मेडिकल साइंस / वर्कआउट से हार मान चुके लोग सिक्स पैक एब्स के लिए थाईलैंड में सर्जरी करा रहे

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  • बैंकॉक के अस्पताल में सिक्स पैक एब्स की सर्जरी के लिए हर महीने में 20 से 30 लोग पहुंच रहे
  • सर्जरी का खर्च तकरीबन 2.60 लाख रुपए, इसमें पेट के आसपास मौजूद फैट हटाया जाता है

May 04, 2019, 07:55 AM IST

बैंकॉक. थाईलैंड में लोग सर्जरी के जरिए सिक्स पैक एब्स बनवा रहे हैं। ये ऐसे लोग हैं जो सिक्स पैक हासिल करने के लिए जमकर वर्कआउट कर रहे थे, लेकिन उन्हें कामयाबी नहीं मिल पा रही थी।

सर्जरी में तीन से चार घंटे का समय लगता है

इस एब इंप्लांट सर्जरी के तहत पहले पेट के चारों ओर फैले वसा को हटाया जाता है ताकि सिक्स पैक बाहर आ सकें। थाई वेबसाइट कोकोनट्स के मुताबिक, यह विधि बेहद कारगर है। सर्जरी के बाद बॉडी एकदम नेचुरल नजर आती है। सिक्स पैक एब्स का असर भी लंबे समय तक बना रहता है।

सिक्स पैक एब्स की सर्जरी का दावा कर रहे बैंकॉक के इस अस्पताल का नाम मास्टरपीस है। यह ऐसा अस्पताल है जहां कॉस्मेटिक सर्जरी की जाती है। अस्पताल का दावा है कि सर्जरी में तीन से चार घंटे का समय लगता है। इस प्रक्रिया में सिलिकॉन इंप्लांट नहीं किया जाता, क्योंकि सिलिकॉन लगाने के बाद बॉडी अच्छी नहीं दिखती। अस्पताल का कहना है कि सर्जरी में 2 लाख 60 हजार रुपए का खर्च आता है।

अस्पताल के सीईओ सर्जन रावीवात मैसचमादो ने कहा, ‘‘हम यह सर्जरी तीन-चार साल से कर रहे हैं। हमें भी थाईलैंड के अन्य अस्पतालों की तरह लाइसेंस मिला है। हमें हर महीने 20-30 लोगों की तरफ से सिक्स पैक सर्जरी के लिए रिक्वेस्ट मिल रही है। इस सर्जरी के लिए अस्पताल में 90% ऐसे लोग आते हैं, जो हर दिन जिम में वर्कआउट करते हैं, लेकिन उनके पेट पर फैट कम नहीं होता और वे सिक्स पैक एब्स हासिल नहीं कर पाते।’’

उन्होंने कहा कि आम तौर पर सिक्स-पैक के लिए युवक को वर्कआउट करने और वजन घटाने की जरूरत होती है। हमारे ज्यादातर ग्राहक ऐसे होते हैं, जिनकी मांसपेशियां ज्यादा होती हैं। जबकि हर कोई कम समय में और ज्यादा मेहनत किए बिना दुबला होना चाहता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब दुनिया के कई देशों में इस तरह की सर्जरी हो रही है, लेकिन इन्हें करवाने वाले अपनी पहचान छुपाए रखना चाहते हैं। थाईलैंड में यह मामला तब सामने आया, जब मॉडल ओमे पेंगपापर्ण ने सिक्स पैक एब्स सर्जरी करवाने के बाद सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें पोस्ट कीं।

अस्पताल का दावा है कि इस सर्जरी से शरीर को कोई नुकसान नहीं होता। हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें बताती हैं कि सर्जरी के बाद रिकवरी की प्रक्रिया काफी दर्दभरी है। इसमें खून का नुकसान भी होता है। एक स्टडी के मुताबिक, ऐसी सर्जरी कराने वाले हर 10 में से एक व्यक्ति के पेट के आसपास फ्लूड (तरल) जमा होने की शिकायत आती है।

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