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भास्कर ग्राउंड रिपोर्ट:डाक वोटों ने ट्रम्प को किया था बेदखल, अब राज्यों में ऐसी सहूलियतें छीन रहे

12 दिन पहलेलेखक: न्यूयॉर्क से भास्कर के लिए मोहम्मद अली
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क्यों वोटिंग नियम सख्त कर रहे हैं ट्रम्प के रिपब्लिकन स्टेट्स। - Dainik Bhaskar
क्यों वोटिंग नियम सख्त कर रहे हैं ट्रम्प के रिपब्लिकन स्टेट्स।

चुनाव पूर्व वोटिंग और डाक वोटों ने डोनाल्ड ट्रम्प को सत्ता से बेदखल कर दिया था। ऐसे में 43 राज्यों में 250 रिपब्लिकन लॉ मेकर्स ने इन सहूलियतों को सीमित करने के लिए बिल पेश किया है। इनमें चुनाव पूर्व वोटिंग के दिन घटाने, डाक द्वारा वोटिंग की शर्तों को और सख्त करने, चुनाव के दिन वोटिंग के घंटे सीमित करने जैसे प्रावधान हैं। जॉर्जिया, फ्लोरिडा में यह पास हो चुका है। टेक्सास में कतार में है। सबसे ज्यादा जोर डाक द्वारा वोटों के नियमों को सीमित करने पर है। ऐसे वोटर्स को बैलेट पत्र के साथ आईडी, नोटरी या गवाही के डॉक्यूमेंट अनिवार्य होंगे।

विशेषज्ञों के मुताबिक, ये प्रयास अमेरिका में लोकतंत्र को खोखला कर देंगे और लाखों लोग वोट नहीं डाल सकेंगे। चुनावी मामलों के वकील मार्क एलियास कहते हैं कि हम इनके खिलाफ कोर्ट जाने के लिए तैयार हैं। ये कानून लागू होते हैं तो अगले साल के मिड टर्म चुनाव में पोलिंग बूथ पर लंबी लाइनें दिखाई देंगी।

रिपब्लिकन पार्टी लोगों को वोटिंग से वंचित रख चुनाव जीतना चाहती है। बता दें कि बीते साल 73% वोटर्स ने या तो चुनाव से पूर्व वोट किया था या डाक द्वारा। इनमें 8.5 करोड़ ने डाक से वोट किया था। इन्हीं से बाइडेन व्हाइट हाउस पहुंचे। ट्रम्प अब तक इन वोटों को फर्जी बताते रहे हैं। वहीं अमेरिका में 120 साल में सबसे ज्यादा 73.7% वोटिंग हुई। अमेरिकी इतिहास में कम वोटिंग का फायदा अक्सर रिपब्लिकन पार्टी को मिलता रहा है।

23 राज्यों में रिपब्लिकन का दबदबा, वहां ये बिल आसानी से पास हो सकते हैं
रिपब्लिकन के दबदबे वाले राज्यों में यह बिल आसानी से पास हो सकते हैं। ऐसे 23 राज्य हैं जहां लेजिस्लेटिव चैंबर और गवर्नरशिप दोनों में ही रिपब्लिकन है, वहीं डेमोक्रेटिक पार्टी के पास ऐसे 15 राज्य हैं। रिपब्लिकन राज्यों एरिजोना, जॉर्जिया, साउथ कैरोलिना, मिसूरी और फ्लोरिडा में सख्त नियम लाए जा रहे हैं। पर डेमोक्रेटिक वॉशिंगटन में ऐसे बिल पास होने की संभावना नहीं है।

लंबी कतारें लगेंगी, वोट डाले बिना लौटना पड़ सकता है

  • जॉर्जिया में वीकेंड पर सीमित घंटों में ही वोट पड़ सकेंगेे। 65 साल से अधिक और दिव्यांग ही डाक से वोट भेज सकेंगे।
  • टेक्सास, जॉर्जिया में रिपब्लिकन का फोकस उन इलाकों पर, जहां ट्रम्प को हार मिली थी। चुनाव अधिकारी कम होने से वोटिंग सेंटर्स भी कम होंगे। ऐसे में वोटर्स को लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी।
  • इन वजहों से ज्यादातर वोट आखिरी दिन बूथ पर ही पड़ेंगे। समय खत्म होने पर लाखों लोग वोट डालने से चूक सकते हैं।