परमाणु खतरे से सहमा यूरोप:रूस-यूक्रेन जंग के बीच लोगों में बंकर बनाने की होड़, फिनलैंड में ऐसे 50,000 बंकर मौजूद

5 महीने पहले
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रूस-यूक्रेन में जंग चल रही है। न पुतिन युद्ध रोक रहे हैं और न ही जेलेंस्की पीछे हटने को तैयार हैं। इस बीच यूक्रेन ने दावा किया है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अपने सैनिकों को जहरीली गैसों से हमला करने के आदेश दिए हैं। इन गैसों से बचाव के लिए रूसी सैनिकों को गैस मास्क भी दिए गए हैं। इससे पूरा यूरोप सहमा हुआ है। लोगों को परमाणु युद्ध का डर सता रहा है।

यूरोप पहले ही कोरोना के खिलाफ हाई अलर्ट पर दो साल बिता चुका है। लेकिन अब उनका ध्यान मास्क, टीके और लॉकडाउन की बजाय बंकरों, आयोडीन की गोलियों और परमाणु युद्ध की तरफ शिफ्ट हो गया है। ग्युलियो काविचिओली का कहना है कि उनकी कंपनी माइनस एनर्जी ने पिछले 22 सालों में 50 बंकरों पर काम किया है, लेकिन पिछले दो हफ्तों में उन्हें 500 बंकर बनाने के लिए कहा गया है।

यूक्रेन में लोगों ने लिया बंकरों का सहारा
रूस, यूक्रेन पर लगातार हमले कर रहा है। इससे बचने के लिए यूक्रेनी बंकरों का सहारा ले रहे हैं। इस बीच परमाणु हमले का भी खतरा मंडरा रहा है। अगर ऐसा होता है तो इसका असर पूरे यूरोप पर पड़ेगा, इसलिए अपनी जान बचाने के लिए यूरोप के लोग बंकर बनवा रहे हैं।

यूक्रेन के व्रुबिवका गांव में घर में बने बंकर में बैठे लोग।
यूक्रेन के व्रुबिवका गांव में घर में बने बंकर में बैठे लोग।

पूरे यूरोप में बंकरों की खस्ता हालत
UK और NATO के केमिकल वेपन एक्सपर्ट हामिश डी ब्रेटन गॉर्डन ने बताया कि सोवियत संघ के खत्म होने के बाद से हम सब बंकरों के बारे में भूल गए और अब हमें इसकी याद दिलाई गई है। उन्होंने कहा कि पूरे यूरोप में बंकर खराब हो गए हैं। हम परमाणु हमले से बचने के लिए पूरी तरह से तैयार नहीं हैं।

रूस के करीबी देश पहले ही तैयार रूस के पड़ोसी फिनलैंड की सुरक्षा समिति के सेक्रेटरी पेट्री टोइवोनेन का कहना है कि वह लगातार बंकर बना रहे हैं, ताकि परमाणु हमले से बचा जा सके। उनके यहां 50,000 बंकर हैं। इनमें लगभग 40,00,000 लोग ठहर सकते हैं।

बंकर का स्ट्रक्चर तैयार करती एक कंपनी।
बंकर का स्ट्रक्चर तैयार करती एक कंपनी।

सामान्य लोग दे रहे बंकर बनाने का ऑर्डर
आर्टेमिस प्रोटेक्शन के संस्थापक मैथ्यू सेरेन, एयर-फिल्ट्रेशन सिस्टम के साथ लग्जरी बंकर बनाते हैं। उनका कहना है कि इसे एक सामान्य घर की तरह देखें, लेकिन यह अंडरग्राउंड रहता है। इसकी लागत कम से कम 140,000 यूरो यानी 1,52,000 डॉलर है। उनका कहना है कि पहले अमीर लोग इसमें रुचि लेते थे, लेकिन अब हमें सामान्य लोगों ने भी ऑर्डर देना शुरू कर दिया। पिछले दो हफ्तों में हमसे 300 लोगों ने बंकर के लिए पूछा है।

तैयारियों में स्विट्जरलैंड से पीछे है फ्रांस
सेरेन ने कहा कि फ्रांस तैयारियों में अपने पड़ोसी देश स्विट्जरलैंड से काफी पीछे है। स्विट्जरलैंड ने 1960 के दशक में घरों में परमाणु शेल्टरों की जरूरत वाला कानून पारित किया था। वहां हर घर में बंकर और गैस फिल्टर मौजूद है। फिलहाल, देश में 3,50,000 से अधिक बंकर हैं, जो उनकी पूरी आबादी को बचा सकते हैं।

ल्यूसर्न के सोनेनबर्ग परमाणु फॉलआउट शेल्टर में एयर सप्लाई टनल को देखते टूरिस्ट।
ल्यूसर्न के सोनेनबर्ग परमाणु फॉलआउट शेल्टर में एयर सप्लाई टनल को देखते टूरिस्ट।

ब्रिटेन में 650 बंकर बेकार पड़े
डी ब्रेटन-गॉर्डन ने कहा कि ब्रिटेन में दूसरे विश्व युद्ध के बाद काम में आने वाले लगभग 650 बंकर बेकार पड़े हैं। इनमें कुछ टूरिस्ट को अट्रैक्ट करते हैं और कुछ का वाइन सेलर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

लोग बड़ी मात्रा में खरीद रहे आयोडीन की गोलियां
बंकरों के बाहर लोग बड़ी मात्रा में आयोडीन की गोलियों खरीद रहे हैं। उनका मानना है कि इससे वह जहरीली गैसों से अपना बचाव कर पाएंगे। दरअसल, यूक्रेन में साल 1986 में चेर्नोबिल के न्यूक्लियर पावर प्लांट में भयानक विस्फोट हुआ था। इसमें हजारों लोगों की मौत हो गई थी और लोगों को बचाने के लिए पोटेशियम आयोडाइड दिया गया था। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि आयोडीन की गोलियों से थायराइड और कैंसर जैसी बीमारियों को दूर करने में मदद मिल सकती है, लेकिन जहरीली गैसों से बचने के लिए डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

यूरोपीय संघ ने बताया कि इटली से स्वीडन तक, बेल्जियम से ब्रिटेन तक, परमाणु युद्ध का डर नई पीढ़ी में दिख रहा है। फुटपाथ से लेकर खेत तक, बिजी शॉपिंग मॉल से लेकर गोदामों तक, लोग बंकरों, सर्वाइवल गाइड और फॉलआउट शेल्टर बनाने के लिए कोई भी कीमत चुकाने को तैयार हैं।

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