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दुनिया की पांच बड़ी खबरें:अमेरिका-जापान ने चीन से निपटने का प्लान तैयार किया, दोनों देशों के बीच 2+2 बातचीत खत्म

वॉशिंगटन4 महीने पहले
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दक्षिण चीन सागर के बाद हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी चीन दबदबा कायम करने की कोशिश कर रहा है। उसने जापान की जल सीमा में अपनी कुछ बोट्स भेजी थीं। अब अमेरिका और जापान चीन को जवाब देने के लिए साथ आ गए हैं। एक खबर नॉर्थ और साउथ कोरिया से जुड़ी है। यहां साउथ कोरिया ने दावा किया है कि नॉर्थ कोरिया ने बुधवार और गुरुवार को जिन मिसाइलों के टेस्ट किए, वो बैलेस्टिक या हाइपरसोनिक मिसाइलें नहीं थीं। यहां जानते हैं दुनिया की पांच अहम खबरें।

चीन के खिलाफ जापान अमेरिका साथ

अमेरिका ने कहा है कि वो जापान की समुद्री सीमा पर चीनी घुसपैठ को रोकेगा। (फाइल)
अमेरिका ने कहा है कि वो जापान की समुद्री सीमा पर चीनी घुसपैठ को रोकेगा। (फाइल)

दक्षिण चीन सागर के बाद हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भी चीन दबदबा कायम करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका और जापान के डिफेंस और फॉरेन मिनिस्टर की शुक्रवार को खत्म हुई मीटिंग में चीन को जवाब देने की स्ट्रैटेजी तैयार कर ली गई है। इसके पहले अमेरिका की मदद से जापान और ऑस्ट्रेलिया ने भी एक डिफेंस डील की थी। खास बात ये है कि ये तीनों ही देश क्वॉड में शामिल हैं और भारत इसका चौथा सदस्य है। अमेरिका पहले से ही जापान का डिफेंस पार्टनर है। लेकिन, शुक्रवार को हुआ समझौता खासतौर पर चीन को जवाब देने के लिए है। चीन ने अब तक इस पर रिएक्शन नहीं दिया है। चीन अकसर जापान की जल सीमा में अपनी बोट्स भेज देता है। उसका दावा है कि जापान का सेनकाकू द्वीप वास्तव में चीन का जल क्षेत्र है।

पाकिस्तान को उम्मीद, मार्च से फ्लाइट्स जाएंगी यूरोप

फेक पायलट लाइसेंस के मुद्दे पर यूरोप यूनियन पाकिस्तान का बायकॉट किया था। (फाइल)
फेक पायलट लाइसेंस के मुद्दे पर यूरोप यूनियन पाकिस्तान का बायकॉट किया था। (फाइल)

इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) ने पाकिस्तान के सिविल एविएशन सेफ्टी स्टैंडर्ड्स का मुआयना किया है। देश के एविएशन मिनिस्टर गुलाम सरवर खान को उम्मीद है कि करीब डेढ़ साल बाद पाकिस्तान की फ्लाइट्स यूरोप जा सकेंगी। डेढ़ साल पहले पाकिस्तान एयरलाइंस के पायलटों का फर्जीवाड़े का खुलासा यूरोपीय यूनियन ने किया था। बाद में सरवर ने संसद में इसकी पुष्टि की थी। हालांकि, ‘द एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ से बातचीत में एक पायलट ने कहा- मार्च में फ्लाइट्स रिज्यूम होने की सिर्फ उम्मीद की जा सकती है। हकीकत यह है कि यह बहुत मुश्किल काम है और इसमें बहुत वक्त लगेगा। हमें अपना पूरा सिस्टम बदलना पड़ेगा और इसके लिए सबसे पहले इस सेक्टर में करप्शन और फर्जीवाड़ खत्म करना होगा।

ईरान ने कहा- अमेरिका प्रतिबंध हटाए तो एटमी करार मुमकिन

ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि समझौते के लिए अमेरिका को प्रतिबंध हटाने होंगे। (फाइल)
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि समझौते के लिए अमेरिका को प्रतिबंध हटाने होंगे। (फाइल)

एटमी ताकत बनने के लिए बेताब ईरान ने शुक्रवार को दुनिया और खासतौर पर अमेरिका के सामने एक शर्त रखी। ईरान के विदेशमंत्री हुसैन आमिर अब्दुलहुसैन ने कहा- अगर अमेरिकी सरकार ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाती तो विएना में चल रही बातचीत कामयाब हो सकती है और हम अमेरिका के साथ एटमी डील कर सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि हमारी तरह अमेरिका और उसके सहयोगी भी पॉजिटिव एप्रोच दिखाएं। अमेरिका और ईरान के बीच विएना में अब तक 8 दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन 2015 को फिर बहाल करने पर समझौता नहीं हो सका है। ईरान का कहना है कि वो अमेरिका की तमाम शर्तों पर विचार कर रहा है, लेकिन डील के लिए जरूरी यह है कि पहले ईरान से प्रतिबंध हटाए जाएं।

नॉर्थ कोरिया के मिसाइल टेस्ट्स पर नया दावा

साउथ कोरिया के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया के पास बैलेस्टिक मिसाइल नहीं हैं। (फाइल)
साउथ कोरिया के मुताबिक, नॉर्थ कोरिया के पास बैलेस्टिक मिसाइल नहीं हैं। (फाइल)

नॉर्थ कोरिया ने बुधवार और गुरुवार को दो मिसाइल टेस्ट किए थे। उसकी सरकारी न्यूज एजेंसी ने इन्हें बैलेस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइल टेस्ट बताया था। अब साउथ कोरिया ने अपने पड़ोसी देश नॉर्थ कोरिया के दावों पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। साउथ कोरिया ने शुक्रवार को कहा- नॉर्थ कोरिया के मिसाइल टेस्ट को बढ़ाचढ़ाकर पेश किया जा रहा है। यह एक नॉर्मल मिसाइल टेस्ट था। हम साफ कर देना चाहते हैं कि इन मिसाइलों को आसानी से इंटरसेप्ट किया जा सकता है। हम साफ कर देना चाहते हैं कि नॉर्थ कोरिया के पास अब तक बैलेस्टिक और हाइपरसोनिक मिसाइल टेक्नोलॉजी नहीं है और वो जो दावे कर रहा है उनके कोई सबूत नहीं दिए गए हैं। नॉर्थ कोरिया ने दावा किया था कि उसकी मिसाइलें 7 हजार किलोमीटर तक मार कर सकती हैं।

भारत ने अफगानिस्तान को फिर दवाएं-उपकरण भेजे

भारत ने अफगानिस्तान को तीसरी बार दवाइयां और मेडिकल इक्युपमेंट्स भेजे हैं। (फाइल)
भारत ने अफगानिस्तान को तीसरी बार दवाइयां और मेडिकल इक्युपमेंट्स भेजे हैं। (फाइल)

भारत ने अफगानिस्तान को एक बार फिर मदद भेजी है। शुक्रवार को नई दिल्ली से दो टन दवाएं और मेडिकल इक्युपमेंट्स अफगानिस्तान भेजे। विदेश मंत्रालय ने कहा- हम अफगानिस्तान को मानवीय आधार पर मदद भेजना जारी रखेंगे। अफगान अवाम को इस वक्त इस तरह की मदद की सख्त जरूरत है। यह भारत की तरफ से भेजी गई मदद की तीसरी खेप है। काबुल में इंदिरा गांधी हॉस्पिटल है। यह दवाएं और उपकरण वहां पहुंचाए जा रहे हैं। इसके पहले 5 लाख कोविड वैक्सीन भी अफगानिस्तान भेजी गईं थीं। दूसरी तरफ, अफगानिस्तान को 50 हजार टन गेहूं भेजे जाने का मामला भारत-पाकिस्तान की तनातनी की वजह से फंसा हुआ है। भारत इसे वाघा बॉर्डर के जरिए अपने ट्रकों से भेजना चाहता है। पाकिस्तान इसके लिए मंजूरी नहीं दे रहा है।