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तालिबानी हुकूमत:तालिबान के टॉप लीडर का बयान- अफगानिस्तान में इस्लामी कानून चलेगा, धर्म के जानकार तय करेंगे महिलाओं की भूमिका

नई दिल्लीएक वर्ष पहले

अफगानिस्तान में तालिबान सरकार की वापसी हो गई है। तालिबान का सह-संस्थापक और राजनीतिक प्रमुख मुल्ला बरादर दोहा से कंधार लौट आया है। तालिबान के शासन में वह अफगानिस्तान का राष्ट्रपति हो सकता है। अफगानिस्तान से जुड़ी हर खबर का अपडेट यहां पढ़ें...

इस बीच, रॉयटर्स के हवाले से तालिबान के एक टॉप लीडर ने कहा है कि अफगानिस्तान में इस्लामिक कानून चलेगा, यहां लोकतंत्र का राज नहीं होगा। लोगों को शरीयत के हिसाब से ही चलना होगा। इस्लाम का कानून हमारे लिए सर्वोपरी है। जहां तक महिलाओं की बात है तो उनके बारे में हमारे धार्मिक नेता ही फैसला करेंगे। इस्लामिक विद्वान अफगानिस्तान में महिलाओं की भूमिका तय करेंगे।

कंधार में अफगानी सेना के 4 कमांडरों की सरेआम हत्या
तालिबानियों ने अफगानी सेना के 4 कमांडरों को कंधार के एक स्टेडियम में भीड़ के सामने मौत के घाट उतार दिया। सूत्रों के मुताबिक, घटना 15 अगस्त की है। इसी दिन राजधानी काबुल पर अफगानियों ने कब्जा किया था। इन कमांडरों ने 13 अगस्त को तालिबान के सामने आत्मसमर्पण किया था। इनमें से एक कमांडर हाशिम रेगवाल भी हैं।

तालिबान ने अपने लड़ाकों के नाखून उखाड़ देने वाले पुलिस अफसर को भी मारा
इधर, तालिबान समर्थकों ने कंधार में ही शाह वली कोट के पुलिस प्रमुख पाचा खान को भी मार दिया है। तालिबान समर्थकों का कहना था कि पाचा खान एक खूंखार कमांडर था जो तालिबान लड़ाकों के नाखून निकाल लेता था। तालिबान ने इन्हें आम माफी की घोषणा करने से पहले मारा है। हालांकि तालिबान से जुड़े सूत्रों ने कंधार स्टेडियम में इस तरह की कोई भी घटना होने से इनकार किया है। तालिबान से जुड़े एक सूत्र ने भास्कर से कहा, ऐसा कुछ नहीं हुआ है।

तालिबान ने भारत से आयात-निर्यात पर लगाई रोक
अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने भारत से सभी तरह के आयात-निर्यात पर रोक लगा दी है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (FIEO) के डायरेक्टर जनरल डॉ. अजय सहाय के मुताबिक तालिबान ने फिलहाल पाकिस्तान के ट्रांजिट रूट्स से होने वाली सभी कार्गो मूवमेंट पर रोक लगा दी है। डॉ. सहाय ने बताया कि भारत, अफगानिस्तान को चीनी, फार्मास्यूटिकल्स, चाय, कॉफी, मसाले और ट्रांसमिशन टावर्स का एक्सपोर्ट करता है। वहीं अफगानिस्तान से ड्राई फ्रूट्स और प्याज जैसी चीजों का आयात होता है। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ट्रेड संबंधी गतिविधियों को शुरू किया जाएगा क्योंकि दोनों देशों के लिए ये जरूरी और फायदेमंद है।

नाटो सैनिकों के साथ अफगानिस्तान के चारों कमांडर। इन्हें खुलेआम मौत के घाट उतार दिया गया।
नाटो सैनिकों के साथ अफगानिस्तान के चारों कमांडर। इन्हें खुलेआम मौत के घाट उतार दिया गया।

भगोड़े राष्ट्रपति अशरफ गनी और उनके परिवार को UAE ने दी शरण
संयुक्त अरब अमीरात ने मानवीय आधार पर अशरफ गनी और उनके परिवार को अपने देश में शरण दी है। विदेश मंत्रालय ने इसकी पुष्टि की है। इधर, एक बड़े घटनाक्रम में तजाकिस्तान में अफगान दूतावास ने इंटरपोल के जरिए भगोड़े राष्ट्रपति अशरफ गनी, हमदुल्ला मोहिब और फजलुल्लाह महमूद फाजली को गबन के आरोप में हिरासत में लेने का निर्देश दिया है।

रूसी मीडिया ने दावा किया था कि 15 अगस्त को काबुल पर तालिबान के कब्जे से पहले गनी ने हेलिकाॅप्टर में पैसा भरकर देश छोड़ दिया था। वे अपने साथ चार कारें भी ले गए हैं। हेलिकॉप्टर में जगह की कमी के कारण उन्होंने कुछ बैग रनवे पर ही छोड़ दिया था।

ताजकिस्तान में अफगान दूतावास से अशरफ गनी की तस्वीर की जगह उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह की तस्वीर लगा दी है। सालेह ने एक दिन पहले ही गनी की अनुपस्थिति में खुद को अफगानिस्तान का राष्ट्रपति घोषित किया था।

नॉर्दन अलायंस ने तालिबान के खिलाफ जंग छेड़ी
अफगानिस्तान को बचाने के लिए बनाए गए फ्रंट नॉर्दन अलायंस ने तालिबान के खिलाफ जंग छेड़ दी है। तालिबानी हुकूमत के बीच पंजशीर घाटी में नॉर्दन अलायंस का झंडा फहराया गया है। 2001 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है। ऐसी खबरें हैं कि तालिबान से बचने के लिए जो अफगानी सैनिक छिप गए थे वे अब पंजशीर पहुंचे रहे हैं। ये सैनिक दिवंगत अफगानी पॉलिटिशियन अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद की अपील पर पंजशीर में इकट्ठे हो रहे हैं।

तजाकिस्तान में अफगानी दूतावास में अमरुल्ला सालेह की तस्वीर लगाते कर्मचारी।
तजाकिस्तान में अफगानी दूतावास में अमरुल्ला सालेह की तस्वीर लगाते कर्मचारी।

खूंखार तालिबानी मुल्ला मोहम्मद रसूल 5 साल बाद पाकिस्तानी जेल से रिहा
इस बीच, पाकिस्तान का तालिबान प्रेम धीरे-धीरे दुनिया के सामने आने लगा है। तालिबान के सक्रिय सदस्य मुल्ला मोहम्मद रसूल को पाकिस्तान सरकार ने 5 साल जेल में रखने के बाद रिहा कर दिया है। रसूल को तालिबान से अलग हो कर एक नया गुट बनाने के बाद गिरफ्तार किया गया था। बताया जा रहा है कि अब वह तालिबान के पाले में लौट आया है।

जलालाबाद में लोग अफगानिस्तान का झंडा लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। वे मांग कर रहे हैं कि अफगानिस्तान के मौजूदा झंडे को ही राष्ट्रीय ध्वज बनाए रखा जाए। इससे पहले मंगलवार को पाकिस्तान की सीमा से लगे खोस्त प्रांत में भी लोगों ने अफगानी झंडा लेकर प्रदर्शन किया था।

काबुल पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने वहां की सुरक्षा एजेंसीज के दफ्तरों में घुसकर हथियार जब्त कर लिए।
काबुल पर कब्जा करने के बाद तालिबान ने वहां की सुरक्षा एजेंसीज के दफ्तरों में घुसकर हथियार जब्त कर लिए।

आतंकी अनस हक्कानी की अगुवाई में तालिबान नेताओं ने हामिद करजई से मुलाकात की
अफगानिस्तान में तालिबान सरकार बनाने की कोशिश में जुटा है। इसी सिलसिले में तालिबानी नेताओं ने बुधवार को अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई से मुलाकात की है। करजई के अलावा मीटिंग में अफगानिस्तान की पूर्व सरकार के शांतिदूत अब्दुल्लाह अब्दुल्लाह भी मौजूद थे। तालिबान की ओर से आतंकी संगठन हक्कानी नेटवर्क के नेता अनस हक्कानी ने इस बैठक की अगुवाई की। वह तालिबान के टॉप-4 नेताओं में माना जाता है।

काबुल में हामिद करजई से मुलाकात करते हुए तालिबानी नेता। इनमें अनस हक्कानी भी शामिल था।
काबुल में हामिद करजई से मुलाकात करते हुए तालिबानी नेता। इनमें अनस हक्कानी भी शामिल था।

काबुल पर कब्जा हक्कानी नेटवर्क ने ही किया था। हक्कानी नेटवर्क का बेस पाकिस्तानी सीमा के पास है और अफगानिस्तान में पिछले कुछ सालों में हुए बड़े आतंकी हमलों में इसके शामिल होने के आरोप भी हैं।

तालिबान की तबाही की तस्वीरें सामने आने लगीं
अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा होते ही तबाही शुरू हो गई है। तालिबान ने बामियान में हजारा समुदाय के नेता अब्दुल अली मजारी के स्टेच्यू को उड़ा दिया है। ये जानकारी ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट सलीम जावेद ने शेयर की है। बता दें बामियान वही जगह है जहां तालिबान ने 20 साल पहले अपने पिछले शासन में बुद्ध की प्रतिमाओं को बारूद से उड़ा दिया था।

कौन थे अब्दुल अली मजारी
मजारी हजारा समुदाय से थे और हिज्ब-ए-वहदत पार्टी के नेता थे। तालिबान ने 1995 में उनकी हत्या कर दी थी। तालिबान कई सालों से हजारा समुदाय को निशाना बनाता रहा है। अफगानिस्तान की कुल 3.60 करोड़ आबादी में करीब 9% की हिस्सेदारी हजारा समुदाय की है, लेकिन इन अल्पसंख्यकों को संरक्षण मिलने के बजाय वहां इस समुदाय के लोग दहशतगर्दों के निशाने पर रहते हैं। बामियान में ज्यादातर हजारा शिया मुसलमान हैं। इसलिए वे मुस्लिम कट्टरपंथियों के निशाने पर रहते हैं।

तालिबान ने फीमेल एंकर्स को बैन किया, महिला गवर्नर को बंधक बनाया
तालिबान ने अफगानिस्तान में महिला न्यूज एंकर्स को बैन कर दिया है। अफगानिस्तान के सरकारी TV चैनल की एंकर खदीजा अमीन को हटाकर तालिबान ने अपने लोगों से एंकरिंग शुरू करवा दी है। वहीं बल्ख प्रांत की गवर्नर सलीमा मजारी को बंधक बना लिया है। वे तालिबान के खिलाफ हैं और उन्होंने तालिबान से लड़ने के लिए हथियार भी उठाए थे।

महिलाओं के अधिकारों को लेकर तालिबान की हकीकत 24 घंटे के अंदर ही सामने आ गई है। तालिबान ने मंगलवार को ही कहा था कि महिलाओं को आजादी दी जाएगी और उनके अधिकारियों की रक्षा की जाएगी। साथ ही महिलाओं से सरकार में शामिल होने की अपील भी की थी।

सलीमा मजारी ने तालिबान से लड़ने के लिए 600 लोगों की फौज तैयार की थी।
सलीमा मजारी ने तालिबान से लड़ने के लिए 600 लोगों की फौज तैयार की थी।

अपडेट्स

  • तालिबान को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के प्रवक्ता सज्जाद नोमानी का चौंकाने वाला बयान सामने आया है। नोमानी ने तालिबान को बधाई दी है। उन्होंने अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे को जायज बताते हुए कहा है कि हिंदी मुसलमान तालिबान को सलाम करता है।
  • अफगानिस्तान से अमेरिकी फौज वापस बुलाने के फैसले पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन पर बड़ा हमला किया है। ट्रम्प ने कहा है कि अफगानिस्तान से निकलना अमेरिकी इतिहास की सबसे शर्मनाक घटना है।
  • ब्रिटेन ने कहा है कि वह 20,000 अफगानी शरणार्थियों के पुनर्वास की व्यवस्था करेगा। इसमें महिलाओं और धार्मिक आधार पर अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता दी जाएगी।
  • संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद ने अफगानिस्तान के हालात पर चर्चा के लिए 24 अगस्त को विशेष सेशन रखा है।

मुल्ला बरादर हो सकता है अफगानिस्तान का नया राष्ट्रपति
अफगानिस्तान में अब तालिबान सरकार बनाने की तैयारी में है। इस चरमपंथी संगठन का सह-संस्थापक और राजनीतिक प्रमुख मुल्ला बरादर दोहा से कंधार लौट आया है। तालिबान के शासन में वह अफगानिस्तान का राष्ट्रपति हो सकता है।

अफगानिस्तान पर कब्जे के बाद तालिबान प्रवक्ता और तालिबानी संस्कृति परिषद का प्रमुख जबीउल्लाह मुजाहिद मंगलवार को पहली बार दुनिया के सामने आया। जबीउल्लाह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तालिबानी शासन का रोडमैप रखा और कहा, 'हम किसी के प्रति नफरत की भावना नहीं रखेंगे। हमें बाहरी या अंदरूनी दुश्मन नहीं चाहिए। साथ ही कहा कि अफगानिस्तान की जमीन से किसी देश पर हमला नहीं होने देंगे।'

काबुल एयरपोर्ट को छोड़ पूरे शहर में तालिबान का का कब्जा है। फोटो एक चेकपोस्ट पर बैठे तालिबानी लड़ाकों की है।
काबुल एयरपोर्ट को छोड़ पूरे शहर में तालिबान का का कब्जा है। फोटो एक चेकपोस्ट पर बैठे तालिबानी लड़ाकों की है।

तालिबान बोला- किसी से बदला नहीं लेंगे, हमने सबको माफ किया; अफगानिस्तान में इस्लामी राज कायम करेंगे

16 अगस्त की ये फोटो काबुल एयरपोर्ट की है। इसमें तालिबानी लड़ाका रॉकेट लॉन्चर लेकर भीड़ की तरफ भागता नजर आ रहा है।
16 अगस्त की ये फोटो काबुल एयरपोर्ट की है। इसमें तालिबानी लड़ाका रॉकेट लॉन्चर लेकर भीड़ की तरफ भागता नजर आ रहा है।

अमरुल्ला सालेह ने खुद को अफगानिस्तान का राष्ट्रपति घोषित किया
अफगानिस्तान में एक तरफ तालिबानी हुकूमत कायम हो रही है। वहीं उप-राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने खुद को अफगानिस्तान का राष्ट्रपति घोषित कर दिया है। उन्होंने कहा, 'राष्ट्रपति अशरफ गनी देश के बाहर हैं। इसलिए संविधान के मुताबिक अब मैं राष्ट्रपति हूं। मैं सभी से समर्थन की अपील करता हूं।'

तालिबान की राजधानी काबुल पर कब्जे के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी ने तीन दिन पहले देश छोड़ दिया था। तब ये अटकलें थीं कि उनके साथ उप राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह ने भी अफगानिस्तान छोड़ दिया है। हालांकि, सालेह के बारे में बताया जा रहा है कि वे अभी पंजशीर में हैं, जहां तालिबान के खिलाफ आगे की रणनीति बनाई जा रही है।

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