर 23-24 अगस्त को वायरल हुई थी।

पंजशीर और ताजिकिस्तान के बीच सीधा सड़क मार्ग नहीं
अभी पंजशीर और ताजिकिस्तान के बीच सीधा सड़क मार्ग नहीं हैं। पंजशीर को ताजिकिस्तान से सीधा कॉरिडोर बनाने के लिए उत्तरी प्रांतों के जिलों को तालिबान से मुक्त कराना होगा जो आसान काम नहीं है। हालांकि कई सूत्रों ने पंजशीर में ताजिकिस्तान के हेलिकॉप्टर भेजने की तस्वीर को फेक बताया है। उनका दावा है कि ये दिसंबर 2013 की है, जिसे अब वायरल किया जा रहा है।

तालिबान को ईरान से मिल रहे हथियार
ताजिकिस्तान आधिकारिक तौर पर ताजिक मूल के लोगों के साथ रहा है। भारत का भी करीबी दोस्त है, लेकिन ताजिकिस्तान के लिए सीधे पंजशीर तक मदद पहुंचाना भी आसान नहीं है। अब तालिबान के पास कई मॉडर्न हथियार हैं जो हेलिकॉप्टर को मार गिरा सकते हैं। कुछ सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि तालिबान को ईरान से भी रॉकेट लॉन्चर मिले हैं जो हेलिकॉप्टर के खिलाफ घातक हो सकते हैं।

तालिबान ने कहा- पंजशीर पर भी जल्द होगा हमारा कंट्रोल
तालिबान ने कहा है कि इस्लाम के जानकार ही अफगानिस्तान में सरकार को चलाएंगे। तालिबान ने बताया कि 20 साल के अपने संघर्ष को खाली नहीं जाने देंगे। नई सरकार की अगुआई इस्लाम को जानने वाले ही करेंगे। अफगानिस्तान की खामा प्रेस के मुताबिक, तालिबान ने कई धार्मिक जानकारों को बुलाया है। तालिबान उनसे मजबूत राजनीतिक व्यवस्था तैयार करने के लिए समर्थन मांगने जा रहा है। जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा है तालिबान एक समावेशी सरकार बना रहा है जिसमें सभी लोगों के अधिकार सुरक्षित होंगे।

उन्होंने कहा कि भाषा, संप्रदाय और विचार भले ही अलग हों, लेकिन हर किसी को अफगानिस्तान की तरक्की के लिए आगे आकर और साथ मिलकर काम करना चाहिए। वहीं तालिबान ने यह भी दावा किया है कि पंजशीर भी जल्द उसके कंट्रोल में होगा। पंजशीर में तालिबान और नॉर्दर्न अलायंस के बीच संघर्ष चल रहा है।

तालिबान ने ऑस्ट्रेलियाई नागरिक को बुरी तरह पीटा

अफगानिस्तान से वीडियो सामने आया है, जिसमें एक शख्स खून से सना हुआ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो में वह बता रहा है कि तालिबान उसे एयरपोर्ट में दाखिल नहीं होने दे रहे हैं। यह शख्स तालिबान से कह रहा है कि वह ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है, लेकिन कोई उसकी एक नहीं सुन रहा। वीडियो बनाने के दौरान भी तालिबानी उसे मारने आगे बढ़े। इस व्यक्ति को बुरी तरह पीटा गया।

तालिबान ने कल प्रेस वार्ता में कहा था कि वो अफगानी लोगों को एयरपोर्ट नहीं जाने देगा, लेकिन वीडियो देखकर लग रहा है कि वह अन्य देश के लोगों को भी रोक रहा है।

अफगानी कार्यकर्ता ने कहा- विरोधियों की पहचान कर उन्हे मार रहे तालिबानी
अफगानी मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का आरोप है कि तालिबान आम माफी के नाम पर तालिबान विरोधी लोगों की पहचान कर रहे हैं और उनकी हत्याएं कर रहे हैं। काबुल के बाहर हो रही इस तरह की हत्याओं पर मीडिया भी बात नहीं कर रहा है।

अफगानिस्तान से जुड़े मानवाधिकार कार्यकर्ता शौकत मंगल के बारे में लिख रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने जाबुल प्रांत में आत्मसमर्पण किया था और आज उन्हें खोस्त प्रांत में मार दिया गया।
अफगानिस्तान से जुड़े मानवाधिकार कार्यकर्ता शौकत मंगल के बारे में लिख रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि उन्होंने जाबुल प्रांत में आत्मसमर्पण किया था और आज उन्हें खोस्त प्रांत में मार दिया गया।

भारत को अफगानिस्तान में समावेशी सरकार की उम्मीद
मीडया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अफगानिस्तान में नई सरकार बनने के बाद भारत सरकार वहां के सभी पक्षों से बात कर सकती है। हालांकि अफगानिस्तान की नई सरकार को मान्यता देने के बारे में दुनिया के किसी देश ने औपचारिक फैसला नहीं लिया है, लेकिन जरूरत पड़ने पर भारत सरकार तालिबान से बात कर सकती है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में भारत में मंगलवार को बताया कि उसे अफगानिस्तान में समावेशी सरकार बनने की उम्मीद है। तालिबान भी कहता आया है कि वह ऐसी सरकार बनाएगा जिसमें सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व मिलेगा।

मंगलवार को पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अफगानिस्तान के हालात पर चर्चा की। (फाइल फोटो)
मंगलवार को पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अफगानिस्तान के हालात पर चर्चा की। (फाइल फोटो)

मंगलवार को पीएम मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अफगानिस्तान के हालात पर चर्चा की। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने अफगानिस्तान से ड्रग्स की सप्लाई के बढ़ते खतरे का मुकाबला करने के लिए आपसी सहयोग बढ़ाने की बात की थी।

ऑल-गर्ल अफगान रोबोटिक्स टीम ने मेक्सिको में ली शरण
तालिबानी हुकूमत की त्रासदी झेल रहे अफगानिस्तान के लोग हर हाल में अपना देश छोड़ना चाहते हैं। इस बीच ऑल-गर्ल अफगान रोबोटिक्स टीम की 5 लड़कियां शरण के लिए मंगलवार शाम मेक्सिको पहुंची। मेक्सिको सिटी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर यहां की उप विदेश मंत्री मार्था डेलगाडो ने लड़कियों का स्वागत किया गया। (यहां पढ़ें पूरी खबर...)

इस टीम ने मार्च 2020 में एक ओपन-सोर्स और कम लागत वाला वेंटिलेटर बनाने पर काम किया था। यह लड़कियां रोबोट के लिए इंटरनेशनल अवार्ड्स भी जीत चुकी हैं।
इस टीम ने मार्च 2020 में एक ओपन-सोर्स और कम लागत वाला वेंटिलेटर बनाने पर काम किया था। यह लड़कियां रोबोट के लिए इंटरनेशनल अवार्ड्स भी जीत चुकी हैं।

पाकिस्तान ने तालिबान को सौंपी आतंकियों की लिस्ट
पाकिस्तान ने तालिबान प्रमुख हिब्तुल्ला अखुंदजादा को आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के मोस्टवॉन्टेड आतंकियों के नाम सौंपे हैं। ये संगठन अफगानिस्तान में सक्रिय है। पाकिस्तान इन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई चाहता है।

खबरों के मुताबिक, पाकिस्तान का दावा है कि TTP अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल क्रॉस-बॉर्डर आतंक फैलाने के लिए कर रहा है। अखुंदजादा ने पाकिस्तान के इस दावे की जांच करने के लिए तीन सदस्यों की कमेटी का गठन किया है।

पाकिस्तान का दावा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान आतंकी संगठन अफगानिस्तान में सक्रिय है और क्रॉस-बॉर्डर हमले कर सकता है।
पाकिस्तान का दावा है कि तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान आतंकी संगठन अफगानिस्तान में सक्रिय है और क्रॉस-बॉर्डर हमले कर सकता है।

ऑनलाइन वीजा पर ही भारत आ सकेंगे अफगानी नागरिक
भारत के गृह मंत्रालय ने बताया है कि अफगानिस्तान के सभी नागरिक अब सिर्फ ई-वीजा यानी ऑनलाइन वीजा लेकर ही भारत आ सकेंगे। अफगानिस्तान में सुरक्षा की खराब व्यवस्था को देखते हुए मंत्रालय ने यह फैसला लिया है।

अफगानी पैरालिंपिक टीम के दो सदस्यों का रेस्क्यू
अफगानिस्तान पैरालिंपिक टीम के दो सदस्यों को अफगानिस्तान से निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। इंटरनेशनल पैरालिंपिक कमिटी (IPC) ने बुधवार को दोनों खिलाड़ियों के अफगान से बाहर निकाले जाने की पुष्टि की है, हालांकि ये दोनों खिलाड़ी टोक्यो में शुरू हुए पैरालिंपिक गेम्स में भाग नहीं पाएंगे। (यहां पढ़ें पूरी खबर...)

अफगानिस्तान से भारत आए 78 लोगों में से कोई भी संक्रमित नहीं: ITBP
अफगानिस्तान से मंगलवार को भारत आए 78 लोगों में से कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं है। ITBP ने इसकी पुष्टि की है। इससे पहले 16 लोगों के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की खबर आई थी। एहतिहातन सभी 78 लोगों को क्वारैंटाइन किया गया है। (यहां पढ़ें पूरी खबर...)

दिल्ली एयरपोर्ट पर मंगलवार को अफगानिस्तान से आए लोग। इन्हें 14 दिन के क्वारैंटाइन के लिए ITBP के कैंप ले जाया गया है।
दिल्ली एयरपोर्ट पर मंगलवार को अफगानिस्तान से आए लोग। इन्हें 14 दिन के क्वारैंटाइन के लिए ITBP के कैंप ले जाया गया है।

अफगानिस्तान में बदतर होते जमीनी हालात
तालिबान के कब्जे के बाद से अफगानिस्तान में बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। एटीएम खाली हैं। खाने-पीने, दवाई से लेकर हर जरूरी सामान की कीमतें तीन गुना तक बढ़ गई हैं। बड़ी संख्या में महिला नर्स काम पर नहीं लौटी हैं। WHO ने कहा है कि काबुल एयरपोर्ट पर लगे प्रतिबंध के कारण 500 टन से ज्यादा मेडिकल सप्लाई अफगानिस्तान नहीं पहुंच पा रही है। (पूरी खबर यहां पढ़ें...)

काबुल के एक अस्पताल में इलाज कराते हुए गोली लगने से घायल हुए लोग।
काबुल के एक अस्पताल में इलाज कराते हुए गोली लगने से घायल हुए लोग।

G7 देश 31 अगस्त के बाद भी जारी रखेंगे रेस्क्यू ऑपरेशन
दुनिया की 7 बड़ी अर्थव्यवस्था वाले देशों (G7) ने सोमवार को तालिबान से साफ शब्दों में कहा कि वे 31 अगस्त के बाद भी अफगानिस्तान में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी रखेंगे। तालिबान से बस इतना कहना है कि वह सुरक्षित रास्ता दे। समूह में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान शामिल हैं।

समूह ने कहा कि अफगानिस्तान के लोगों का सुरक्षित जीवन सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है। हमारी कोशिश होगी कि महिलाओं के अधिकारों समेत आतंकवाद और मानवाधिकार पर तालिबान को जवाबदेह बनाया जाएगा। वहीं यूरोपीय संघ ने अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने तक काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी सेना तैनात रखने की मांग की है।

मंगलवार को G7 देशों ने अफगानिस्तान के हालात को लेकर वर्चुअल बैठक की।
मंगलवार को G7 देशों ने अफगानिस्तान के हालात को लेकर वर्चुअल बैठक की।

जो बाइडेन अपने फैसले पर टिके
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने G7 के देशों से कहा है कि 31 अगस्त तक किसी भी सूरत में उनकी सेना अफगानिस्तान छोड़ देगी। बाइडेन ने कहा, काबुल एयरपोर्ट का संचालन फिलहाल हमारी सेना देख रही है, लेकिन वहां स्थिति ऐसी है कि कभी भी उन पर बड़ा आतंकवादी हमला हो सकता है। इसे देखते हुए हमारा वहां से तय समय के मुताबिक निकलना बेहतर होगा। (यहां पढ़ें पूरी खबर...)

बाइडेन ने कहा, काबुल एयरपोर्ट पर बड़ा आतंकवादी हमला हो सकता है। ऐसे में सेना को वहां ज्यादा दिन रुकने को नहीं कह सकते।
बाइडेन ने कहा, काबुल एयरपोर्ट पर बड़ा आतंकवादी हमला हो सकता है। ऐसे में सेना को वहां ज्यादा दिन रुकने को नहीं कह सकते।

तालिबान ने की अफगानियों से अपील- अपना देश छोड़कर न जाएं
तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मुजाहिद ने एक बार फिर अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि नाटो की सेना 31 अगस्त तक किसी भी हाल में अफगानिस्तान छोड़कर चली जाए। हम इसकी समय सीमा बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं। उसने अमेरिका से अनुरोध किया कि वो अफगानिस्तान के काबिल लोगों को ना लेकर जाएं।

मुजाहिद ने कहा कि अमेरिका को डॉक्टरों, इंजीनियरों और पढ़े-लिखे एलीट वर्ग को अपने देश आने के लिए प्रोत्साहित नहीं करना चाहिए। साथ ही यह भी कहा कि एयरपोर्ट पर अफरातफरी के माहौल की वजह से वे अफगान नागरिकों को एयरपोर्ट नहीं जाने दे रहे हैं। तालिबान ने अफगान नागरिकों से कहा है कि वो देश छोड़कर न जाएं। मुजाहिद ने कहा कि महिलाओं को अभी अपनी सुरक्षा की वजह से घरों में ही रहना चाहिए।

तालिबान महिलाओं के काम करने पर स्थायी रोक नहीं लगाएंगे
उन्होंने कहा कि तालिबान महिलाओं के काम करने पर स्थायी रोक नहीं लगाएंगे। जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि तालिबान पंजशीर के मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि तालिबान ने किसी को भी निशाना नहीं बनाया है और घरों की तलाशी नहीं ली गई है। मुजाहिद ने कहा कि हम एक नई व्यवस्था, नई सरकार बनाना चाहते हैं और अफगानिस्तान का राष्ट्र निर्माण करना चाहते हैं। उन्होंने काबुल से सभी बैरियरों को हटाए जाने और बुधवार से बैंकों के खुलने की घोषणा भी की।

देश छोड़कर गए लोग लौट आएं, दूतावास को देंगे पूरी सुरक्षा
अमेरिकी खुफिया एजेंसी के प्रमुख से मुल्ला बरादर की मीटिंग के सवाल पर उन्होंने किसी भी जानकारी से इनकार किया। मुजाहिद ने देश छोड़ चुके अफगानी नेताओं को लेकर कहा कि हमारी किसी से दुश्मनी नहीं है और न हमने ऐसे लोगों की कोई सूची ही बनाई है। जो लोग देश छोड़कर बाहर गए हैं, वे लौट आएं। हमने अतीत की सभी बातों को भुला दिया है। मुजाहिद ने दूसरे देशों के दूतावास को सुरक्षा का आश्वासन देते हुए कहा, हम नहीं चाहते कि विदेशी दूतावास बंद हों या काम बंद करें। हमने उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया है।

तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि जो लोग देश छोड़कर बाहर गए हैं, वे लौट आएं। हमने अतीत की सभी बातों को भुला दिया है।
तालिबान प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने कहा कि जो लोग देश छोड़कर बाहर गए हैं, वे लौट आएं। हमने अतीत की सभी बातों को भुला दिया है।

तालिबान ने काबुल में संयुक्त राष्ट्र के कुछ परिसरों पर कब्जा किया, आवाजाही पर रोक लगाई
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने संयुक्त राष्ट्र की एक आंतरिक रिपोर्ट के हवाले से ये खबर दी है कि तालिबान ने काबुल स्थित संयुक्त राष्ट्र के परिसरों पर कब्जा कर लिया है। तालिबानियों ने यहां ऑफिस की तलाशी ली और तोड़फोड़ भी की है। यहां आने-जाने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। लड़ाकों ने वहां तैनात गार्ड से एक कमांडर और उसके आदमियों के लिए भोजन उपलब्ध कराने की भी मांग की है।

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