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तालिबानी हुकूमत:तालिबान ने कहा- पाकिस्तान को आंतरिक मामलों में दखल नहीं देने देंगे; काबुल से सेना वापसी के बाद पहली बार कतर पहुंचे अमेरिकी विदेश मंत्री

15 दिन पहले

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद के अफगानिस्तान दौरे पर तालिबान ने सफाई दी है। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने सोमवार को जोर देकर कहा कि वह पाकिस्तान सहित किसी भी देश को अफगानिस्तान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने की अनुमति नहीं देगा।

बता दें कि ISI चीफ फैज हमीद पिछले हफ्ते अघोषित दौरे पर अचानक काबुल पहुंच गए थे। तालिबान के नेताओं के साथ उनकी चाय पीते एक तस्वीर भी सामने आई थी। इसके बाद कई देशों ने युद्धग्रस्त अफगानिस्तान में नई सरकार के आंतरिक मामलों में पाकिस्तान के हस्तक्षेप को लेकर सवाल उठाए थे।

पंजशीर पर तालिबानी लड़ाकों ने जीत का दावा किया है। इस बीच घाटी में नेशनल रेजिस्टेंस फोर्स के नेता अहमद मसूद ने सोमवार को तालिबान के खिलाफ 'राष्ट्रीय विद्रोह' का आह्वान किया। मसूद ने मीडिया को भेजे गए एक ऑडियो संदेश में अफगानी लोगों से कहा- 'आप देश के अंदर हों या बाहर मैं आप लोगों से अफगानिस्तान की गरिमा, स्वतंत्रता और समृद्धि के लिए राष्ट्रीय विद्रोह शुरू करने का आह्वान करता हूं।'

अपडेट्स..

  • अफगानिस्तान से सेना की वापसी के बाद पहली बार अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन के साथ सोमवार को कतर पहुंचे। ब्लिंकन यहां कतर के प्रमुख नेताओं से मिलकर अफगानिस्तान में फंसे अमेरिकियों और अफगानियों को निकालने को लेकर चर्चा कर सकते हैं।
  • काबुल एयरपोर्ट से हटने के बाद पहली बार अमेरिका ने अपने 4 नागरिकों को अफगानिस्तान से निकाला है। इन लोगों को निकालने की जानकारी तालिबान के नेताओं को भी दी गई थी।
  • ब्रिटेन ने सोमवार को कहा कि वह अफगानिस्तान में फंसे 311 से अधिक अफगानों को बचाने की पूरी कोशिश करेगा। इन लोगों ने सेना की मदद की थी। इधर, संसद में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन से ये सवाल पूछा गया कि अफगानिस्तान में कितने ब्रिटिश-अफगान लोग फंसे हैं? पीएम इसका जवाब नहीं दे सके।
  • उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) ने सोमवार को कहा कि अफगानिस्तान में युद्ध के दौरान सेना की सहायता करने वाले 500 से अधिक अफगान नागरिकों को तालिबान के नियंत्रण से निकाल लिया गया है। इन लोगों को अस्थायी रूप से यूरोप में सैन्य ठिकानों पर रखा गया है।

नॉर्दर्न अलायंस के चीफ मसूद के काजिकिस्तान भागने की खबर
पंजशीर में तालिबान के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व करने वाले नॉर्दर्न अलायंस के चीफ अहमद मसूद के काजिकिस्तान भागने की खबरें हैं। हालांकि, तालिबान समर्थकों के हवाले से कुछ मीडिया रिपोर्ट में इस बात का दावा किया है। इधर, पंजशीर समर्थकों ने मसूद के घाटी में ही होने की बात कही है। उनका दावा है कि मसूद आखिरी दम तक पंजशीर में ही रहेंगे। वे दुश्मनों को पीठ दिखाने वालों में से नहीं हैं।

महिलाओं ने फिर किया प्रदर्शन तालिबान की सरकार में अपने प्रतिनिधित्व और अन्य अधिकारों की मांग को लेकर अफगानिस्तान में महिलाओं का प्रदर्शन जारी है। बल्ख प्रांत में सोमवार को महिला संगठनों ने एक बार फिर से प्रदर्शन किए हैं। इस दौरान तालिबानी लड़ाके भी मौजूद थे। स्थानीय मीडिया का दावा है कि तालिबानी लड़ाकों ने कार्यक्रम को कवर करने पहुंचे पत्रकारों को रोका और उनसे वहां से जाने को कहा। इन पत्रकारों ने अपने आईकार्ड भी उन्हें दिखाएं लेकिन उन्हें धमकी देकर वहां से भगा दिया गया।

अपडेट्स..

  • बांग्लादेश के सूचना एवं प्रसारण मंत्री डॉ. हसन महमूद ने कहा कि हम अफगानिस्तान की स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। अफगानिस्तान की स्थिरता पड़ोसी मुल्कों के लिए बेहद जरूरी है। अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि अफगानिस्तान में सरकार नहीं है।
  • भारत में रूस के राजदूत निकोले कुदाशेव ने कहा कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल अन्य देशों में आतंकी गतिविधियों के लिए नहीं होना चाहिए। अफगानिस्तान में सामान्य स्थिति भारत और रूस दोनों के लिए सामान्य चिंता का विषय है।
  • सोशल मीडिया पर एक तस्वीर तेजी से वायरल हो रही है। इस तस्वीर में एक पाकिस्तानी एयर फोर्स के लड़ाकू विमान F-16 को पंजशीर के शेरों के द्वारा ढेर करने की बात कही जा रही है। हालांकि, इसकी कोई पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, कुछ लोगों का दावा है कि ये तस्वीर 2018 की है।

ढह गया पंजशीर का किला, अब पूरे अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा
आखिरकार पंजशीर भी तालिबान के सामने हार गया। रेजिस्टेंस फोर्स के लड़ाकों ने तालिबान को कड़ी टक्कर दी लेकिन रविवार की लड़ाई के बाद तालिबान की जीत हो गई। तालिबान ने पंजशीर के गवर्नर हाउस में अपना झंडा भी लहरा दिया। अब पूरे अफगानिस्तान पर तालिबान का कब्जा हो गया है। तालिबान ने झंडा फहराते हुए वीडियो भी जारी किया। तालिबान के इस दावे को रेजिस्टेंस फोर्स ने गलत बताया है और कहा है कि पंजशीर घाटी में जंग जारी रहेगी।

पंजशीर में गवर्नर हाउस पर तालिबान ने अपना झंडा फहराया और पूरे अफगानिस्तान पर कब्जे का ऐलान किया।
पंजशीर में गवर्नर हाउस पर तालिबान ने अपना झंडा फहराया और पूरे अफगानिस्तान पर कब्जे का ऐलान किया।

तालिबान ने कहा- जंग के जाल से बाहर आया देश
तालिबानी प्रवक्ता जबीउल्ला मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान के विरोध का आखिरी किला भी फतह कर लिया गया है। आखिरकार देश जंग के भंवर से बाहर आ गया है। अल्लाह की अता से और देश के लोगों के समर्थन से देश को सुरक्षित करने की हमारी कोशिशें रंग लाई हैं।

जबीउल्लाह मुजाहिद ने ट्वीट करके पंजशीर फतह किए जाने का ऐलान किया।
जबीउल्लाह मुजाहिद ने ट्वीट करके पंजशीर फतह किए जाने का ऐलान किया।

पाकिस्तानी पायलट्स के हवाई हमले के बाद फरार हुए सालेह
पंजशीर में रेजिस्टेंस फोर्सेज के ठिकानों पर रविवार को हवाई हमले किए गए थे। अफगानी मीडिया की खबरों के मुताबिक यह हमले पाकिस्तानी पायलट्स ने किए थे। पंजशीर में रजिस्टेंस के प्रमुख नेता और देश के पूर्व उप-राष्ट्रपति अमरुल्ला सालेह जिस घर में ठहरे थे, रविवार को उस पर हेलिकॉप्टर से हमला हुआ। इसके बाद सालेह ताजिकिस्तान चले गए। पूरी खबर यहां पढ़ें...

अहमद मसूद के पंजशीर में ही सुरक्षित ठिकाने पर होने की खबरें थीं। तालिबान ने रविवार को दावा किया था कि पंजशीर को जल्द ही मसूद परिवार से आजाद घोषित कर दिया जाएगा और घाटी में भी तालिबानी प्रशासक होगा। और ऐसा ही हुआ।

सालेह मोहम्मद रेगिस्तानी (दाएं) रेजिस्टेंस के लड़ाकों के साथ।
सालेह मोहम्मद रेगिस्तानी (दाएं) रेजिस्टेंस के लड़ाकों के साथ।

पंजशीर रेजिस्टेंस ने तालिबान के सामने रखा था शांति वार्ता का प्रस्ताव
पंजशीर में रविवार को रेजिस्टेंस फोर्स के कमजोर पड़ने की खबर सामने आने लगी थीं। अहमद मसूद ने तालिबान के सामने जंग खत्म करने का प्रस्ताव रखा था। इससे पहले उन्होंने पंजशीर और अंदराब में तालिबानी हमले रोकने की शर्त रखी थी। तालिबान यहां काफी मजबूत स्थिति में था। तालिबानी लड़ाके किसी भी तरह पंजशीर पर कब्जा चाहते थे। लड़ाई मसूद ने शुरू की थी, इसलिए तालिबानी लड़ाकों में गुस्सा था। इस गुस्से और ताकत के दम पर तालिबानी लड़ाकों ने पंजशीर पर कब्जा कर लिया।

US सीनेटर ने कहा- अमेरिकी सेना को दोबारा अफगानिस्तान जाना होगा
अमेरिकी सेना अफगानिस्तान से लौट आई है। 31 अगस्त की डेडलाइन खत्म होने से एक दिन पहले ही सेना ने अफगानिस्तान छोड़ दिया, लेकिन अब अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा है कि अमेरिकी सेना को दोबारा अफगानिस्तान जाना होगा। यह निकट भविष्य में होना तय है।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की पार्टी रिपब्लिकन के सीनेटर ग्राहम ने कहा कि भले ही आपको ट्रम्प पसंद हों या नहीं, लेकिन यह आपको मानना होगा कि तालिबान सुधरा नहीं है। उसकी सोच दुनिया की आधुनिकता से मेल नहीं खाती। वे अपनी पुरानी सोच को अफगानिस्तान के लोगों पर थोपेंगे और जो सबसे अहम बात है वो यह कि तालिबान अलकायदा को पनपने के लिए सुरक्षित जगह देंगे। आप एक देश तालिबान के भरोसे नहीं छोड़ सकते।

अमेरिकी सेना को पंजशीर रेजिस्टेंस की मदद करनी चाहिए
BBC को दिए एक इंटरव्यू में ग्राहम ने कहा कि अमेरिकी सेना को अफगानिस्तान से बुलाना गलती थी, लेकिन यह भी सच है कि निकट भविष्य में अमेरिकी सेना को अफगानिस्तान भेजा जाएगा। अमेरिका ने इराक और सीरिया से फौज हटाने के बाद वहां दोबारा फौजें भेजी थीं। आज भी इराक में 5000 अमेरिकी सैनिक क्यों हैं। उन्होंने कहा कि मेरा सुझाव है अफगानिस्तान में पंजशीर रेजिस्टेंस की मदद की जाए।

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