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चीन में मुस्लिमों की हालत बदतर, कश्मीर से पहले पाकिस्तान उनकी चिंता करे: अमेरिका

2 वर्ष पहले
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  • दक्षिण-मध्य एशिया मामलों की उपमंत्री एलिस वेल्स ने उइगर मुस्लिमों को हिरासत में रखे जाने पर चीन को घेरा
  • उन्होंने पाक का दोहरा रवैया उजागर करते हुए कहा कि पाक कभी चीन में मुस्लिमों के हालात पर बात नहीं करता
  • पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ने हाल ही में यूएन में कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन पर चिंता जाहिर की थी

न्यूयॉर्क. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से ही पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। पाक सरकार पिछले दो महीनों से कश्मीर में मुस्लिमों के मानवाधिकार उल्लंघन को लेकर झूठे बयान दे रही है। अमेरिका ने शुक्रवार को उसका यह दोहरा रवैया दुनिया के सामने उजागर कर दिया। अमेरिका की दक्षिण और मध्य एशिया मामलों की मंत्री एलिस जी वेल्स ने कहा कि चीन में मुस्लिमों के हालात काफी बदतर हैं। उन्हें नजरबंदी शिविरों में रखा जा रहा है। लेकिन पाकिस्तान इस पर कोई चिंता जाहिर नहीं करता। वेल्स ने कहा कि वे पाक को इस मामले पर ज्यादा चिंता जाहिर करनी चाहिए, क्योंकि वहां मानवाधिकारों का उल्लंघन ज्यादा है। 
 
वेल्स ने आगे कहा, “ट्रम्प प्रशासन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में चीन द्वारा मुस्लिमों के नजरबंदी शिविरों के भयानक हालात के मामलों को उठाया है। मुस्लिमों के लिए ऐसे हालात पूरे चीन में हैं। हम आगे भी इस मसले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाना जारी रखेंगे।”
 

इमरान कई अंतरराष्ट्रीय मंचों से उठा चुके हैं कश्मीर मुद्दा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान संयुक्त राष्ट्र महासभा के साथ-साथ अन्य कई मंचों से भी कश्मीर मुद्दा उठा चुके हैं। लेकिन उन्हें किसी भी कोशिश में सफलता नहीं मिली। हाल ही में यूएन महासभा में इमरान ने खुद माना लिया कि वे कश्मीर मुद्दे का अंतरराष्ट्रीयकरण करने में असफल रहे। इमरान ने कहा था कि वे मामले की गंभीरता न समझ पाने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय से खफा हैं। 
 

सिर्फ चीन ने किया है पाक का समर्थन
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद अब तक सिर्फ चीन ने ही पाक का समर्थन किया है। यूएन में बंद कमरे में कश्मीर समस्या पर बहस कराने के लिए चीन ने ही पाक का साथ दिया था। हालांकि, उसकी कोशिशें असफल रहीं। 57 देशों के इस्लामिक कोऑपरेशन आर्गनाइजेशन (आईओसी) ने भी पाक का साथ नहीं दिया। 
 


 

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