जलवायु परिवर्तन का असर:दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड टूटा, यह दिल्ली से 3 गुना बड़ा

मैड्रिड8 महीने पहले
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एजेंसी ने इस हिमखंड का नाम ए-76 रखा है। - Dainik Bhaskar
एजेंसी ने इस हिमखंड का नाम ए-76 रखा है।

अंटार्कटिका से दुनिया का सबसे बड़ा आइसबर्ग यानी हिमखंड टूटकर अलग हुआ है। 4320 वर्ग किमी में फैला आइसबर्ग 170 किमी लंबा और 25 किमी चौड़ा है। यानी यह दिल्ली (1484 वर्ग किमी) से तीन गुना बड़ा है। यूरोपियन स्पेस एजेंसी ने अंटार्कटिका से टूटकर अलग होते हुए इस आइसबर्ग की तस्वीरें जारी की हैं।

एजेंसी ने इस हिमखंड का नाम ए-76 रखा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह इंसानों द्वारा की जा रही गतिविधियों से बदल रहे जलवायु परिवर्तन का नतीजा है।अंटार्कटिका के रोनी आइस सेल्फ से अलग हुआ हिमखंड वेडेल के समुद्री इलाके में तैर रहा है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक, यदि हिमखंड पिघलता है या बहता है तो स्पेन का मेजोरका आइलैंड (3440 वर्ग किमी) तबाह हो सकता है। क्योंकि वह हिमखंड के सबसे नजदीक है। इस तरह के आइसबर्ग कई बार समुद्री जीवों के लिए बड़ा खतरा बन जाते हैं। इनसे सी-लायन्स और पेंगुइन्स की ब्रीडिंग पर असर पड़ता है।
40 साल में 9 इंच बढ़ा समुद्र का जल स्तर
इससे पहले इतना बड़ा हिमखंड 1986 में टूटा था। दूसरी ओर कुछ रिसर्च बताती हैं कि 1980 के बाद से सी-लेवल में औसतन 9 इंच का फर्क आया है। यानी समुद्र का जलस्तर 9 इंच बढ़ा है। इसकी सबसे बड़ी वजह ग्लोबल वॉर्मिंग है। इससे आइसबर्ग पिघलकर और फिर टूटकर समुद्र में गिरते हैं।

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