• Hindi News
  • International
  • The Desire To Have Motherhood By Adopting Children Increased Women Are Deciding Not To Have Children Due To Increasing Population And Environmental Hazards

बच्चे गोद लेकर मातृत्व सुख पाने की चाह बढ़ी:बढ़ती जनसंख्या और पर्यावरण खतरों के चलते बच्चे पैदा न करने का फैसला ले रहीं महिलाएं

3 महीने पहलेलेखक: एना सोफिया सोलिस
  • कॉपी लिंक
दुनिया में ऐसी महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही, जिन्होंने बच्चों को जन्म न देने का फैसला लिया है - Dainik Bhaskar
दुनिया में ऐसी महिलाओं की संख्या तेजी से बढ़ रही, जिन्होंने बच्चों को जन्म न देने का फैसला लिया है

‘हम जीवन साथी और बच्चे के बिना भी परिपूर्ण हैं। मुझे लोगों का इस तरह दबाव डालना पसंद नहीं है कि बच्चों को जन्म नहीं दिया, तो एक महिला के तौर पर आप अधूरी हैं। यह जरूरी नहीं कि आप के गर्भ से बच्चे का जन्म हो तभी आप मां हो सकती हैं। आप किसी दोस्त के बच्चों, किसी अनाथ को गोद लेतीं हैं तब भी आप मां हैं।’ यह कहना है हॉलीवुड की सबसे ज्यादा फीस पाने वाली अदाकारा जेनिफर एनिस्टन का। जेनिफर की इस बात को हैरानी से नहीं देखा जाना चाहिए।

कुछ वर्षों में ऐसी महिलाओं की संख्या बढ़ी है, जिन्होंने बच्चों को जन्म न देने का फैसला लिया है। वे इस बदलाव को ‘चाइल्डलेस’ के बजाय ‘चाइल्ड फ्री’ के तौर पर देखती हैं। कोडोंलिजा राइस जैसी राजनेता हों या फिर ओप्रा विंफ्रे और जेनिफर एनिस्टन जैसी बड़ी हस्तियों ने बच्चे न करने का विकल्प रखा है। ओप्रा ने कहा था कि यदि मेरे बच्चे होते तो मुझसे नफरत करते। वे मेरे बारे में इतनी ही बात करते जितना कि शो में देखते, मुझसे उन्हें निराशा होती। इसलिए मैंने कड़ा फैसला लिया।

ज्यादा जनसंख्या के बुरे नतीजे दुनिया भुगत ही रही
मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट् पैट्रिशिया रैफर्टी बताती हैं कि बच्चे पैदा करना आजीवन प्रतिबद्धता है, इसलिए इसमें गंभीरता जरूरी है। पर आप बच्चे नहीं पैदा करते तो समाज आपको स्वार्थी मानता है। जबकि यह तो आज के माहौल को देखते हुए बड़ा त्याग है। ज्यादा जनसंख्या के बुरे नतीजे दुनिया भुगत ही रही है। आयरलैंड की तीसरी सर्वश्रेष्ठ महिला गायक काउंटेस क्रिस्टीन स्वीटमैन बताती हैं कि मैं 9 भाई-बहनों के एक बड़े आयरिश परिवार से आती हूं। यह धारणा है कि बच्चे स्थिर रिश्ते की पहचान है।

लेकिन मां नहीं बनने के निर्णय ने रिश्ते से लेकर करियर तक में स्थिरता दी है। साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित स्टडी के मुताबिक अगर जंगलों की कटाई व वैश्विक संसाधनों की खपत मौजूदा दर पर जारी रही है, तो अगले 20 से 40 साल में दुनिया को ‘सभ्यता के अपरिवर्तनीय पतन’ झेलना पड़ेगा।

जनसंख्या में वृद्धि जारी है, जिससे पृथ्वी के संसाधनों पर विनाशकारी खतरा पैदा हो रहा है, कई युवा सवाल कर रहे हैं कि उनका भविष्य क्या होगा। क्या इस सबके बाद भी हम एक शख्स को दुनिया में लाना चाहते हैं। ख्यात सिंगर माइली साइरस ने इस मुद्दे पर कहा था कि अगर मैं बच्चे को दुनिया में लाई तो सिर्फ उसे पानी व मछलियों के बीच रहना पड़ेगा। क्या मुझे ऐसा करना चाहिए..?

सेलिब्रिटी ही नहीं, आम लोगों में भी इस पर सहमति बन रही
यह चलन सिर्फ सेलेब्स में ही नहीं दिख रहा, आम लोग भी इस विचार से सहमत हो रहे हैं। लंदन में रहने वालीं भारतीय मूल की सॉफ्टवेयर इंजीनियर राधिका शिवराजन ने 26 की उम्र में बच्चा न पैदा करने का फैसला लिया है। उनके पति भी फैसले में साथ हैं। सामाजिक दबाव के बावजूद उन्होंने फैसला नहीं बदला।

राधिका ने पैट्रिशिया को बताया कि उन्हें कहा गया कि बूढ़े हो जाओगे तो कौन देखभाल करेगा, जिंदगी कैसे चलेगी। राधिका तर्क देती हैं, ‘शादी को नौ साल हो चुके हैं। अभी तक हम दोनों एक-दूसरे का ध्यान रख रहे हैं। आगे भी ऐसे ही रखते रहेंगे।