अमेरिका के कैलिफोर्निया में भीषण आग:6 किलोमीटर इलाके में पेड़ जलकर राख, 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही हवाओं ने बढ़ाई आफत

कैलिफोर्निया4 महीने पहले

अमेरिका के कैलिफोर्निया में भीषण आग ने बिग सुर इलाके के जंगल को अपनी चपेट में ले लिया है। आग इतनी तेजी से फैल रही है कि इस पूरे इलाके को खाली करवा कर मेन रोड को बंद कर दिया गया।

आग लगने की शुरुआत शुक्रवार रात इलाके की एक घाटी से हुई थी, जिसके बाद 80 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं की वजह से यह कैलिफोर्निया के समुद्री तट तक फैल गई।

शुक्रवार रात तेज हवाओं की वजह से आग कैलिफोर्निया के समुद्री तट तक फैल गई।
शुक्रवार रात तेज हवाओं की वजह से आग कैलिफोर्निया के समुद्री तट तक फैल गई।

कैलिफोर्निया के फॉरेस्ट डिपार्टमेंट के प्रवक्ता सेसिल जूलियट ने कहा- आग की वजह से 6 किलोमीटर इलाके के पेड़ जल गए हैं। तेज हवा चलने के कारण आग बहुत स्पीड से फैल रही है। कार्मेल और बिग सुर के बीच कम आबादी वाले इलाकों को खाली कराया जा रहा है। सरकारी एजेंसियां और प्राइवेट NGO मिलकर आग को काबू करने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक सिर्फ 5% आग को ही नियंत्रित किया जा सका है।

बचाव कार्य में आ रही दिक्कत

सरकारी और प्राइवेट NGO मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।
सरकारी और प्राइवेट NGO मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं।

बिग सुर इलाके में 2017 और पिछले साल भी भारी बारिश की वजह से सड़क बह गई थी। इस वजह से यहां पर काफी संभल कर काम किया जा रहा है। इससे राहत कार्य में और ज्यादा देरी हो रही है। हालांकि इस इलाके में हवा थम गई है, जिससे फायर कर्मियों को मदद मिल रही है।

कैलिफोर्निया की सोनोमा काउंटी में फायर कर्मियों ने 5 एकड़ में लगी आग को बुझा दिया है, लेकिन सिएरा नेवादा और किर्कवुड माउंटेन रिसॉर्ट में 226 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। इस वजह से यहां आग को काबू करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दक्षिणी कैलिफोर्निया के सांता क्लैरिटा में भी 144 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की वजह से कई पेड़ और बिजली के तार गिर गए हैं।

डेनवर की आग में 1000 मकान जल गए थे

डेनवर के जंगल में फैली आग की वजह से 6,000 एकड़ एरिया राख हो गया था।
डेनवर के जंगल में फैली आग की वजह से 6,000 एकड़ एरिया राख हो गया था।

तीन हफ्ते पहले ही अमेरिका के कोलोराडो राज्य में डेनवर के जंगल में फैली आग की वजह से 1000 मकान जलकर खाक हो गए। लुइसविले और सुपीरियर शहर से करीब 30,000 लोगों को निकाला गया था। एक्सपर्ट्स इस तरह की आग के लिए जलवायु परिवर्तन को बड़ी वजह बता रहे हैं।