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पुतिन-मोदी मुलाकात:रूसी राष्ट्रपति बोले- भारत महान शक्ति और भरोसेमंद दोस्त; मोदी ने कहा- हमारा विजन बड़ा

मॉस्को/नई दिल्ली6 महीने पहले

एक दिन की भारत यात्रा खत्म करने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन सोमवार रात दिल्ली से मॉस्को के लिए रवाना हो गए। वो भारत में करीब 6 घंटे रुके। सोमवार शाम एयरपोर्ट से पुतिन हैदराबाद हाउस पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका स्वागत किया। पुतिन और मोदी ने मीडिया की मौजूदगी में अपने बयान दिए। दोनों देशों के बीच कुल 28 समझौते हुए। दोनों देशों के रक्षा और विदेश मंत्रियों के बीच 2+2 बातचीत हुई।

पुतिन की मौजूदगी में मोदी ने कहा- मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत हमारा रक्षा सहयोग और मजबूत हो रहा है। रक्षा और आर्थिक क्षेत्र में दोनों देश अहम सहयोगी है। कोरोना के खिलाफ भी सहयोग रहा है। आर्थिक क्षेत्र में भी हमारे रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए हम बड़े विजन पर काम कर रहे हैं। हमने 2025 तक 30 बिलियन डॉलर ट्रेड और 50 बिलियन डॉलर के निवेश का लक्ष्य रखा है। पुतिन ने कहा कि हम भारत को एक महान शक्ति, भरोसेमंद दोस्त के रूप में देखते हैं।

गिरावट के बाद तेजी
पुतिन ने कहा कि मुझे भारत का दौरा करके बहुत खुशी हो रही है। पिछले साल दोनों देशों के बीच ट्रेड में 17% की गिरावट हुई थी, लेकिन इस साल पहले 9 महीनों में ट्रेड में 38% की बढ़ोतरी देखी गई है। भारत और रूस के रिश्तों का जिक्र करते हुए पुतिन ने कहा- हम भारत को एक महान शक्ति और ऐसा दोस्त मानते हैं जो वक्त की कसौटी पर खरा उतरा।

पुतिन ने कहा कि भविष्य में दोनों देशों के और मजबूत रिश्तों की उम्मीद करते हैं। इस पर मोदी ने कहा- हमारे बीच हुए कई समझौतों से इसमें मदद मिलेगी। मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत कोर डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन से हमारा रक्षा सहयोग और मजबूत हो रहा है।
पुतिन ने कहा कि भविष्य में दोनों देशों के और मजबूत रिश्तों की उम्मीद करते हैं। इस पर मोदी ने कहा- हमारे बीच हुए कई समझौतों से इसमें मदद मिलेगी। मेक इन इंडिया कार्यक्रम के तहत कोर डेवलपमेंट और को-प्रोडक्शन से हमारा रक्षा सहयोग और मजबूत हो रहा है।
मीडिया के सामने दिए बयान में पुतिन ने कहा- दोनों ही देश हर उस चीज पर नजर रख रहे हैं, जिसका ताल्लुक आतंकवाद से है। आतंकवाद से जंग का मतलब है ड्रग स्मगलिंग और संगठित अपराध से लड़ना। यही वजह है कि अफगानिस्तान के हालात को लेकर हम दोनों देश फिक्रमंद हैं।
मीडिया के सामने दिए बयान में पुतिन ने कहा- दोनों ही देश हर उस चीज पर नजर रख रहे हैं, जिसका ताल्लुक आतंकवाद से है। आतंकवाद से जंग का मतलब है ड्रग स्मगलिंग और संगठित अपराध से लड़ना। यही वजह है कि अफगानिस्तान के हालात को लेकर हम दोनों देश फिक्रमंद हैं।
मोदी और पुतिन की आखिरी मुलाकात 2 साल पहले ब्रासीलिया में ब्रिक्स समिट के दौरान हुई थी। हालांकि, इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच 6 बार टेलिफोन पर बातचीत हुई। तीन मौकों पर वर्चुअल मीटिंग्स भी हुईं।
मोदी और पुतिन की आखिरी मुलाकात 2 साल पहले ब्रासीलिया में ब्रिक्स समिट के दौरान हुई थी। हालांकि, इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच 6 बार टेलिफोन पर बातचीत हुई। तीन मौकों पर वर्चुअल मीटिंग्स भी हुईं।

कई सेक्टर्स में समझौते संभव
भारत और रूस के बीच कुल 28 समझौते हुए हैं। इनमें से कुछ एमओयू हैं। बहरहाल, दो समझौतों से अमेरिका पहले ही कुछ परेशान है। ये हैं S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम और दूसरा है अमेठी में AK-203 राइफलों का प्रोडक्शन। यहां साढ़े सात लाख AK-203 राइफलें बनाई जानी हैं। दुनिया में पहली बार यह राइफलें रूस से बाहर बनाई जानी हैं।

अमेरिकी दबाव
भारत और रूस के बीच जब S-400 पर समझौता हुआ था तो अमेरिका इससे नाराज हो गया था। उसने अपने स्पेशल एक्ट के जरिए भारत पर प्रतिबंधों की धमकी दी थी। ये इसी मामले में वो तुर्की पर लगा चुका है। हालांकि, S-400 की डिलीवरी शुरू हो चुकी है और अमेरिका इस पर ज्यादा कुछ नहीं कर सका है। रूस के डिफेंस मिनिस्टर ने सोमवार को इसकी पुष्टि भी की। माना जा रहा है कि भारत अब S-400 के साथ S-500 पर भी बातचीत कर रहा है। अगर ऐसा होता है तो अमेरिकी रिएक्शन का इंतजार रहेगा।

क्वॉड पर रूस की आपत्ति
भारत ने अब तक सिर्फ तीन देशों के साथ 2+2 बातचीत की है। ये हमारे क्वॉड पार्टनर अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया हैं। इस लिस्ट में रूस के शामिल होने से अमेरिका को खुशी तो बिल्कुल नहीं होगी, क्योंकि भारत और रूस पहले ही कई दशक से डिफेंस पार्टनर हैं।

क्वॉड को लेकर रूस की अपनी आपत्तियां हैं और वो इसे पूरी तरह से अमेरिका को ध्यान में रखकर देखता है। जाहिर है भारत की इसमें मौजूदगी से रूस खुश नहीं है। भारत पहले ही साफ कर चुका है कि क्वॉड के चार देशों के बीच इश्यू बेस्ड, यानी मुद्दों पर आधारित सहयोग है।

पुतिन की भारत यात्रा करीब 6 घंटे की रही। वे सोमवार शाम दिल्ली पहुंचे और देर रात मॉस्को के लिए रवाना हो गए। (फाइल)
पुतिन की भारत यात्रा करीब 6 घंटे की रही। वे सोमवार शाम दिल्ली पहुंचे और देर रात मॉस्को के लिए रवाना हो गए। (फाइल)

शॉर्ट विजिट से फर्क नहीं पड़ता
कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि पुतिन सिर्फ कुछ घंटे ही भारत में रुके। हालांकि, भारतीय और रूसी विदेश मंत्रालय का कहना है कि यात्रा छोटी होने से बिल्कुल फर्क नहीं पड़ता। एनर्जी सेक्टर में दोनों देशों के बीच अभी 30 बिलियन डॉलर का इन्वेस्टमेंट है। 2025 तक इसे 50 बिलियन डॉलर तक करने का प्लान है। मोदी 2019 में रूस गए थे। इस दौरान 10 हजार 300 किलोमीटर के चेन्नई व्लादिवोस्तोक सी-रूट पर बातचीत हुई थी। कोविड के दौर में पुतिन की यह सिर्फ दूसरी विदेश यात्रा थी। पुतिन ने 2019 में मोदी को ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रू से सम्मानित किया था। मोदी यह सम्मान पाने वाले अकेले विदेशी राष्ट्राध्यक्ष हैं।