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वैक्सीनेशन से ही हारेगा कोरोना:दिल्ली और गोवा में वैक्सीनेशन कम तो संक्रमण ज्यादा; विश्व के उन शहरों में केस घटे जहां अधिक वैक्सीन लगी

7 महीने पहलेलेखक: वीयी काई, लेजारो गेमियो, लॉरेन लेदरबी, एलिसन मैक्केन
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न्यूयॉर्क टाइम्स ने दुनिया के 22 शहरों में वैक्सीनेशन अभियान और संक्रमण की गति के विश्लेषण से पाया जहां वैक्सीनेशन कम है, वहां संक्रमण की स्थिति भयावह है। - Dainik Bhaskar
न्यूयॉर्क टाइम्स ने दुनिया के 22 शहरों में वैक्सीनेशन अभियान और संक्रमण की गति के विश्लेषण से पाया जहां वैक्सीनेशन कम है, वहां संक्रमण की स्थिति भयावह है।

दुनिया के कुछ शहरों में ज्यादा वैक्सीनेशन से मामलों में गिरावट की शुरुआत हो गई है। दूसरी ओर वैक्सीन के मामले में पिछड़ रहे भारत और दक्षिण अमेरिका के देशों में वायरस का प्रकोप भयानक तरीके से बढ़ा है। उदाहरण के तौर पर- दिल्ली और गोवा में वैक्सीनेशन में कमी का प्रभाव संक्रमण की दर पर दिखाई पड़ता है। वहीं तेल अवीव, न्यूयॉर्क, लंदन, लॉस एंजिलिस सहित कई शहरों में अधिक वैक्सीन लगने के कारण संक्रमण में बहुत कमी आई है।

इजरायल की राजधानी तेलअवीव विश्व के सबसे अधिक वैक्सीनेशन वाले शहरों में शामिल है। वहां बुधवार को केवल दो मामले आए थे। न्यूयॉर्क, लंदन में लगभग आधे रहवासियों को वैक्सीन लग चुकी है। यहां पर्यटकों को बुलाने की तैयारियां हो रही हैं। हालांकि, संक्रमण रोकने का एकमात्र साधन वैक्सीन नहीं है। एशिया और ओसेनिया के देशों में वैक्सीन के बिना मामले कम हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स ने दुनिया के 22 शहरों में वैक्सीनेशन अभियान और संक्रमण की गति के विश्लेषण से पाया है कि पिछले कुछ महीनों में तस्वीर बदल गई है। जहां वैक्सीनेशन कम है, वहां संक्रमण की भयावह स्थिति है। भारत और ब्राजील की अपने क्षेत्रों में संक्रमण फैलाने में मुख्य भूमिका है। दोनों देशों में वैक्सीनेशन की गति इतनी तेज नहीं है कि बीमारी को रोका जा सके। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी में जनसंख्या, स्वास्थ्य के प्रोफेसर डॉ. एसवी सुब्रमणियन कहते हैं, भारत में तो हर आयोजन सुपरस्पेडर रहा।

पश्चिमी देशों के मुकाबले भारत में वैक्सीनेशन देर से शुरू हुआ है। पिछले कुछ सप्ताहों में वैक्सीनेशन की गति धीमी पड़ी है। भारत का संक्रमण अब पड़ोसी देशों में फैल रहा है। ब्राजील से समूचे लेटिन अमेरिका में नई लहर आ गई है। इन देशों में भी वैक्सीन सीमित है। विशेषज्ञ कहते हैं, सिर्फ वैक्सीन कारगर नहीं रही हैं। प्रतिबंधों से भी संक्रमण कम हुआ है। सेंटियागो, चिली की तस्वीर थोड़ी अलग है। वहां 50% वैक्सीनेशन के बावजूद अभी हाल में मामले बढ़े हैं।

शहरों में वैक्सीनेशन व संक्रमण की दर (प्रति एक लाख लोगों पर संक्रमण के 200 नए मामले)

(स्रोत- आंकड़े 22 जनवरी से 7 मई 2021, जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, ज्योग्राफिक इनसाइट्स लैब, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी)
(स्रोत- आंकड़े 22 जनवरी से 7 मई 2021, जॉन्स हॉपकिंस यूनिवर्सिटी, ज्योग्राफिक इनसाइट्स लैब, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी)

कमी के बावजूद नियंत्रण
दक्षिण कोरिया और जापान में क्रमश: 7% और 3% आबादी को वैक्सीन की केवल एक डोज लगी है। यहां संक्रमण की दर कम है। फिर भी वैक्सीनेशन की धीमी गति से आगे जाकर मुश्किल हो सकती है। रोम, प्राग और पेरिस में वैक्सीनेशन की धीमी गति होते हुए केस अपेक्षाकृत कम हैं, लेकिन ये किसी लहर के सामने कमजोर पड़ सकते हैं।

अफ्रीका में सबसे कम डोज
अफ्रीका के कई देशों में वैक्सीनेशन बहुत कम है। वैक्सीनेशन की क्या स्थिति है, इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि एक ओर जहां विश्व में प्रति 100 व्यक्तियों पर वैक्सीन की 18 डोज लगाई गई हैं। वहीं अफ्रीका में हर 100 लोगों पर सिर्फ 1.6 लोगों को वैक्सीन लगी है। यह दर अमेरिका से तीस गुना कम है। हालांकि, अफ्रीका में इस समय मामले कम हैं।

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