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तालिबान-अलकायदा के बीच रिश्ते मजबूत:पाकिस्तान और अफगानिस्तान में छिपे हैं अलकायदा के आतंकी, पूर्व सरगना अल जवाहिरी जिंदा, लेकिन बेहद कमजोर

काबुल2 महीने पहले
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UN के सदस्य देशों के मुताबिक, अलकायदा संगठन के आतंकी अफगानिस्तान के कम से कम 15 प्रांतों में रह रहे हैं। -फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
UN के सदस्य देशों के मुताबिक, अलकायदा संगठन के आतंकी अफगानिस्तान के कम से कम 15 प्रांतों में रह रहे हैं। -फाइल फोटो

संयुक्त राष्ट्र संघ (UN) की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि आतंकी संगठन अलकायदा और तालिबान के रिश्ते कमजोर नहीं, बल्कि मजबूत हुए हैं। 18 देशों ने तैयार की इस रिपोर्ट में बताया गया है कि अलकायदा के आतंकी पाकिस्तान और अफगानिस्तान में छिपे हुए हैं। संगठन का पूर्व सरगना अल जवाहिरी भी जिंदा है। हालांकि, वह पहले से बेहद कमजोर हो गया है।

यह रिपोर्ट उस समय सामने आई है, जब अमेरिका समझौते के तहत अफगानिस्तान से अपनी सेना हटा रही है। प्लान के मुताबिक, अमेरिकी सेना 11 सितंबर तक पूरी तरह अफगानिस्तान से चली जाएगी।

पिछले साल ही अमेरिका के मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और तालिबान के बीच समझौता हुआ था। इसके तहत तालिबान ने वादा किया था कि संगठन का कोई भी सदस्य किसी भी तरह से मदद नहीं करने की बात कही थी।

अफगानिस्तान के 15 प्रांत में बसे हैं अलकायदा के आंतकी
रिपोर्ट में कहा गया है कि अलकायदा और तालिबान के बीच रिश्ते खराब होने के कोई संकेत नहीं मिले हैं। बल्कि दोनों के बीच रिश्ते शादी और पार्टनरशिप की तरह और भी मजबूत हुए हैं। दावा किया गया कि यह दोनों ही संगठन अब अपनी अगली पीढ़ी के लिए भी बेहद मजबूत रिश्ते के साथ आगे बढ़ना चाहते हैं।

UN के सदस्य देशों के मुताबिक, अलकायदा संगठन के आतंकी अफगानिस्तान के कम से कम 15 प्रांतों में रह रहे हैं। इसमें पूर्वी, दक्षिणी और दक्षिण-पूर्वी प्रांत प्रमुख हैं। अल जवाहिरी के नेतृत्व में शेख महमूद ही संगठन को चला रहा है।

जवाहिरी की कोई जानकारी नहीं
रिपोर्ट के मुताबिक जवाहिरी जिंदा है, लेकिन वह बेहद कमजोर हो गया है। यही कारण है कि उसकी कोई लोकेशन या उसके बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आती है। अलकायदा के नेतृत्व में मूल रूप से गैर अफगान लोग हैं और इसमें उत्तरी अफ्रीका और पश्चिम एशियाई देशों के लोग ज्यादा शामिल हैं।

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