रूस को लड़ने की ट्रेनिंग दे रहा ईरान:US बोला- ईरानी सैनिक रूसी सेना को कामीकाजे ड्रोन चलाना सिखा रहे

एक महीने पहले
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रूस-यूक्रेन जंग पिछले 8 महीने से जारी है। इसी बीच रूस ने हमले तेज करते हुए जंग में ईरानी हथिहारों का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। अब अमेरिका का कहना है कि क्रीमिया में ईरानी सैनिक रूस के सैनिकों को जंग लड़ने की ट्रनिंग दे रहे हैं।

व्हाइट हाउस ने एक बयान जारी कर कहा- ईरानी सैनिकों को रूसी बलों की मदद के लिए क्रीमिया भेजा गया। वो रूसी सैनिकों को ड्रोन चलाना सिखा रहे हैं। इसके बादे से यूक्रेन पर हमले तेज हुए। दरअसल, ईरान ने रूस को कामीकाजे ड्रोन भेजे हैं। 4 दिन पहले यानी 17 अक्टूबर को इन्हें ड्रोन से कीव पर हमले किए गए थे।

जंग में अपनी पकड़ मजबूत बनाने के मकसद से रूसी सेना ईरानी ड्रोन से हमले कर रही है।
जंग में अपनी पकड़ मजबूत बनाने के मकसद से रूसी सेना ईरानी ड्रोन से हमले कर रही है।

ईरान का रूस-यूक्रेन जंग से है डायरेक्ट कनेक्शन
अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन के प्रवक्ता जॉन कर्बी ने कहा- क्रीमिया में ईरानी सैनिकों का होना जंग में ईरान की सीधी भागीदारी का प्रमाण है। वे यूक्रेन के नागरिकों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर ड्रोन हमले करने में रूस की मदद कर रहे हैं। क्रीमिया वही इलाका है जहां रूस ने 2014 में कब्जा कर लिया था।

कीव पर ईरानी ड्रोन से हमला, 3 लोगों की मौत
रूस ने 17 अक्टूबर को ईरान से खरीदे गए कामीकाजे ड्रोन से यूक्रेन की राजधानी कीव पर हमला किया था। इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई थी। हमले में इस्तेमाल किए गए कामीकाजे ड्रोन का नाम शाहीद-136 था। इस ड्रोन को ईरान का सबसे खतरनाक हथ‍ियार माना जाता है। इस ईरानी ड्रोन को सुसाइड ड्रोन भी कहा जाता है। इसका वजन 200 किलोग्राम है। इस ड्रोन की रेंज 2500 किलोमीटर है।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरानी ड्रोन के जरिए रूस, यूक्रेनी रडार सिस्टम को निशाना बना रहा है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि ईरानी ड्रोन के जरिए रूस, यूक्रेनी रडार सिस्टम को निशाना बना रहा है।

10 अक्टूबर को रूसी सेना ने 9 शहरों में दागी थीं 83 मिसाइलें
रूस ने 10 अक्टूबर को राजधानी कीव समेत 9 शहरों पर 83 मिसाइलें बरसाई थीं। इसमें 12 लोग मारे गए थे। रूस ने ये बड़ा हमला कर्च ब्रिज पर हुए धमाके के बदले में किया था। 8 अक्टूबर को यूक्रेन ने रूस का कर्च ब्रिज उड़ा दिया था। ये ब्रिज रूस को क्रीमिया से जोड़ता है।

7 महीने बाद तेज हुए हमले
24 फरवरी को शुरू हुई रूस-यूक्रेन जंग की शुरुआत में रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर बड़े मिसाइल हमले किए थे। हालांकि, यूक्रेन की तरफ से कड़ी टक्कर मिलने के बाद अप्रैल में रूस ने कीव से सैनिक वापस बुला लिए थे। अब फिर कीव पर हमले शुरू कर दिए गए हैं।

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवान ने कहा था कि उनके इंटेलिजेंस नेटवर्क को पता चला है कि ईरान कई हजार ड्रोन रूस को बेचना चाहता है। इनमें कई हथियार लगे होंगे, जिनका इस्तेमाल यूक्रेन की लड़ाई में किया जा सका है।

रूस की धमकी- हम अपनी रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने भी कुछ दिनों पहले पश्चिमी देशों पर ‘न्यूक्लियर ब्लैकमेल’ का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि NATO के कुछ बड़े नेता रूस के खिलाफ एटमी हथियार इस्तेमाल करने की धमकी दे रहे हैं।

तब पुतिन ने कहा था कि अगर पश्चिमी देश हमें परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर ब्लैकमेल करेंगे तो रूस भी अपनी पूरी ताकत से जवाब देगा। हम अपने देश की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। इसके लिए पुतिन ने सेना के मोबिलाइजेशन को लेकर एक डिक्री पर साइन किया है।