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  • The Economist's Report Claims 70 Lakh To 13 Million More Deaths Due To Corona In The World, Governments Hid The Figures

द इकोनॉमिस्ट की रिपोर्ट में दावा:दुनिया में कोरोना से 70 लाख से 1.3 करोड़ तक अधिक मौतें हुईं, सरकारों ने आंकड़े छिपाए

वाॅशिंगटनएक महीने पहले
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  • अमीर देशों को अधिक नुकसान लेकिन मौतों का आंकड़ा अन्य देशों में भी कहीं अधिक

दुनियाभर में टेस्टिंग और रिपोर्टिंग की कमी की वजह से आधिकारिक आंकड़ों में कोरोना से होने वाली मौतों की संख्या कम बताए जाने की संभावना है। द इकोनॉमिस्ट की रिपोर्ट में कहा गया है कि अफ्रीका और एशिया ही नहीं बल्कि अमेरिका और ब्रिटेन, फ्रांस जैसे देशों में भी घोषित आंकड़ों से अधिक मौतें हुई हैं। हालांकि यह बात भी सामने आई है कि कोविड-19 की वजह से बरती जाने वाली एहतियात की वजह से फ्लू जैसे अन्य कारणों से होने वाले मौतों की संख्या घटी है।

मौतों को कितना कमतर आंका गया है इस बारे में सही आंकड़े पता करने के लिए इकोनॉमिस्ट ने एक मॉडल तैयार किया जिसके जरिए 95 फीसदी तक संभावना है कि अभी तक 71 लाख से लेकर 1.27 करोड़ तक मौतें हुई हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक कोविड-19 की वजह से होने वाली अधिकांश मौतों के लिए कुछ और वजह बताने के अधिकांश मामले निम्न और मध्यम आय वाले देशों में हुए हैं।

ओईसीडी में शामिल अधिकतर अमीर देशों में मौतों के संख्या आधिकारिक आंकड़ों से 1.17 गुना अधिक हो सकती है। जबकि सब-सहारन अफ्रीका में यह आधिकारिक आंकड़ों से 14 गुना अधिक होने का अनुमान है। दुनियाभर में अधिक मौतों का अनुमान लगाने के लिए व्यापक स्तर पर डाटा जमा किया गया। अपर्याप्त ही सही लेकिन अधिकांश देशों में कोविड-19 से मौतों का डाटा उपलब्ध है।

आमतौर पर बहुत सारे टेस्ट पॉजिटिव आए और इस बात की पूरी संभावना है कि इनके द्वारा संक्रमित हुए और बहुत सारे लोगों की टेस्टिंग में चूक हुई और केवल उन्हीं लोगों का परीक्षण किया गया जो इलाज और जांच के लिए पहुंचे। 121 सूचकांकों पर 200 से अधिक देशों और क्षेत्रों से डाटा एकत्रित किया गया। इसके अलावा मशीन-लर्निंग मॉडल तैयार किया गया जिसमें ग्रेडिएंट बूस्टिंग नामक प्रक्रिया का उपयोग करके इन सूचकांकों और अधिक मौतों के बीच संबंध खोजा गया।

कहां, कितनी अधिक मौतें होने का अनुमान

जिन देशों में डेटा नहीं मिला, वहां मशीन-लर्निंग मॉडल के जरिए मौतों का अनुमान लगाया गया
रिपोर्ट के अंतिम मॉडल को तैयार करने के लिए मशीन-लर्निंग मॉडल का उपयोग उन जगहों पर अधिक मौतों का अनुमान लगाने के लिए किया गया, जहां डेटा उपलब्ध नहीं था। रिपोर्ट में भारत में 4000 मौतों के आधिकारिक आंकड़ों की तुलना में प्रतिदिन 6,000 से लेकर 31,000 अधिक मौतें होने की बात कही गई है। लेकिन भारत सरकार ने इसका खंडन किया है। वहीं, वैसे दुनिया में कोविड-19 से रोजाना होने वाली मौतों की संख्या में अब भी लगातार इजाफा हो रहा है।

कुछ प्रमुख निष्कर्ष

  • समान स्वास्थ्य सुविधाओं वाले दो स्थानों में अधिक उम्र वाले लोगों की ज्यादा संख्या वाले स्थान में अधिक मौतें
  • अमीर देशों की तुलना में समान उम्र वाले गरीब देशों के युवाओं की मृत्युदर अधिक
  • पूर्व में साॅर्स कोव-2 से संक्रमित हो चुके देशों में क्रॉस इम्युनिटी से मौतों की संख्या कम
  • सांख्यिकीविद एरियल कार्लिनस्की का कहना है कि अनुमान डेटा का विकल्प नहीं हो सकते लेकिन भविष्य के उपायों पर काम किया जा सकता है।
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