आतंक के बाद भुखमरी की कगार पर अफगानी:यूएन की चेतावनी; अफगानिस्तान में 4 करोड़ की आबादी के लिए एक माह का राशन बचा

2 महीने पहले
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नई सरकार में भागीदारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करती महिलाएं। - Dainik Bhaskar
नई सरकार में भागीदारी की मांग को लेकर प्रदर्शन करती महिलाएं।

अफगानिस्तान आतंक के कब्जे में आने के बाद अब भुखमरी की कगार पर खड़ा है। करीब 4 करोड़ की आबादी दाने-दाने की मोहताज होने वाली है। इसे लेकर संयुक्त राष्ट्र (यूएन) ने चेतावनी देते हुए कहा कि अफगानिस्तान में इस माह के अंत तक के लिए खाद्यान्न बचा है। पहले से ही आफत के मारे अफगानिस्तान के लोगों को दो वक्त की रोटी मुहैया कराने के लिए 20 करोड़ डॉलर (करीब 1461 करोड़ रुपए) की तत्काल जरूरत है।

इस संबंध में यूएन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफगानियों के लिए भोजन की व्यवस्था करने के लिए अपील की है। यूएन के विशेष उप प्रतिनिधि और अफगानिस्तान में मानवाधिकार संयोजक रामिज अलकबारोव ने कहा कि इस युद्धग्रस्त देश में कम से कम एक-तिहाई जनता यह नहीं बता सकती कि उन्हें हर दिन भोजन मिलेगा या नहीं।

यहां यही हालत हैं। उन्होंने काबुल में एक वर्चुअल कॉन्फ्रेंस में बताया कि खाद्य असुरक्षा पूरे देश में घर कर चुकी है। ऐसा तब है, जब 6 लाख से ज्यादा अफगानी लोग पहले ही बेघर हो चुके हैं। पिछले दिनों पाक सीमा पार करके ट्रकों से 600 मीट्रिक टन खाद्यान्न अफगानिस्तान भेजा गया था। पर अब वो भी खत्म हो चुका है।

देश के 394 जिलों में मदद भेजने का प्रयास
यूएन ने बताया कि देश के आधे से ज्यादा बच्चे 5 साल से कम के हैं, जो अत्यधिक कुपोषित हैं। यूएन अभी काबुल एयरपोर्ट पर मौजूद 800 बच्चों को खाना मुहैया करा रहा है। जबकि देश के 394 जिलों में सहायता भेजने का प्रयास जारी है।