भारतीय यात्रियों के लिए UAE ने किया नियम में बदलाव:पासपोर्ट पर सरनेम होना जरूरी, दोनों नाम नहीं तो होने पर नहीं मिलेगा वीजा

अबू धाबी13 दिन पहले
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संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भारत के हवाई यात्रा करने वालें यात्रियों के लिए नियम में बदलाव की घोषणा की है। नए नियम के मुताबिक यात्री के पासपोर्ट पर पहला और दूसरा नाम होना जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर यात्री को वीजा नहीं दिया जाएगा। यह बदलाव 21 नवंबर से लागू किया गया है।

UAE ने ट्रेड पार्टनर इंडिगो एयरलाइंस को भी संबंध में निर्देश जारी किए हैं। जिसके अनुसार पासपोर्ट पर एक ही नाम वाले यात्री जो घूमने या किसी दूसरे काम के लिए वीजा पर यात्रा करने वाले हैं, उन्हें UAE से जाने और आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। पासपोर्ट पर यात्री का नाम और सरनेम स्पष्ट लिखा होना जरूरी है।

स्थायी वीजा वालों के लिए छूट
UAE ने यह भी कहा है कि सिर्फ स्थायी वीजाधारकों को सिंगल नाम वाले पासपोर्ट से यात्रा करने की छूट दी जाएगी। बशर्ते वह पहले अपडेट किया गया हो। अधिक जानकारी के लिए लोगों से goindigo.com पर विजिट करने के लिए कहा है।

क्या होता है वीजा?
वीजा (VISA) का फुल फॉर्म Visitors International Stay Admission होता है। वीजा एक प्रकार का अनुमति पत्र होता है जो विदेश जाने के लिए जरूरी होता है। आप किस देश में जाना चाहते हैं, कितने समय के लिए जा रहे हैं यह सब वीजा कार्ड लिखा होता है। इसे दूतावास में जाकर या ऑनलाइन बनवाया जा सकता है।

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अमेरिकी वीजा की लंबी वेटिंग:वेरिफिकेशन स्टांप लगवाने के लिए 12 महीने का इंतजार

भारतीयों के लिए ड्रीम अमेरिका मुसीबतों का सबब बनता जा रहा है। वहां घूमने के इच्छुक लोगों के लिए टूरिस्ट वीजा के इंटरव्यू अपॉइंटमेंट की वेटिंग बढ़कर अब 30 महीने पार हो चुकी है। ये परेशानी तो जाने के लिए है।

दूसरी ओर, अमेरिका में वर्क वीजा लेकर गए भारतीयों के लिए अब घर लौटना भी मुश्किल भरा है। अगर कोई भारतीय अपने परिजन से मिलने के लिए बीच में भारत आ जाए, तो अमेरिका लौटने के लिए उसे अपने वीजा पर वेरिफिकेशन की मुहर लगवानी पड़ती है। इस कारण अमेरिका लौटने की वेटिंग भी 12 महीने तक पहुंच चुकी है। जल्द स्टांप लगवाने के लिए भारतीय वियतनाम का रुख कर रहे हैं।

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यूके की गृह सचिव सुएला ब्रेवरमैन ने उन छात्रों और उनके परिवार के सदस्यों को चिंतित किया है जो यूके में पढ़ना चाहते हैं। कंजरवेटिव पार्टी के सम्मेलन में उन्होंने कहा कि यूके में पढ़ने वाले छात्रों के साथ परिवार के सदस्यों की संख्या बहुत अधिक है। उन्होंने कहा कि छात्रों के साथ आने वाले परिवार के सदस्य कम कुशल नौकरियों में काम कर रहे हैं। वह ब्रिटेन की आर्थिक स्थिति को सुधारने में योगदान नहीं दे रहे हैं।