ब्रिटेन में बोरिस ने पार्टी नेता पद छोड़ा:अक्टूबर में नया PM कैसे चुना जाएगा, जॉनसन तब तक बतौर प्रधानमंत्री काम करते रहेंगे

लंदन3 महीने पहले

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कंजर्वेटिव पार्टी के नेता के तौर पर इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, अक्टूबर में होने वाले पार्टी के सम्मेलन तक वो प्रधानमंत्री बने रहेंगे। इस सम्मेलन में संसदीय दल का नया नेता चुना जाएगा और वही प्रधानमंत्री होगा। एक महीने पहले ही बोरिस ने वोट ऑफ कॉन्फिडेंस जीता था। खास बात यह है कि पिछले महीने जिन दो सीनियर मिनिस्टर्स ऋषि सुनक और साजिद जाविद ने सरकार बचाने में अहम रोल अदा किया था, अब वे भी जॉनसन का साथ छोड़ चुके हैं।

बहरहाल, ब्रिटेन की सियासत में उठे तूफान से कुछ सवाल भी पैदा होते हैं। मसलन, आगे क्या होगा। नया प्रधानमंत्री कैसे चुना जाएगा।

जॉनसन का क्या होगा?

  • पिछले महीने जॉनसन ने कॉन्फिडेंस वोट जीता था। रूल्स के हिसाब से 12 महीने तक उनके खिलाफ दूसरा नो-कॉन्फिडेंस मोशन नहीं लाया जा सकता। उनकी ही पार्टी के कुछ सांसद मांग कर रहे हैं 12 महीने के इस इम्युनिटी पीरिएड को कम या खत्म किया जाए। एक रास्ता यह भी है कि जॉनसन सीधे प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर फ्रेश इलेक्शन यानी नए चुनाव की घोषणा कर दें। हालांकि उन्होंने ऐसा नहीं किया और सिर्फ पार्टी नेता के पद से इस्तीफा दिया। वजह यह है कि संसद और जॉनसन की पार्टी भी नए चुनाव के फेवर में नहीं हैं।

इन तीन बातों पर गौर करना जरूरी

  • कई मिनिस्टर्स कैबिनेट छोड़ चुके थे। ब्रिटेन में पार्टी का संविधान भी बहुत अहम होता है। लिहाजा मंत्री ही साथ नहीं तो बोरिस को भी पद छोड़ना ही था। वो पार्टी नेता का पद छोड़ चुके हैं। अक्टूबर में प्रधानमंत्री की कुर्सी भी छोड़ देंगे।
  • जॉनसन अगले प्रधानमंत्री के चुने जाने तक (अक्टूबर तक) काम करते रहेंगे। बड़े फैसले नहीं ले सकेंगे। हर अहम फैसले के लिए संसद से मंजूरी लेनी होगी। उन्हें यह फायदा जरूर है कि उनकी पार्टी के पास संसद में बहुमत है।
  • पार्टी के 12 महीने इम्युनिटी वाले नियम को बदलने की मांग हो रही है। उम्मीद है अक्टूबर में होने वाले पार्टी सम्मेलन में इस विवादित नियम पर भी कोई फैसला होगा।

नया नेता कैसे चुनेंगे?

  • नए नेता के नॉमिनेशन के लिए 2 सांसदों का प्रस्ताव जरूरी। ऐसे में कई पार्टी नेता प्रधानमंत्री पद के लिए दावेदारी कर सकते हैं। हालांकि, यह तस्वीर अक्टूबर तक ही साफ होगी।
  • पार्टी सांसदों को कई दौर की वोटिंग करनी होगी। एक नाम पर सहमति बनाने की कोशिश होगी। जिसे ज्यादा वोट मिलेंगे, वो दावेदार होगा।
  • यह वोटिंग तब तक होगी, जब तक सिर्फ 2 कैंडिडेट रेस में न रह जाएं। अमूमन यह वोटिंग मंगलवार और गुरुवार को होती है।
  • आखिरी 2 कैंडिडेट के लिए भी वोटिंग होगी। इनमें से जो जीतेगा, वो प्रधानमंत्री चुना जाएगा।
ब्रिटिश PM का ऑफिशियल रेसीडेंस 10 डाउनिंग स्ट्रीट। अगला चुनाव 2024 में होना है। माना जा रहा कि कंजर्वेटिव पार्टी अब किसी बेदाग छवि वाले नेता के नाम पर विचार करेगी।
ब्रिटिश PM का ऑफिशियल रेसीडेंस 10 डाउनिंग स्ट्रीट। अगला चुनाव 2024 में होना है। माना जा रहा कि कंजर्वेटिव पार्टी अब किसी बेदाग छवि वाले नेता के नाम पर विचार करेगी।

प्रोसेस में कितना वक्त लगेगा?

  • कोई तय वक्त या मियाद नहीं है। यह इस बात पर निर्भर है कि रेस में कितने कैंडिडेट्स हैं और वोटिंग में कितना वक्त लगता है।
  • 2016 में डेविड कैमरॉन के इस्तीफे के बाद थेरेसा मे सिर्फ 3 हफ्ते में नेता चुन ली गईं थीं। बाकी कैंडिडेट्स ने नाम वापस ले लिए थे।
  • 2019 में जॉनसन को जेरेमी हंट ने चैलेंज किया था। थेरेसा मे रिजाइन कर चुकीं थीं। दो महीने में बोरिस प्रधानमंत्री बन गए थे।
  • बहुत आसान भाषा में समझें तो जॉनसन अगर प्रधानमंत्री पद से भी इस्तीफा नहीं देते हैं तो वो अक्टूबर तो इस पद पर बने ही रहेंगे।