क्राउन प्रिंस MBS सऊदी अरब के नए PM बने:सुधारवादी नेता, महिलाओं को ड्राइविंग का हक दिया- मस्जिदों में लाउडस्पीकर पर बैन लगाया

रियाद2 महीने पहले
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सऊदी अरब के किंग सलमान बिन अब्दुलअजीज ने 37 साल के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) को प्रधानमंत्री बना दिया है। मंगलवार को जारी शाही फरमान में किंग ने छोटे बेटे प्रिंस खालिद बिन सलमान को रक्षा मंत्री बनाया है।

दो और अहम अपॉइंटमेंट भी हुए हैं। प्रिंस तुर्की बिन मोहम्मद बिन फहद बिन अब्दुल अजीज को राज्य मंत्री और प्रिंस अब्दुलअजीज बिन तुर्की बिन फैसल को खेल मंत्री बनाया गया है। MBS वैसे तो डिफेंस मिनिस्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, लेकिन सच यह है कि किंग सलमान की खराब सेहत के चलते वो कई साल से सऊदी के अघोषित शासक हैं।

इन पदों पर कोई बदलाव नहीं

विदेश मंत्री की जिम्मेदारी पहले की तरह प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, वित्त मंत्री का दायित्व मोहम्मद अल-जादान और निवेश मंत्री की जिम्मेदारी खालिद अल-फलीह निभाते रहेंगे।

किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज 2015 में सऊदी अरब के प्रधानमंत्री बने थे, अब उन्होंने बड़े बेटे मोहम्मद बिन सलमान को PM बना दिया है।
किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज 2015 में सऊदी अरब के प्रधानमंत्री बने थे, अब उन्होंने बड़े बेटे मोहम्मद बिन सलमान को PM बना दिया है।

किंग की सेहत ठीक नहीं

घोषणा के बाद MBS ने एक बयान में कहा- सऊदी अरब ने डिफेंस इंडस्ट्री में आत्मनिर्भरता 2% से बढ़ाकर 15% कर दी है। नए डिफेंस मिनिस्टर इसे 50% तक ले जाने की कोशिश करेंगे।

86 साल के किंग सलमान 2015 में शासक बने, लेकिन इसके पहले करीब ढाई साल तक उन्हें प्रिंस सलमान की तरह ही क्राउन प्रिंस के तौर पर काम किया था। उनकी सेहत पिछले कुछ सालों से ठीक नहीं है। जिसके बाद से ही MBS के प्रधानमंत्री बनने की अटकलें लगाए जाने लगी थीं।

किंग को इस साल दो बार साल हॉस्पिटल में भी एडमिट होना पड़ा था। हाल ही में मई में उन्हें एक सप्ताह तक हॉस्पिटल में एडमिट थे, इस दौरान कोलोनोस्कोपी सहित उनके कई टेस्ट किए गए थे।

बहरहाल, कैबिनेट की बैठकों की अध्यक्षता अब भी किंग सलमान ही करेंगे।

क्राउन प्रिंस ने 2018 में सऊदी अरब में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को खत्म कर दिया था। सऊदी दुनिया का एकलौता देश था, जहां महिलाएं ड्राइव नहीं कर सकती थीं।
क्राउन प्रिंस ने 2018 में सऊदी अरब में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को खत्म कर दिया था। सऊदी दुनिया का एकलौता देश था, जहां महिलाएं ड्राइव नहीं कर सकती थीं।

MBS के सत्ता में आने के बाद आए कई बदलाव

MBS की राजनीति में एंट्री साल 2015 में डिफेंस मिनिस्टर के तौर पर हुई थी। डिफेंस मिनिस्टर के तौर पर उन्होंने यमन में ईरान समर्थित हूति विद्रोहियों पर कड़ी सैन्य कार्रवाई की थी। इसके बाद अप्रैल 2016 में विजन 2030 की शुरुआत की थी। इसका मकसद सऊदी को अरब और इस्लामी देशों की सबसे बड़ी ताकत बनाना है। इसके तहत उन्होंने कई अहम फैसले किए।

इनमें भी सबसे अहम इकोनॉमी है। दरअसल, विजन 2030 का पहला मकसद ही यह है कि सऊदी को ऑयल डिपेंडेंट इकोनॉमी से अलग किया जाए और टूरिज्म हब के तौर पर विकसित किया जाए। MBS ने देश में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नियोम सिटी जैसे कई प्रोजेक्ट शुरू किए गए।

सऊदी की तस्वीर बदलने की कोशिश

MBS 2016 से ही देश के महत्वपूर्ण फैसले लेते आ रहें हैं। उनके फैसलों से साफ जाहिर होता है कि वो इंटरनेशनल लेवल पर सऊदी की तस्वीर बदलना चाहते हैं। MBS ने 2018 में महिलाओं को ड्राइविंग का अधिकार दिया,अब उन्हें वोटिंग राइट्स भी दे दिए गए हैं।

MBS ने कट्टरपंथियों समूहों, मौलवियों की दखलंदाजी और उनके फतवों पर सख्ती से रोक लगाई। देश में रिलीजियस पुलिस जैसे कल्चर को बैक कर पॉप कल्चर को प्रमोट कर रहें हैं। हाई-प्रोफाइल हैवीवेट मुक्केबाजी मैचों सहित खेल के अन्य इवेंट्स को भी अब साऊदी अरब होस्ट कर रहा है।

साल 2017 में रियाद के रिट्ज-कार्लटन होटल में भ्रष्टाचार के मामलें में उन्होंने 200 राजकुमारों और व्यापारियों को हिरासत में लिया था, इस इंसिडेंट के बाद सत्ता में उनकी पकड़ मजबूत हुई थी।

विवादों से भी घिर चुके हैं

MBS पर अपने आलोचकों को जेल में डालने के आरोप लगते रहें हैं। साल 2018 में इस्तान्बुल के सऊदी अरब वाणिज्य दूतावास पर पत्रकार जमाल खाशग्जी की हत्या के मामले में भी MBS की छवि धूमिल हुई थी।पत्रकार जमाल सऊदी MBS की नीतियों के विरोध में थे, जिसके बाद उनकी हत्या कर दी गई थी।

आरोप था कि हत्या के पीछे MBS का हाथ था। मामले में आमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने पिछले साल एक खुफिया रिपोर्ट के हवाले से कहा था कि MBS ने ही जमाल के खिलाफ ऑपरेशन को मंजूरी दी थी। लेकिन उनके इस दावे को सऊदी अरब के अधिकारियों ने सिरे से खारिज कर दिया था।