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टीकाकरण को संजीवनी मान संक्रमण को किया काबू:युद्धस्तर पर किए टीकाकरण ने बदली अमेरिका की तस्वीर, दोनों डोज ले चुके लोगों को अब बिना मास्क घूमने की छूट

6 महीने पहलेलेखक: न्यूयॉर्क (अमेरिका) से भास्कर के लिए मोहम्मद अली
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राष्ट्रपति बाइडेन ने 4 जुलाई को कोविड से मुक्ति का दिन रखा है। इस दिन अमेरिका का लक्ष्य पूरी आबादी का पूर्ण टीकाकरण है। - Dainik Bhaskar
राष्ट्रपति बाइडेन ने 4 जुलाई को कोविड से मुक्ति का दिन रखा है। इस दिन अमेरिका का लक्ष्य पूरी आबादी का पूर्ण टीकाकरण है।
  • अमेरिका को 3 महीने पहले तक कोविड से महाप्रलय जैसी स्थिति दिख रही थी, अब हालात पूरी तरह से नियंंत्रण में आ चुके हैं
  • देश की 40% आबादी को दोनों डोज लग चुकी है, 55 फीसदी आबादी को एक डोज लगी है

अमेरिका, कोरोना वायरस के सबसे खराब दौर से गुजर चुका है। इसकी वजह यह है कि ट्रम्प प्रशासन के दौरान की गई गलतियों से सबक लेते हुए बाइडेन प्रशासन ने तेजी से संक्रमण की रोकथाम के लिए एक्शन लिया है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि 20 जनवरी को जब बाइडेन ने शपथ ली, उन्होंने टीकाकरण को संजीवनी के तौर पर लिया।

दुनिया में सबसे तेजी से किए गए टीकाकरण से कोविड से होने वाली मौतों और नए मामलों में कमी आई है। बाइडेन ने देश में वैक्सीन उत्पादन की स्पीड को अधिकतम किया। मॉडर्ना और फाइजर जैसी वैक्सीन कंपनियों ने शुरू में कहा कि वे 100 दिन में 100 मिलियन खुराक उत्पादन के बाइडेन के लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाएंगे। इसलिए बाइडेन ने देश के बाहर कच्चे माल के निर्यात पर प्रतिबंध लगाने के लिए कानून लागू किए ताकि टीका उत्पादन युद्ध स्तर पर हो सके।

इसके बाद बाइडेन ने 100 दिन में लक्ष्य दोगुना करते हुए 200 मिलियन कर दिया और यह लक्ष्य डेडलाइन से एक हफ्ते पूरा कर लिया। केवल लोगों को टीका लगाने से, अमेरिका वायरस को इतना नियंत्रित करने में सक्षम हो गया है कि अब रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने टीके की दोनों डोज ले चुके लोगों को मास्क की अनिवार्यता से अलग कर दिया। छोटे समूह में ये लोग बाहर भी निकल सकते हैं।

राष्ट्रपति बाइडेन ने 4 जुलाई को कोविड से मुक्ति का दिन रखा है। इस दिन अमेरिका का लक्ष्य पूरी आबादी का पूर्ण टीकाकरण है। सीडीसी की डायरेक्टर रचेल वैलेंस्की कहती हैं कि हम कोविड-19 संक्रमण में तेजी से गिरावट देख रहे हैं। इसकी वजह, सिर्फ और सिर्फ तेजी से किया गया वैक्सीनेशन कार्यक्रम है।

यह दिलचस्प है कि 3 महीने पहले जब टीकाकरण अभियान शुरू हो रहा था तब वैलेंस्की ने कोविड की वजह से तबाही आने की चेतावनी दी थी। यूएस में भारतीय अमेरिकी सर्जन जनरल डॉ. विवेक मूर्ति भी इस कामयाबी के पीछे युद्धस्तर पर किए जा रहे टीकाकरण को मानते हैं। इस वायरस से अमेरिका में 3.2 करोड़ संक्रमित हो गए और 5.7 लाख लोगों की जानें चली गई।

आधे से ज्यादा राज्यों में सुधार, तीन महीने से नए केस, मौतें और हॉस्पिटलाइजेशन; सभी में गिरावट

बीते दो हफ्ते में अमेरिका के आधे से अधिक राज्यों में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिला है। बुधवार को अमेरिका में औसतन 54 हजार नए केस रोज आ रहे हैं। लेकिन यह बीते दो हफ्ते की तुलना में 24% कम हैं। वर्जिन आइसलैंड, कोलंबिया समेत 11 राज्यों में इस समय में 30% की गिरावट है। हॉस्पिटलाइजेशन में 9% की गिरावट आई है। इस मामले में 7 दिन का औसत 5100 है। मौतों में भी 6% की गिरावट है।

रोजाना नए केस कम हुए, हर शख्स को टीका लगाया जा रहा है

रोजाना 33 लाख लोगों को टीके लग रहे, उसे भी जो गैरकानूनी ढंग से अमेरिका में रह रहा है

टीकाकरण अभियान इतना तेज है कि बिना डॉक्यूमेंट देखे लोगों को टीका लगाया जा रहा है। भले ही व्यक्ति गैरकानूनी तरीके से अमेरिका में रह रहा हो। अमेरिका में हर रोज 33 लाख लोगों को टीका लग रहा है। अब 14.3 करोड़ व्यस्क या 55 फीसदी आबादी कम से कम एक डोज लगवा चुकी है। करीब 40 फीसदी आबादी दोनों डोज लगवा चुकी है।

राहत: 55 लाख सालाना से कम कमाई वाले 16 करोड़ परिवारों को वित्तीय मदद दी, बेरोजगारों को भत्ता

ट्रम्प और बाइडेन ने पूरे सालभर कई ट्रिलियन डॉलर देकर अमेरिकियों की मदद की। ट्रम्प ने बीते साल 66 लाख करोड़ रुपए का पैकेज दिया। बाइडेन ने सत्ता संभाली तो 140 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की। 55 लाख रुपए से कम सालाना कमाई वाले 16 करोड़ परिवारों को एक लाख और हर सदस्य के हिसाब से 37 हजार रुपए दिए। वहीं 10 महीने तक 30-60 लाख बेरोजगारों को हर महीने 87 हजार रुपए दिए।

92 फीसदी लोगों ने समय पर लगवाई दूसरी डोज

अमेरिका में देशव्यापी और युद्ध स्तर पर हुए टीकाकरण का यह भी फायदा हुआ है कि अब तक पहली डोज लगवाने वाले लोगों में 92 फीसदी लोगों ने समय पर दूसरी डोज भी ली है। विशेषज्ञों का कहना है कि पहली डोज बॉडी में कोविड वायरस से लड़ने के लिए प्रोटीन पैदा करती है और दूसरी डोज इम्यूनिटी का सुरक्षा कवच बनाती है। सैन फ्रांस्सिको की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में संक्रमण बीमारियों की विशेषज्ञ मोनिका गांधी कहती हैं कि 92 फीसदी लोगों ने समय पर दूसरी डोज ली है। यह बड़ी उपलब्धि है।

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