अमेरिका की पाकिस्तान को नसीहत:चीन से कर्ज चुकाने में राहत मांगो, भारत से रिश्ते जिम्मेदारी से निभाओ

वॉशिंगटन2 महीने पहले
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पाकिस्तान और चीन के रिश्तों को लेकर अमेरिका ने पहली बार तंज कसा है। इसके साथ नसीहत भी दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात की। इस दौरान बिलावल ने अपने मुल्क में बाढ़ से आई तबाही का जिक्र करते हुए मदद मांगी। इस पर ब्लिंकन ने उन्हें दो टूक सलाह दी कि पाकिस्तान को चीन से भी कर्ज अदायगी के मामले में राहत मांगना चाहिए, अमेरिका ने तो हमेशा पाकिस्तान की हेल्प की है।

ब्लिंकन ने बिलावल के सामने भारत का जिक्र किया। कहा- पाकिस्तान को भारत के साथ रिश्ते निभाने में जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।

लंबे दौरे पर अमेरिका में बिलावल
बिलावल 10 दिन के अमेरिका दौरे पर हैं। सोमवार को पाकिस्तान और अमेरिका के बीच डेलिगेशन लेवल की बातचीत हुई। इसमें बिलावल और ब्लिंकन दोनों शामिल हुए।

मीटिंग के बाद दोनों विदेश मंत्रियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान ब्लिंकन ने कहा- अमेरिका ने हमेशा पाकिस्तान की मदद की है और आगे भी इसके लिए तैयार है। हम जानते हैं कि पाकिस्तान में बाढ़ से भारी तबाही हुई है।

अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ बैठक में बिलावल ने एक बार फिर पाकिस्तान को मदद देने की अपील की। पाकिस्तान में बाढ़ से अब तक 1600 लोगों की मौत हो चुकी है।
अमेरिकी विदेश मंत्री के साथ बैठक में बिलावल ने एक बार फिर पाकिस्तान को मदद देने की अपील की। पाकिस्तान में बाढ़ से अब तक 1600 लोगों की मौत हो चुकी है।

चीन पर बड़ी बात कह गए ब्लिंकन
बिलावल ने दो दिन पहले ही फ्रांस 24 को इंटरव्यू दिया था। इसके अलावा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी। इन दोनों ही मौकों पर पाकिस्तान के फॉरेन मिनिस्टर ने चीन और पाकिस्तान की दोस्ती हिमालय से ऊंची और शहर से मीठी बताया था।

ब्लिंकन ने बिलावल के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ तौर पर बता दिया कि अमेरिका को चीन और पाकिस्तान के रिश्तों और खासकर कर्ज के मामलों को लेकर सख्त ऐतराज है। ब्लिंकन ने कहा- मैं पाकिस्तान से कहना चाहता हूं कि वो इस मुश्किल वक्त में चीन से कर्ज अदायगी के मामले में राहत मांगे। कर्ज चुकाने की शर्तों को भी रीस्ट्रक्चर किया जाना चाहिए। इससे आपका मुल्क बाढ़ से हुई तबाही से जल्द उबर पाएगा।

चीन के कर्ज जाल में फंसा है पाकिस्तान
चीन 54 अरब डॉलर की लागत से इकोनॉमिक कॉरिडोर बना रहा है। इसे चाइना पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर यानी CPEC कहा जाता है। इसके लिए चीन ने पाकिस्तान को गुप्त शर्तों पर अरबों डॉलर का कर्ज दिया है। अमेरिका, IMF और वर्ल्ड बैंक CPEC और कर्ज की शर्तों को पब्लिक डोमेन में लाने की मांग करते रहे हैं। पाकिस्तान ने अभी तक CPEC के दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए हैं।

खास बात यह है कि हालिया बाढ़ में CPEC का ज्यादातर हिस्सा और सड़कें बह चुकी हैं। अब अमेरिका ने पहली बार चीन से रिश्तों को लेकर पाकिस्तान को घेरा है। जाहिर है अमेरिका अब पाकिस्तान पर सीधा और बहुत ज्यादा दबाव बना रहा है ताकि CPEC के तमाम डॉक्यूमेंट्स पब्लिक हों। बाढ़ से पाकिस्तान में अब तक 1600 लोगों की मौत हो चुकी है।