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  • There Was No Necklace During The Kareena Era; Children Ask If We Can Go To Dinner Now? Will We Be Homeless? How To Answer Them

न्यूयॉर्क टाइम्स से :काेराेना काल में नाैकरी नहीं रही; बच्चे पूछते हैं कि क्या अब हम डिनर पर जा सकेंगे? हम बेघर हाे जाएंगे? कैसे दें इनके जवाब

वॉशिंगटन3 वर्ष पहलेलेखक: वेंडी माेगल (क्लीनिकल साइकाेलाॅजिस्ट)
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विशेषज्ञ मानते हैं कि परिजन बच्चाें काे आश्वस्त करें कि बदतर स्थिति में भी आपके पास इतने पैसे रहेंगे कि बिल चुका सकते हैं और भोजन खरीद सकते हैं। -प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
विशेषज्ञ मानते हैं कि परिजन बच्चाें काे आश्वस्त करें कि बदतर स्थिति में भी आपके पास इतने पैसे रहेंगे कि बिल चुका सकते हैं और भोजन खरीद सकते हैं। -प्रतीकात्मक फोटो
  • बच्चाें काे बिना अधिक बाेझ महसूस कराए कैसे बताएं अपना आर्थिक संकट
  • बताएं कि चीजें जल्द बेहतर हाेंगी, लहजा भी ऐसा हाे कि उन्हें न लगें कि स्थिति बहुत बुरी है

भले लाॅकडाउन खुलने की स्थितियां बन रही हैं और बच्चे कई गतिविधियाें की प्लानिंग कर रहे हैं मगर परिजन को तो उन्हें समझाना ही पड़ रहा है कि अब वे बहुत ज्यादा शौक पूरे नहीं कर पाएंगे। परिजन किराए और भोजन के लिए पर्याप्त पैसे होने की बात कहकर उम्मीद बंधा सकते हैं, लेकिन बच्चों के आंख-कान तेज होते हैं। ऐसी स्थिति में जानिए कि अगर नौकरी चली जाए तो बच्चों के सवालों और नजरों का सामना कैसे करेंः 

अपनी चिंता पर गाैर करें
ग्राहक केंद्रित अर्थव्यवस्था और सेल्फ ब्रांडिंग के दाैर में अपने बजट काे बढ़ाना और ‘क्या जरूरी है’ काे ‘हम क्या चाहते हैं’ से अलग करना मुश्किल है। तय करें कि इस खराब माहाैल में भी आप सतर्क परिजन बने रहेंगे। बच्चाें काे आश्वस्त करें कि बदतर स्थिति में भी आपके पास इतने पैसे रहेंगे कि बिल चुका सकते हैं और भोजन खरीद सकते हैं। 

यदि कुछ नया करने जा रहे हैं, या बेराेजगारी लाभ प्राप्त कर रहे हैं ताे वह भी बताएं। इससे उन्हें आपके संसाधनाें और याेजनाओं के बारे में जानकारी मिलेगी। उनके सवाल गाैर से सुनें।
कड़वा सच बताएं कि नहीं
बच्चाें से बात करते समय यह तय करें कि उन्हें कितना बताना है। यह इस पर निर्भर करता है कि बच्चे की उम्र क्या है, नकारात्मक खबर सुनने की क्षमता कैसी है। बच्चाें काे नए आर्थिक परिदृश्य में सामंजस्य बैठाने के बारे में बताकर भी सच से अवगत करा सकते हैं। छाेटे बच्चे यह साेच सकते हैं कि बड़ाें के साथ बुरा हाे गया है ताे हमारे साथ भी ऐसा होगा। बुरे सपने आ सकते हैं।

किशाेर यह जानने के लिए उत्सुक हाेंगे कि हम अब भी डिनर पर जा सकेंगे?, मैं पहले वाले स्कूल ही जाऊंगा?, हम बेघर हाे जाएंगे? उन्हें बताएं कि क्या वैसा ही रहेगा और क्या बदल सकता है। हर बदलाव से अवगत कराएं।
आगे की साेचें
बच्चाें काे समझाएं कि अर्थव्यवस्था दाैड़ते ही, परिस्थिति भी बदलेगी। नई नाैकरी मिल सकती है। आपकी परिस्थितियां बदल सकती हैं। नए दाैर में पूरे परिवार काे छाेटी टीम मानकर चलें। 

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