20 साल बाद देश वापसी:अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी शुरू, मदद के लिए रेंजर टास्क फोर्स भेजी गई

वॉशिंगटन/काबुल6 महीने पहले
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अफगानिस्तान के हेलमंड प्रांत में तैनात अमेरिकी सैनिक। 11 सितंबर तक सभी अमेरिकी सैनिक स्वदेश लौट आएंगे। (फाइल) - Dainik Bhaskar
अफगानिस्तान के हेलमंड प्रांत में तैनात अमेरिकी सैनिक। 11 सितंबर तक सभी अमेरिकी सैनिक स्वदेश लौट आएंगे। (फाइल)

अमेरिकी सैनिकों की अफगानिस्तान से वापसी शुरू हो गई है। गुरुवार रात व्हाइट हाउस ने इसकी पुष्टि की। व्हाइट हाउस की डिप्टी प्रेस सेक्रेटरी कैरीन जेन पियर ने कहा- हम इस बात की पुष्टि कर सकते हैं कि अफगानिस्तान से हमारे सैनिकों की वापसी शुरू हो गई है और यह प्रक्रिया जारी रहेगी।

पिछले हफ्ते अमेरिकी रक्षा मंत्री जनरल ऑस्टिन ने इसके लिए मंजूरी दी थी। उनके पहले राष्ट्रपति जो बाइडेन ने अमेरिकी संसद को इस बारे में जानकारी दी थी। बाइडेन के इस फैसले का अमेरिका के ही कुछ नेताओं ने विरोध भी किया था।

स्पेशल रेंजर्स टीम तैनात
पियर ने व्हाइट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- यूएस सेंट्रल कमांड ने सैन्य वापसी के लिए तैयारी की है। हम चाहते हैं कि हमारे सभी सैनिक महफूज देश लौटें। इसके लिए यूएस आर्मी रेंजर्स की एक बटालियन अफगानिस्तान भेजी गई है। ये सैन्य वापसी में मदद करेगी। ये रेंजर्स स्पेशल ट्रेनिंग ले चुके हैं और इन्हें मिशन वापसी के बाद किस तरह ट्रूप्स को वापस लाना है, इस काम में महारत हासिल है।

यही टीम अफगानिस्तान की सेना और सुरक्षा एजेंसियों को अपने सैनिक तैनात करने और दूसरी सलाह देगी। अमेरिका में 9/11 का हमला 2001 में हुआ था। 11 सितंबर को इसके 20 साल पूरे हो रहे हैं। इस हमले के बाद ही अमेरिकी सेनाएं यहां तैनात की गईं थीं। लगभग साढे चार हजार अमेरिकी सैनिक यहां मौजूद हैं।

11 सितंबर तक सभी सैनिक लौटेंगे
प्रेस सेक्रेटरी ने कहा- राष्ट्रपति ने जो आदेश दिया है, उस पर अमल किया जाएगा। हम 11 सितंबर तक सभी सैनिकों को देश लाने का वादा पूरा करेंगे। इसके लिए जो जरूरी इंतजाम किए जाने हैं, वे पूरे कर लिए गए हैं। इस बात में कोई दो राय नहीं कि यह काम आसान नहीं है, इसलिए हर पहलू को ध्यान में रखा जा रहा है।

मंगलवार को अमेरिकी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया था। इसके तहत अफगानिस्तान में अमेरिकी एम्बेसी में तैनात सभी अफसरों और उनके परिवारों को जल्द से जल्द देश छोड़ने को कहा गया था। अमेरिका और तालिबान के बीच हुए समझौते के तहत 1 मई तक युद्ध विराम है। इसके पहले अमेरिका अपने सभी सिविलियन्स को अफगानिस्तान से बाहर निकालना चाहता है।

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