अमेरिकी हाउस में ट्रम्प की पार्टी को बहुमत:मिड टर्म इलेक्शन में इस हाउस की 218 सीटें जीतीं, बाइडेन बोले- मिलकर काम करेंगे

वॉशिंगटन2 महीने पहले
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अमेरिकी मिड टर्म इलेक्शन में ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी ने हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव (लोअर हाउस) में 218 सीटें जीत ली हैं। अब अमेरिकी संसद के लोअर हाउस में रिपब्लिकन्स का कंट्रोल होगा। इस पर राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि वो ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने कहा- मैं अमेरिकी जनता की सेवा के लिए किसी भी पार्टी- डेमोक्रेटिक या रिपब्लिकन के साथ काम करूंगा। जनता बस इतना चाहती है कि उनका काम होता रहे। मैं जनता के लिए काम करने के लिए तैयार हूं।

राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा- मिड टर्म इलेक्शन ने अमेरिकी लोकतंत्र की ताकत दिखाई है।
राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा- मिड टर्म इलेक्शन ने अमेरिकी लोकतंत्र की ताकत दिखाई है।

अब कमजोर पड़ जाएंगे बाइडेन

  • बाइडेन के लिए हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव में जीत अहम थी। यहां बहुमत खो देने के बाद अब वो काफी कमजोर हो जाएंगे। बाइडेन को हर बड़ा फैसला लेने के लिए संसद में विपक्ष यानी डोनाल्ड ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के भरोसे रहना होगा।
  • ऐसा इसलिए क्योंकि हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव में जिस भी पार्टी की जीत होती है उस पार्टी का संसद में दबदबा होता है। वही पार्टी कानून बनाने में ज्यादा अहम रोल अदा करती है।
  • यहां ट्रम्प की पार्टी की जीत हुई है। इसका मतलब ये है कि उनकी पार्टी तय करेगी कि किन कानूनों पर वोटिंग होगी। इसके अलावा रिपब्लिकन्स बाइडेन के एजेंडों पर रोक लगा सकेंगे।
अगले दो साल तक यानी 2024 तक अमेरिका में विभाजित सरकार होगी। ऐसी इसलिए क्योंकि सीनेट (संसद के अपर हाउस) में डेमोक्रेट्स का कंट्रोल है।
अगले दो साल तक यानी 2024 तक अमेरिका में विभाजित सरकार होगी। ऐसी इसलिए क्योंकि सीनेट (संसद के अपर हाउस) में डेमोक्रेट्स का कंट्रोल है।

संसद के दोनों सदनों के काम पर एक नजर
भारत की तरह अमेरिका में भी संसद ही कानून बनाती है। हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव तय करता है कि किन कानूनों पर वोटिंग होगी। इसके बाद सीनेट उन कानूनों को अप्रूव या ब्लॉक करता है। इसके साथ ही सीनेट राष्ट्रपति ने जिन लोगों को नियुक्त किया है उन्हें कन्फर्म करता है। यहां तक की जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति के खिलाफ जांच भी सीनेट ही करता है।

न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, हाउस ऑफ रिप्रेजेन्टेटिव (लोअर हाउस) में रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी के बीच कांटे की टक्कर थी। बाइडेन की डेमोक्रेटिक पार्टी यहां 211 सीटें जीती। मिड टर्म इलेक्शन के नतीजे 2024 में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवारी का आधार तय करते हैं। आसान शब्दों में समझें तो लोगों के वोटों के आधार पर राष्ट्रपति उम्मीदवार का आंकलन किया जाता है और राष्ट्रपति चुना जाता है।

2024 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ेंगे डोनाल्ड ट्रम्प
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 2024 का राष्ट्रपति चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा- 'अमेरिका को फिर से महान और गौरवशाली बनाने के लिए मैं राष्ट्रपति पद के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर रहा हूं।' चुनाव के लिए औपचारिक रूप से घोषणा करने वाले डोनाल्ड ट्रम्प पहले प्रमुख दावेदार बन गए हैं। यानी 2024 में ट्रम्प का मौजूदा राष्ट्रपति जो बाइडेन से एक बार फिर कड़ा मुकाबला हो सकता है।

डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी संबोधन में कहा- मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। इस दौरान उनकी पत्नी मेलिना ट्रम्प साथ थीं।
डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी संबोधन में कहा- मैं चुनाव लड़ने के लिए तैयार हूं। इस दौरान उनकी पत्नी मेलिना ट्रम्प साथ थीं।

ट्रम्प की पार्टी आगे रही
मई 2022 में अमेरिकी चुनाव के लिए प्राइमरी हुई। प्राइमरी के दौरान दोनों प्रमुख पार्टियों के उम्मीदवार जनता के बीच जाते हैं और लोकप्रियता के आधार पर फिर अपनी ही पार्टी में उम्मीदवारी पाते हैं। इसमें ट्रम्प की पार्टी बाइडेन की पार्टी से आगे रही।

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