नए साल का तोहफा:UAE के सरकारी दफ्तरों में साढ़े चार दिन का वर्किंग वीक होगा, ऐसा करने वाला पहला देश

दुबई5 महीने पहले

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) अपने कर्मचारियों को नए साल में आराम का तोहफा देेने जा रहा है। 1 जनवरी 2022 से यहां हफ्ते में सिर्फ साढ़े चार दिन काम होगा। बाकी ढाई दिन छुट्टी होगी। UAE सरकार ने इस बारे में ऑफिशियल स्टेटमेंट जारी कर दिया है।

अगले कुछ दिन में सर्कुलर तमाम सरकारी ऑफिसों को भेज दिया जाएगा। UAE दुनिया का पहला देश है, जहां वीकली वर्किंग ऑवर्स यानी सप्ताह में काम के दिन कम किए गए हैं। दुनिया के ज्यादातर देशों में फाइव डे वर्किंग वीक कल्चर है।

निजी सेक्टर भी यही नियम लागू कर सकता है
UAE के अखबार ‘द नेशनल’ के मुताबिक, नया वर्किंग कैलेंडर 1 जनवरी 2022 से लागू करने का प्लान इसलिए बनाया गया ताकि इसे लागू करने में किसी तरह की दिक्कत पेश न आए। UAE में कर्मचारियों के लिए जिस तरह के नियम हैं, उनके आधार पर यह माना जा रहा है कि जल्द ही देश का निजी सेक्टर भी इसी तरह के कदम उठाएगा।

1971 से 1999 तक देश में हफ्ते में 6 दिन काम होता था। 1999 में इसे बदलकर पांच दिन और अब साढ़े चार दिन किया गया है।
1971 से 1999 तक देश में हफ्ते में 6 दिन काम होता था। 1999 में इसे बदलकर पांच दिन और अब साढ़े चार दिन किया गया है।

शुक्रवार को सिर्फ आधा दिन काम
शुक्रवार को आधा दिन काम यानी हाफ-डे वर्किंग रहेगी। शनिवार और रविवार को पूरी तरह छुट्टी रहेगी। आदेश के मुताबिक, शुक्रवार को कर्मचारी अगर वर्क फ्रॉम होम चाहते हैं तो उन्हें इसकी मंजूरी रहेगी। दुबई और अबुधाबी में सरकार के इस ऐलान से कर्मचारी काफी खुश हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जल्द ही देश के तमाम स्कूल और कॉलेज भी इस नए रूल को फॉलो करेंगे। इस बारे में अलग से सर्कुलर जारी किया जा सकता है। हालांकि, स्कूलों और निजी सेक्टर के बारे में अभी किसी तरह की गाइडलाइंस जारी नहीं की गईं हैं। कंपनियां इस बारे में खुद फैसला करेंगी।

प्रोडक्टिविटी में इजाफा करना मकसद
UAE गवर्नमेंट के ऑफिशियल मीडिया सेल ने कहा- अगर हम अपने कर्मचारियों को काम के बदले उतना ही आराम भी देंगे तो इससे उनकी प्रोडक्टिविटी में इजाफा होगा। इससे देश को ही फायदा होगा। UAE ने 2006 में आखिरी बार वर्किंग वीक पैटर्न चेंज किया था। तब गुरुवार-शुक्रवार की जगह शुक्रवार-शनिवार को छुट्टी का ऐलान किया गया था।

सरकार का कहना है कि वह ग्लोबल मार्केट्स के पैटर्न को फॉलो करना चाहती है। 1971 से 1999 तक देश में 6 दिन काम होता था। 1999 में इसे बदलकर पांच दिन और अब साढ़े चार दिन किया गया है।