रिपोर्ट / अमेरिका की पहली हिंदू सांसद तुलसी गबार्ड 2020 में लड़ सकती हैं राष्ट्रपति चुनाव



तुलसी ने 2013 में चुनाव जीतने के बाद भगवत गीता पर शपथ ली थी। तुलसी ने 2013 में चुनाव जीतने के बाद भगवत गीता पर शपथ ली थी।
तुलसी का जन्म भारत में नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने मां की तरह ही हिंदू धर्म अपनाया। तुलसी का जन्म भारत में नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने मां की तरह ही हिंदू धर्म अपनाया।
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तुलसी ने 2013 में चुनाव जीतने के बाद भगवत गीता पर शपथ ली थी।तुलसी ने 2013 में चुनाव जीतने के बाद भगवत गीता पर शपथ ली थी।
तुलसी का जन्म भारत में नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने मां की तरह ही हिंदू धर्म अपनाया।तुलसी का जन्म भारत में नहीं हुआ, लेकिन उन्होंने मां की तरह ही हिंदू धर्म अपनाया।

  • अमेरिका के हवाई से से चार बार की सांसद हैं तुलसी
  • राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी पर अगले साल हो सकता हैं ऐलान

Nov 12, 2018, 04:59 PM IST

वॉशिंगटन. भारतवंशी अमेरिकी सांसद तुलसी गबार्ड 2020 में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ने की योजना बना रही हैं। उनके करीबी सूत्रों के हवाले से यह दावा किया गया है। तुलसी 2013 से अमेरिका के हवाई राज्य से हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में डेमोक्रेट सांसद हैं। वे अमेरिकी संसद में जगह बनाने वाली पहली हिंदू भी हैं। 

भारतीय मूल के डॉक्टर ने दिए संकेत

  1. लॉस एंजिलिस में शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय मूल के अमेरिकी डॉक्टर संपत शिवांगी ने तुलसी का परिचय बताते हुए उन्हें 2020 में राष्ट्रपति पद का दावेदार बताया। इस पर दर्शकों ने काफी देर तक तालियां बजाईं। हालांकि, खुद तुलसी ने राष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवारी पर कोई बयान नहीं दिया। 

  2. माना जा रहा है कि उनकी दावेदारी पर क्रिसमस के बाद फैसला लिया जा सकता है। हालांकि, स्थितियों को देखते हुए तुलसी इसके आधिकारिक ऐलान में एक साल तक का समय ले सकती हैं।

  3. भारतीय-अमेरिकियों से समर्थन जुटा रहे करीबी

    इसी बीच दावा किया गया है कि तुलसी और उनकी टीम ने पहले ही वोटर्स और दानदाताओं के बीच राष्ट्रपति पद की संभावित उम्मीदवार के तौर पर पहुंचना शुरू कर दिया है। उनके अभियान में भारतीय-अमेरिकियों को प्रमुख तौर पर टारगेट किया जा रहा है। 

  4. तुलसी गबार्ड पहले ही भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिकों के बीच लोकप्रिय हैं। भारतीय-अमेरिकियों का समूह यहूदी अमेरिकियों के बाद देश का सबसे प्रभावशाली और अमीर ग्रुप माना जाता है। इसी वजह से वे अमेरिका के 50वें राज्य हवाई से लगातार जीत दर्ज करती आ रही हैं।

  5. चार बार की सांसद तुलसी भारत अमेरिका के संबंधों की बड़ी समर्थक हैं। वे फिलहाल हाउस की ताकतवर आर्म्ड सर्विस कमेटी और विदेश मामलों की कमेटी की सदस्य हैं। 

  6. समोआ में हुआ तुलसी का जन्म

    गबार्ड का जन्म अमेरिका के समोआ में एक कैथोलिक परिवार में हुआ था। उनकी मां कॉकेशियन हिंदू हैं। इसी के चलते तुलसी गबार्ड शुरुआत से ही हिंदू धर्म की अनुयायी रही हैं। 

  7. अगर गबार्ड राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी का ऐलान करती हैं तो वे किसी बड़े राजनीतिक दल की ओर से व्हाइट हाउस के लिए खड़ी होने वाली पहली हिंदू उम्मीदवार होंगी। साथ ही अगर वे चुनी जाती हैं तो अमेरिका की पहली महिला और सबसे युवा राष्ट्रपति का तमगा भी हासिल कर सकती हैं। 

  8. भगवत गीता पर ली थी सांसद पद की शपथ

    शुक्रवार को कार्यक्रम में तुलसी को राष्ट्रपति पद का दावेदार बताने वाले डॉक्टर शिवांगी खुद एक रिपब्लिकन नेता हैं। हालांकि, उन्होंने पहली बार 2012 में तुलसी के चुनाव लड़ने के लिए फंड जुटाया था। सांसद बनने के बाद तुलसी पहली सांसद थीं, जिन्होंने भगवत गीता के नाम पर शपथ ली थी। 

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