अमेरिका-तालिबान की बात होगी:अफगानिस्तान से सेना वापस बुलाने के बाद पहली बार तालिबानी प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे अमेरिकी अधिकारी

दोहाएक वर्ष पहले
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अमेरिका शनिवार और रविवार को तालिबान के प्रतिनिधियों के साथ आमने-समाने बात करने जा रहा है। यह बैठक कतर के दोहा में होगी। 30 अगस्त को अफगानिस्तान से अमेरिका के सेना वापस बुलाने के बाद अमेरका और तालिबान के बीच यह पहली फेस-टु-फेस मीटिंग होगी। हालांकि, अमेरिका ने यह भी साफ किया है कि इस बैठक का मतलब यह नहीं है उसने तालिबान की सरकार को मान्यता दे दी है। हम इस मामले को लेकर स्पष्ट हैं कि अगर तालिबान को मान्यता चाहिए तो उसे अपने एक्शन से इसे हासिल करना होगा।

तालिबान पर समावेशी सरकार बनाने का दबाव बनाएगा अमेरिका
अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'हम तालिबान पर दबाव बनाएंगे कि वे सभी अफगानी लोगों, खासतौर पर महिलाओं और बच्चियों के अधिकारों का सम्मान करें। साथ ही ज्यादा लोगों के समर्थन से समावेशी सरकार बनाएं।' उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान इस समय जिस तरह के आर्थिक संकट और मानवीय त्रासदी से गुजर रहा है, 'हम उस पर दबाव बनाएंगे कि वह मानवतावादी एजेंसियों को अफगानिस्तान में स्वतंत्रता से काम करने दे।'

अमेरिका की अपील- अफगानिस्तान में फंसे अमेरिकी नागरिकों को जाने दिया जाए
इससे पहले गुरुवार को अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा था कि 105 अमेरिकी नागरिकों और 95 ग्रीन कार्ड धारकों ने अमेरिका की तरफ से उपलब्ध कराई गईं फ्लाइट्स में अफगानिस्तान छोड़ा है। हालांकि, दर्जनों अमेरिकी नागरिक और कई अफगानी मददगार लोग अब तक अफगानिस्तान में फंसे हुए हैं और वहां से निकलना चाहते हैं। इस संबंध में अमेरिका तालिबान से अपील करने वाला है कि उन्हें देश छोड़कर जाने दिया जाए।