• Hindi News
  • International
  • The Team Of Carnegie Institute Did The Study There Is No Life On Mars, Claims From The Study Of 4 Billion Year Old Meteorite

कार्नेगी इंस्टीट्यूट की टीम ने किया अध्ययन:मंगल ग्रह पर नहीं है जीवन, 4 अरब साल पुराने उल्कापिंड के अध्ययन से दावा

वाॅशिंगटन7 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
साइंस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक उल्कापिंड में मिले कार्बन युक्त पदार्थ जीवित चीजों की वजह से नहीं, बल्कि खारे या समुद्री भूजल से बने हैं। - Dainik Bhaskar
साइंस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक उल्कापिंड में मिले कार्बन युक्त पदार्थ जीवित चीजों की वजह से नहीं, बल्कि खारे या समुद्री भूजल से बने हैं।

मंगल ग्रह पर जीवन नहीं है। यह बात मंगल ग्रह से 4 अरब वर्ष पुराने उल्कापिंड पर की गई रिसर्च से साबित हुआ है। हालांकि इससे दावे से सभी वैज्ञानिक सहमत नहीं हैं। मंगल ग्रह से गिरा करीब 2 किलोग्राम का पिंड 1984 में अंटार्कटिका में मिला था। यह मंगल से आया सबसे पुराना ज्ञात उल्कापिंड है।

वर्ष 1996 में नासा की टीम ने इस पर रिसर्च के आधार पर बताया कि चट्टानों में कार्बनिक यौगिक होते हैं, जो जीवित प्राणियों द्वारा छोड़े गए प्रतीत होते हैं। हालांकि, अब कार्नेगी इंस्टीट्यूशन फॉर साइंस के वैज्ञानिक एंड्रयू स्टील के नेतृत्व में रिसर्च में बताया कि उल्कापिंड मंगल ग्रह के जीवन का कोई सुबूत नहीं दिखाता है।

उल्कापिंड में मिले कार्बन युक्त पदार्थ जीवित चीजों की वजह से नहीं बने हैं
साइंस जर्नल में प्रकाशित अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक उल्कापिंड में मिले कार्बन युक्त पदार्थ जीवित चीजों की वजह से नहीं, बल्कि खारे या समुद्री भूजल से बने हैं। एंड्रयू स्टील ने नैनोस्केल पर उल्कापिंड के खनिजों का अध्ययन किया और सर्पिनाइजेशन और कार्बन डाइऑक्साइड प्रतिक्रियाओं के कारण कार्बनिक संश्लेषण के प्रमाण पाए। स्टील ने कहा, ये प्रतिक्रियाएं हाइड्रोथर्मल तरल पदार्थों के साथ बेसाल्ट चट्टान के जलीय परिवर्तन के दौरान हो सकती हैं।

खबरें और भी हैं...