यूक्रेनियन सैनिक की फायरिंग में 5 की मौत:रूस के साथ तनाव का इस घटना से कोई ताल्लुक नहीं, फायरिंग मिलिट्री फैक्ट्री में; 5 मरे, 5 घायल

कीव4 महीने पहले

यूक्रेन में गुरुवार को एक सैनिक ने मिलिट्री इक्विपमेंट्स बनाने वाली कंपनी में अंधाधुंध फायरिंग की। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई और इतने ही घायल बताए गए हैं। घटना का कारण फिलहाल पता नहीं लग सका है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावर को गिरफ्तार कर लिया गया है। माना जा रहा है कि इस घटना का रूस और यूक्रेन के बीच विवाद से कोई ताल्लुक नहीं है।

भाग गया था सैनिक
यह घटना दिप्रो इलाके में स्थित पिवडेमेश मिसाइल फैक्ट्री में हुई। इस दौरान वहां से सैनिकों के लिए हथियार निकाले जा रहे हैं। पुलिस के मुताबिक मारे गए लोगों में एक फैक्ट्री के चार कर्मचारी और एक आम नागरिक शामिल है। जानकारी के मुताबिक हमला करने के बाद आरोपी सैनिक वहां से भाग निकला था। बाद में उसे गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से एक एके-47 रायफल और 200 गोलियां बरामद की गई हैं।

यूक्रेन के डिप्टी होम मिनिस्टर एंतन ग्रेशेंको ने कहा- सबसे पहले तो हमें यह पता लगाना था कि इस घटना के पीछे आखिर मकसद क्या था? क्या इस सैनिक पर कोई मानसिक दबाव था या फिर वो निजी तौर पर तनाव में था। हमने जांच कमेटी बना दी है। वो इस मामले की जांच कर रही है।

यूक्रेन के एक सैन्य ठिकाने पर तैनात सैनिक। रूस और यूक्रेन के बीच जंग के आसार हैं।
यूक्रेन के एक सैन्य ठिकाने पर तैनात सैनिक। रूस और यूक्रेन के बीच जंग के आसार हैं।

चार घंटे तक पुलिस ने पीछा किया
‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने लोकल इनपुट्स के हवाले से बताया- घटना गुरुवार सुबह तब हुई, जब यहां का स्टाफ सैनिकों के लिए हथियार और गोलियां जारी कर रहा था। इसी दौरान सामने से एक मिलिट्री गार्ड ने फायरिंग की। पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच लोग घायल हो गए। इनमें से दो की हालत गंभीर बताई गई है।

घटना के बाद पुलिस ने सर्च ऑपरेशन शुरू किया और लगातार 4 घंटे तक पीछा करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी का नाम आर्तेमी रेबेचुक बताया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे ही फायरिंग शुरू हुई तो लोगों ने शुरुआत में इसे यूक्रेन-रूस विवाद और जंग से जोड़ दिया। हालांकि कुछ ही देर में तस्वीर साफ हो गई और पता लगा कि ये स्थानीय मामला है। इसका जंग से कोई ताल्लुक नहीं।

आरोपी सैनिक को पुलिस-मिलिट्री इंटेलिजेंस ने घटना के चार घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी सैनिक को पुलिस-मिलिट्री इंटेलिजेंस ने घटना के चार घंटे बाद गिरफ्तार कर लिया।

शक की वजह क्या थी?
इस महीने की शुरुआत में अमेरिका ने यूक्रेन सरकार को एक अलर्ट जारी किया था। इसमें कहा गया था कि रूस ने यूक्रेन में अपने इंटेलिजेंस एजेंट्स एक्टिव कर दिए हैं। इन्हें स्थानीय तौर पर गड़बड़ी फैलाने का आदेश दिया गया है। इंडस्ट्रीज को निशाना बनाए जाने का शक भी जताया गया था, जिस फैक्ट्री में गुरुवार को गोलीबारी की घटना हुई, वहां एयरस्पेस टेक्नोलॉजी पर काम होता है और मिलिट्री के रॉकेट भी बनाए जाते हैं। यूक्रेन के लिए यह फैक्ट्री काफी अहम है। वैसे भी दिप्रो यूक्रेन की इकोनॉमी के लिहाज से काफी अहम शहर है। यहां बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री भी है।