हिंद महासागर में चीन की बुरी नजर:चीन ने पाकिस्तान को दिया सबसे हाइटेक वॉरशिप, इसमें लगी है लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें

बीजिंग9 महीने पहले
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चीन और पाकिस्तान के रक्षा संबंध मजबूत होते जा रहे हैं। सोमवार को चीन ने पाकिस्तान को पहला टाइप-054 वॉरशिप सौंपा। पाकिस्तान ने इस वॉरशिप को PNS तघरिल नाम दिया है। चीन के इस कदम से अरब सागर और हिंद महासागर में पाकिस्तानी नौसेना को मजबूती मिलेगी। इन क्षेत्रों में चीन ने अपनी नौसैनिक उपस्थिति काफी बढ़ाई है।

तकनीकी रूप से काफी उन्नत है यह वॉरशिप
इस वॉरशिप को चाइना शिपबिल्डिंंग कारपोरेशन लिमिटेड (CSSCL) ने बनाया है। शिपबिल्डिंंग कारपोरेशन के मुताबिक, यह वॉरशिप, अब तक निर्यात किए गए वॉरशिप्स में सबसे बड़ा और तकनीकी रूप से काफी उन्नत है। यह सतह से सतह, सतह से हवा और पानी के नीचे की मारक क्षमता के अलावा व्यापक निगरानी क्षमता से लैस है। इस वॉरशिप को शंघाई में एक कमीशन सेरेमनी के दौरान पाकिस्‍तानी नेवी को सौंपा गया।

PNS तघरिल की खासियत
दावा किया जा रहा है कि यह वॉरशिप आसानी से किसी भी रडार को चकमा दे सकता है। इसमें लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलें और और एक मिनट में कई राउंड फायरिंग करने वाले एडवांस तोप भी लगे हैं।

चीन, पाकिस्तान के साथ अच्छे रणनीतिक संबंध साझा करता है। हाल के सालों में चीन, पाकिस्तानी सेना के लिए सबसे बड़ा हथियार सप्लायर बनकर उभरा है। चीन ने दो साल पहले पाकिस्तान को पहला JF-17 फाइटर जेट दिया था।

2017 में हुई थी चीन-पाकिस्तान की डील
पाकिस्तान और चीन ने टाइप-054 वॉरशिप्स के लिए साल 2017 में डील की थी। इस डील के तहत तीन और वॉरशिप पाकिस्तान को दिए जाएंगे। पहला शिप अगस्त 2020 में तैयार हुआ था। करीब एक साल तक इसकी टेस्टिंग की गई, बाद में इसके इंजन में सुधार किया गया। सुधार के बाद इसे पाकिस्तानी नौसेना को सौंपा गया है। चीनी नौसेना ने अपने समुद्री बेड़े में करीब 30 टाइप-054 वॉरशिप तैनात किए हैं।