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इस्लामिक स्टेट के साथ मुठभेड़ में 2 अमेरिकी सैनिक मारे गए

एक वर्ष पहले
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इराक के अनबर प्रांत में ऐन अल-असद एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सैनिक। - Dainik Bhaskar
इराक के अनबर प्रांत में ऐन अल-असद एयरबेस पर मौजूद अमेरिकी सैनिक।
  • इराक और अमेरिका की सेना 8 मार्च को उत्तर मध्य इराक में आईएस के गढ़ को खत्म करने के मिशन पर थी
  • जानकारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के तहत इराक में अभी 5 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं

बगदाद. इराक की राजधानी बगदाद में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के साथ मुठभेड़ में अमेरिका के दो सैनिक मारे गए हैं। इराक और अमेरिका की सेना 8 मार्च को उत्तर मध्य इराक के पहाड़ी इलाके में आईएस के गढ़ को खत्म करने के मिशन पर थी। इसी दौरान दुश्मनों के हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई। अमेरिकी सेना 2014 से ईराकी बलों को हवाई सेवा और ट्रेनिंग दे रही है।


साल 2014 में आईएस ने इराक और सीरिया के तमाम हिस्सों में कब्जा कर लिया था। 2017 में इराक ने गठबंधन सेना के सहयोग से आतंकी संगठन आईएस को अपने शहरी इलाकों से बाहर निकाल दिया था। गठबंधन सेना तब से ही आतंकियों के स्लीपर सेल पर निगरानी रखती है और एयर स्ट्राइक को अंजाम देती है। एक जानकारी के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय गठबंधन के तहत इराक में अभी 5 हजार अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।

इराकी नेतृत्व सुलेमानी की मौत के बाद से अमेरिका से नाराज है 
अमेरिका ने जनवरी में इराक के बगदाद एयरपोर्ट में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की हत्या करके इराकी नेतृत्व को नाराज कर दिया है। इराक इसे अपनी संप्रुभता के उल्लंघन के रूप में देखता है। इसके घटना के बाद इराक से अमेरिकी बलों को निकालने की मांग बढ़ गई है। इराक की संसद ने विदेशी सैनिकों को निकालने के लिए वोटिंग भी की थी। जनवरी के अंत में शुरू होने वाले गंठबंधन सेना के ऑपरेशनों को भी रोक दिया गया था। तनाव तब और ज्यादा बढ़ गया था, जब ईरान समर्थित इराकी शिया अर्धसैनिक बलों ने अमेरिकी सेना के कैंप में रॉकेट दागे थे।