• Hindi News
  • International
  • Will Visit 3 Countries In 3 Days; Will Hold 25 Meetings, Will Meet 8 World Leaders And 50 Business Heads

PM मोदी का इस साल पहला विदेशी दौरा:3 दिन में 3 देशों में जाएंगे; 25 मीटिंग करेंगे, 8 वर्ल्ड लीडर्स और 50 बिजनेस हेड से मिलेंगे

5 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिन बाद 2 मई को इस साल के अपने पहले विदेश दौरे पर रवाना होने जा रहे हैं। यूक्रेन संकट के बीच हो रहे इस दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी तीन दिन में तीन यूरोपीय देशों जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस की यात्रा करेंगे।

इस दौरान वे 25 मीटिंग करेंगे, जिनमें वे राजनीतिक नजरिए से 7 देशों के 8 वर्ल्ड लीडर्स से मुलाकात करेंगे तो साथ ही देश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए 50 कंपनियों के बिजनेस हेड से भी मिलेंगे।

यूक्रेन संकट को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के तटस्थ रुख और रूस के खिलाफ यूरोपीय देशों की एकजुटता को देखते हुए यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अपने इस त्वरित दौरे में भारत का पक्ष स्पष्ट करने के लिए ही प्रधानमंत्री का इतना टाइट शेड्यूल तय किया गया है।

65 घंटे बिताएंगे तीनों देश में पीएम
PTI न्यूज एजेंसी ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने इस 3 दिन के दौरे में तीनों देशों में 65 घंटे बिताएंगे। इस दौरान 8 वर्ल्ड लीडर्स के साथ होने वाली उनकी बैठकों में कुछ द्विपक्षीय होंगी तो कुछ में एक साथ कई नेता मौजूद रहेंगे। इन्हीं बैठकों के बीच में उनकी 50 ग्लोबल बिजनेस लीडर्स के साथ मुलाकात का भी समय निकाला गया है।

पीएम सबसे पहले 2 मई को जर्मनी पहुंचेंगे, जहां वे रात में ठहरेंगे। इसके बाद वे 3 मई को डेनमार्क जाकर रात में रुकेंगे। पीएम की वापसी 4 मई को होगी और इसी दौरान वह रास्ते में फ्रांस पहुंचेंगे, जहां पेरिस में उनकी मुलाकात फ्रांसीसी नेताओं व बिजनेस कम्युनिटी के साथ होगी।

अपने दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले जर्मनी पहुंचेंगे।
अपने दौरे पर प्रधानमंत्री मोदी सबसे पहले जर्मनी पहुंचेंगे।

भारतवंशी लोगों से भी मिलने जाएंगे
भले ही प्रधानमंत्री मोदी का इस त्वरित दौरे पर बेहद टाइट मीटिंग शेड्यूल है, लेकिन इसके बावजूद वे अपने हर विदेशी दौरे पर भारत वंशियों से मिलने की परंपरा को इस दौरे पर भी निभाएंगे। PTI की रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस में रहने वाले हजारों भारतीयों के साथ भी मुलाकात करेंगे।

बर्लिन में चांसलर स्कोल्ज के साथ करेंगे पहली IGC मीटिंग

जर्मनी में पीएम मोदी चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ बिजनेस इवेंट को भी संबोधित करेंगे।
जर्मनी में पीएम मोदी चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ बिजनेस इवेंट को भी संबोधित करेंगे।

PM मोदी बर्लिन में जर्मनी के चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। दोनों नेता भारत-जर्मनी इंटर- गवर्नमेंटल कांसुलेशन्स (IGC) के छठे समारोह में भी हिस्सा लेंगे। IGC हर दो साल पर होने वाला बाइलैटरल डायलॉग फॉर्मेट है, इसमें दोनों देशों के मंत्री भी हिस्सा लेते हैं। चांसलर ओलाफ शोल्ज के साथ PM मोदी की यह पहली IGC मीट है। इस दौरान, प्रधानमंत्री और चांसलर शोल्ज एक जॉइंट बिजनेस इवेंट को भी संबोधित करेंगे।

डेनमार्क में इंडिया-नॉर्डिक समिट में शिरकत करेंगे

पीएम मोदी ने 2018 में पहली इंडिया-नॉर्डिक समिट में भी स्वीडन में शिरकत की थी।
पीएम मोदी ने 2018 में पहली इंडिया-नॉर्डिक समिट में भी स्वीडन में शिरकत की थी।

डेनमार्क के दौरे पर PM मोदी वहां के PM मेटे फ्रेडरिक्सन के निमंत्रण पर जा रहे हैं। इस दौरान मोदी कोपेनहेगन में होने वाले दूसरे इंडिया-नॉर्डिक समिट और भारत-डेनमार्क बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे।

दूसरी इंडिया-नॉर्डिक समिट के दौरान पीएम मोदी की मुलाकात आइसलैंड की प्रधानमंत्री कैटरीन जैकब्सडॉटिर, नॉर्वे के PM जोनास गहर स्टोर, स्वीडन की PM मैग्डेलेना एंडरसन और फिनलैंड की PM सना मारिन से होगी।

इस समिट में कोरोना महामारी के बाद आर्थिक सुधार, जलवायु परिवर्तन, इनोवेशन- टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और वैश्विक सुरक्षा जैसे मुद्दों पर बात होगी। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पहली इंडिया-नॉर्डिक समिट 2018 में स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम में हुई थी।

फ्रांस में स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप पर मैक्रों के साथ बात होगी

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दोबारा चुनाव जीतने के तत्काल बाद उनसे मिलने जा रहे हैं पीएम मोदी।
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के दोबारा चुनाव जीतने के तत्काल बाद उनसे मिलने जा रहे हैं पीएम मोदी।

पेरिस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और पीएम मोदी के बीच दोनों देशों की स्ट्रैटजिक पार्टनरशिप पर बात होगी। भारत की डिफेंस जरूरतों को लेकर फ्रांस की हालिया अहम भूमिका के चलते यह दौरा बेहद अहम माना जा रहा है। साथ ही इस दौरे पर रूस को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। मैक्रों लगातार रूस-यूक्रेन के बीच शांति स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। जाहिर है कि वे इसमें भारत का भी साथ चाहेंगे, जिसके रूस के साथ मजबूत संबंध हैं।

खबरें और भी हैं...