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तालिबानी हुकूमत:काबुल में महिलाओं का प्रदर्शन हिंसक हुआ, तालिबान ने आंसू गैस छोड़ी; महिला एक्टिविस्ट के चेहरे पर बंदूक की बट से हमला किया

नई दिल्ली2 महीने पहले

अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ महिलाओं का विरोध-प्रदर्शन हिंसक हो गया है। काबुल में महिलाओं के अधिकारों की आवाज उठा रहीं एक्टिविस्ट को तालिबानियों ने आंसू गैस छोड़कर रोकने की कोशिश की है। दो दिन से प्रदर्शन कर रहीं इन महिलाओं का कहना है कि नई सरकार में उनकी भागीदारी होनी चाहिए और अहम भूमिका मिलनी चाहिए।

काबुल में महिलाओं के प्रदर्शन के दौरान तालिबानी लड़ाकों ने प्रदर्शनकारियों पर जानलेवा हमला किया है। महिला कार्यकर्ता नरगिस सद्दात ने आरोप लगाया कि शनिवार को महिला अधिकार कार्यकर्ताओं के नेतृत्व में एक विरोध-प्रदर्शन के दौरान तालिबान ने उन्हें पीटा। उनके चेहरे पर चोट के निसान हैं।

नरगिस ने बताया कि लड़ाकों ने उनके चेहरे पर बंदूक की बट से हमला किया। जिसके बाद उनके चेहरे से खून निकलने लगा। टोलो न्यूज ने बताया कि तालिबान ने मार्च करने वालों को राष्ट्रपति भवन की ओर जाने से रोका और उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े। कई पत्रकारों ने भीड़ पर फायरिंग का भी आरोप लगाया है।

महिला कार्यकर्ता नरगिस सद्दात के चेहरे पर तालिबान ने बंदूक की बट से पीटा। उनके चेहरे से खून निकल आया। कई पत्रकारों ने भीड़ पर फायरिंग का भी आरोप लगाया है।
महिला कार्यकर्ता नरगिस सद्दात के चेहरे पर तालिबान ने बंदूक की बट से पीटा। उनके चेहरे से खून निकल आया। कई पत्रकारों ने भीड़ पर फायरिंग का भी आरोप लगाया है।

तालिबान ने महिलाओं को राष्ट्रपति भवन जाने से रोका
खामा न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, महिला कार्यकर्ताओं और प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे राष्ट्रपति भवन (ARG) के गेट के सामने विरोध करना चाहते थे, लेकिन अफगानिस्तान के इस्लामिक अमीरात के सदस्यों ने उन्हें अनुमति नहीं दी। पत्रकारों और अन्य लोगों द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए वीडियो क्लिप के अनुसार, तालिबान ने सभी महिलाओं के विरोध को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। इतना ही नहीं कुछ महिलाओं को लड़ाकों ने बंदूक के बट से भी पीटा।

पत्रकारों ने फायरिंग का लगाया आरोप
खामा प्रेस न्यूज एजेंसी ने चश्मदीदों के हवाले से बताया, तालिबान ने महिलाओं को तितर-बितर करने के लिए गोलियां चलाईं और पत्रकारों को घटनास्थल से भगा दिया। कई पत्रकारों ने तालिबान पर घटना के कवरेज करने से रोकने का आरोप लगाया है। शनिवार का विरोध अफगानिस्तान में तालिबान के अधिग्रहण के बाद से चौथा महिला विरोध प्रदर्शन था। इससे पहले पश्चिमी हेरात प्रांत और अफगानिस्तान की राजधानी में प्रदर्शन हुए थे।

तालिबान ने लगातार दूसरे दिन अफगानिस्तान में सरकार बनाने का कार्यक्रम टाला
तालिबान ने लगातार दूसरे दिन अफगानिस्तान में अपनी सरकार की घोषणा टाल दी है। इससे पहले तालिबानी नेता शुक्रवार को ही सरकार बनाने की तैयारी में थे, लेकिन पंजशीर में विद्रोही गुट के साथ चल रही भीषण लड़ाई के बाद शनिवार को सरकार गठन की बात कही गई। तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने शनिवार को कहा, हमारे नेता अंतरराष्ट्रीय समुदाय को एक स्थिर और व्यापक ब्लू प्रिंट देने की तैयारी कर रहे हैं। इसलिए सरकार गठन पर अब अगले हफ्ते फैसला लिया जाएगा।

ISI के चीफ काबुल पहुंचे
तालिबान के बुलावे पर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद काबुल पहुंचे हैं। ये जानकारी पाकिस्तानी पत्रकार हमजा अजहर सलाम ने शेयर की है। उन्होंने बताया है कि ISI के चीफ तालिबानी हुकूमत में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के रिश्तों के भविष्य पर चर्चा करेंगे।

बता दें पाकिस्तान और ISI पर तालिबान की मदद के आरोप लगते रहे हैं। अफगानिस्तान पर तालिबानी कब्जे के पीछे भी पाकिस्तान का हाथ होने के आरोप हैं।

ISI चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद (चाय का कप लिए हुए) की ये फोटो काबुल के सेरेना होटल की है।
ISI चीफ लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद (चाय का कप लिए हुए) की ये फोटो काबुल के सेरेना होटल की है।

काबुल में तालिबान की फायरिंग में 17 लोगों की मौत
अफगानिस्तान की पंजशीर घाटी में तालिबान और रेजिस्टेंस फोर्स के बीच भीषण जंग जारी है। इस बीच दोनों ने पंजशीर को जीतने का दावा किया है। तालिबान का कहना है कि अब पंजशीर पर भी उसका नियंत्रण हो गया है। पंजशीर पर जीत की खुशी में तालिबान ने शुक्रवार को काबुल में हवाई फायरिंग की थी। इसमें 17 लोगों की मौत हो गई और 41 घायल हो गए। यह जानकारी टोलो न्यूज ने दी है। तालिबानियों की फायरिंग के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।

भारत ने कहा- तालिबान को पालने वाले पाकिस्तान पर नजर रखनी होगी
अफगानिस्तान के मुद्दे पर भारत के विदेश सचिव हर्ष वर्धन श्रृंगला ने वॉशिंगटन में मीडिया से बातचीत में कहा है कि अफगानिस्तान के हालात पर अमेरिका और भारत नजर बनाए हुए हैं। साथ ही कहा कि अफगानिस्तान के पड़ोसी पाकिस्तान ने तालिबान का समर्थन किया और वह तालिबान को पालता रहा है। ऐसी कई बातें हैं जिनमें पाकिस्तान ने तालिबान की मदद की है, इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए पाकिस्तान की भूमिका पर नजर रखनी होगी। श्रृंगला ने ये भी कहा कि जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों की अफगानिस्तान में बेरोकटोक आवाजाही और उनकी भूमिका चिंताजनक है। हम सतर्कता से इस पर नजर रखेंगे।

तालिबान के कश्मीर राग पर भारत का करारा जवाब
अफगानिस्तान में सरकार के ऐलान से पहले कश्मीर का राग अलापने वाले तालिबान को भारत ने करारा जवाब दिया है। केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को कहा है कि भारत संविधान का पालन करता है। यहां मस्जिदों में दुआ करते लोगों पर गोलियों और बम से हमला नहीं किया जाता। न लड़कियों को स्कूल जाने से रोका जाता है और न ही उनके सिर और पैर काटे जाते हैं।

नकवी ने ये बात तालिबान के उस बयान के जवाब में कही हैं, जिसमें कहा गया था कि कश्मीर समेत दुनियाभर के मुसलमानों की आवाज उठाने का हक तालिबान को है। नकवी ने तालिबान से सीधे तौर पर कहा है कि भारत के मुसलमानों को छोड़ दें, उनकी चिंता करने की जरूरत नहीं है।

गनी सरकार के सीक्रेट हासिल करना चाहता है तालिबान
अफगानिस्तान की पूर्व सरकार और अमेरिका के हथियारों पर कब्जा करने के बाद तालिबान अब उनके सीक्रेट भी हासिल करना चाहता है। इसीलिए वह अफगानिस्तान की अशरफ गनी सरकार के ई-मेल एक्सेस करने की कोशिश कर रहा है। इसे देखते हुए गूगल ने गनी सरकार के कई ई-मेल अकाउंट टेंपरेरी तौर पर ब्लॉक कर दिए हैं। गूगल ने कहा है कि अफगानिस्तान की स्थिति पर एक्सपर्ट से चर्चा जारी है और सरकारी ई-मेल अकाउंट्स की सुरक्षा को देखते हुए एक्शन ले रहे हैं।

तालिबान के दावे के रेजिस्टेंस फोर्स ने गलत बताया
पंजशीर पर जीत के तालिबान के दावे को रेजिस्टेंस फोर्स ने गलत बताया है। उसका कहना है उसने तालिबान के खिलाफ बढ़त बना ली है। अफगानिस्तान के पूर्व उप-राष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा है कि हमारी सेना तालिबानियों का डटकर मुकाबला कर रही है। उन्होंने कहा है कि वे आतंकियों के निशाने पर हैं और इस खतरे के लिए उन्होंने पाकिस्तान पर आरोप लगाया है। उन्होंने खुद के ताजिकिस्तान भागने का भी खंडन किया है। सालेह ने कहा है कि वे अभी भी पंजशीर में हैं और तालिबानियों से लड़ रहे हैं।

तालिबान आज करेगा सरकार का ऐलान
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के सूत्रों के मुताबिक अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार की कमान मुल्ला बरादर संभालेगा। वहीं तालिबान के फाउंडर मुल्ला उमर के बेटे मुल्ला मोहम्मद याकूब और शेर मोहम्मद अब्बास स्टेनकजई को भी तालिबानी सरकार में अहम पद दिए जाएंगे। ये सभी काबुल में हैं। दैनिक भास्कर के सूत्रों के मुताबिक अफगानिस्तान की वास्तविक सत्ता शूरा समिति के हाथ में ही रहेगी।

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