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तेजी से बूढ़ा हो रहा ड्रैगन:चीन में लगातार पांचवें साल भी गिरी जन्म दर, 2021 में आबादी पांच लाख से भी कम बढ़ी

बीजिंग7 महीने पहले
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चीन को एक बच्चे की नीति को खत्म करना पड़ा था, लेकिन फिर भी आबादी नहीं बढ़ रही है। - Dainik Bhaskar
चीन को एक बच्चे की नीति को खत्म करना पड़ा था, लेकिन फिर भी आबादी नहीं बढ़ रही है।

दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी वाला देश चीन अपने यहां लगातार 5 सालों से घटती जन्म दर को लेकर चिंतित है। 2021 में चीन की कुल आबादी में 5 लाख से भी कम की बढ़ोतरी हुई है। चीन के नेशनल स्टैटिस्टिक्स ब्यूरो के मुताबिक, 2021 के अंत तक, चीन की आबादी 2020 की 141.20 करोड़ से बढ़कर 141.26 करोड़ हो गई।

हॉन्गकॉन्ग के ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में 2021 में 1.06 करोड़ बच्चों का जन्म हुआ, जबकि इसी साल 1.1 करोड़ लोगों की मौत हो गई। इस वजह से एक साल में देश की आबादी सिर्फ 4.80 लाख ही बढ़ी है।

वन-चाइल्ड पॉलिसी का नुकसान

एक्सपर्ट्स चीन की वन-चाइल्ड पॉलिसी को लगातार घटती जन्मदर की वजह मानते हैं।
एक्सपर्ट्स चीन की वन-चाइल्ड पॉलिसी को लगातार घटती जन्मदर की वजह मानते हैं।

देश में जन्म दर बढ़ाने के लिए चाइनीज सरकार ने 2016 में वन-चाइल्ड पॉलिसी को खत्म कर दिया था। इसके बाद पिछले साल तीन बच्चे पैदा करने की नीति बनाई है। इसके लिए बीजिंग, सिचुआन और जियांगशी प्रांत में माता-पिता को ज्यादा छुट्टी देना, मातृत्व अवकाश, विवाह के लिए छुट्टी और पितृत्व अवकाश बढ़ाने जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। हालांकि, इसके बाद भी जन्म दर घट ही रही है। एक्सपर्ट्स वन-चाइल्ड पॉलिसी को ही लगातार घटती जन्म दर की वजह मानते हैं।

ये चीन के आर्थिक विकास के लिए खतरा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि घटती जन्मदर की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि घटती जन्मदर की वजह से देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव पड़ सकता है।

एक्सपर्ट्स ने चीन को चेताया है कि लगातार घटती जन्म दर देश के आर्थिक विकास के लिए खतरा साबित हो सकती है। ऐसे में पेंशन भोगियों और दूसरे फायदों के साथ रिटायर्ड लोगों का अनुपात बढ़ने से देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ेगा।

विस्कॉन्सिन-मेडिसन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर यी फुक्सियन ने कहा- चीन एक जनसांख्यिकीय संकट का सामना कर रहा है, जो चीनी अधिकारियों और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की कल्पना से परे है। 1961 में माओत्से तुंग की ग्रेट लीप फॉरवर्ड पॉलिसी की वजह से चीन में बड़े पैमाने पर अकाल आया था, लेकिन उस साल भी देश की आबादी 2021 के मुकाबले ज्यादा बढ़ी थी।

आबादी बढ़ने का आखिरी साल

एक्सपर्ट्स के मुताबिक चीन 2021 में आखिरी बार जनसंख्या में बढ़ोतरी देखेगा।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक चीन 2021 में आखिरी बार जनसंख्या में बढ़ोतरी देखेगा।

गिरती जन्म दर और उम्र दराज लोगों की बढ़ती आबादी की वजह से वर्किंग एज के लोगों की संख्या में गिरावट आती है। इससे देश का आर्थिक विकास प्रभावित होगा और सरकार को बुजुर्गों की मदद के लिए दी जाने वाली सुविधाओं में कमी करनी पड़ेगी। इस वजह से चीन में आर्थिक के साथ साथ राजनीतिक अस्थिरता भी आ सकती है।

2021 की आखिरी तिमाही में चीन की विकास दर 4% तक धीमी हो गई। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के प्रोफेसर वांग फेंग का कहना है कि 2021 का साल चीन के इतिहास में ऐसे साल के रूप में दर्ज होगा जिसमें देश ने आखिरी बार जनसंख्या में बढ़ोतरी देखी थी।

कई देशों में जन्म दर का कम होना आम बात
नेशनल स्टेटिस्टिक्स ब्यूरो के डायरेक्टर निंग जिझे ने जापान और दक्षिण कोरिया के उदाहरण से बताया- कई देशों में जन्म दर कम होना आम बात हो गई है। कोरोना महामारी की वजह से भी शादियों और बच्चों के जन्म में देरी हो रही है। फिर भी उम्मीद है कि भविष्य में चीन की आबादी स्थिर रहेगी। सरकार की थ्री चाइल्ड पॉलिसी का असर धीरे-धीरे ही सामने आएगा।