ऊंटनी ब्यूटी क्वीन कांटेस्ट:सऊदी अरब में पहली दफा महिलाओं ने 'रेगिस्तानी जहाज' की निकाली परेड, देखें खास PHOTOS

रियाद6 महीने पहले
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सऊदी अरब में महिलाएं पहली बार ऊंटनी ब्यूटी क्वीन प्रतियोगिता में शामिल हुई हैं। ब्यूटी कांटेस्ट के दौरान सऊदी महिलाओं ने "रेगिस्तान की जहाज" यानी ऊंटनियों की परेड की। 27 साल की लामिया अल-रशीदी उन महिलाओं में शामिल हैं जिन्होंने रियाद के उत्तर-पूर्व में रुमा रेगिस्तान में शनिवार को प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा, "मुझे उम्मीद है कि अब हमारी एक पोजिशन है। इंशाल्लाह।'

इवेंट में 40 प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया जिनमें से टॉप 5 विजेताओं को करीब 260,000 डॉलर का प्राइज दिया गया है।
इवेंट में 40 प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया जिनमें से टॉप 5 विजेताओं को करीब 260,000 डॉलर का प्राइज दिया गया है।

न्यूज एजेंसी एएफपी के मुताबिक पहले किंग अब्देलअज़ीज़ फेस्टिवल में सिर्फ पुरुष अपनी ऊंटनी के साथ हिस्सा लेते थे। यह पहली दफा है जब महिलाओं के लिए इस इवेंट का आयोजन हुआ है। लामिया अल-रशीदी के परिवार के पास 40 ऊंट हैं। वह कहती हैं, "जब से मैं छोटी थी, तब से मुझे ऊंटों में दिलचस्पी है। महिलाओं के लिए इस किस्म के इवेंट का ऐलान हुआ तो मैंने इसमें हिस्सा लेने का फैसला किया।"

ऊंटनी की सुंदरता को कई मापदंडों पर मापा जाता है। उनमें होंठ, गर्दन और उनके कूबड़ के आकार को खास तौर पर देखा जाता है।
ऊंटनी की सुंदरता को कई मापदंडों पर मापा जाता है। उनमें होंठ, गर्दन और उनके कूबड़ के आकार को खास तौर पर देखा जाता है।

बहरहाल, इस इवेंट में 40 प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया जिनमें से टॉप 5 विजेताओं को करीब 260,000 डॉलर का प्राइज दिया गया है। ऊंटनी की सुंदरता को कई मापदंडों पर मापा जाता है। लेकिन उनमें होंठ, गर्दन और उनके कूबड़ के आकार को खास तौर पर देखा जाता है।

महिलाएं हमेशा से बेडौइन समाज का एक अभिन्न अंग रही हैं। वो ऊंटों की मालिकिन थीं और उनकी देखभाल करते थीं।
महिलाएं हमेशा से बेडौइन समाज का एक अभिन्न अंग रही हैं। वो ऊंटों की मालिकिन थीं और उनकी देखभाल करते थीं।

दिसंबर में पुरुषों के लिए ऊंटनी ब्यूटी कांटेस्ट का आयोजन किया गया था। इसमें कई प्रतियोगियों को बाहर कर दिया गया, क्योंकि उन्होंने अपनी ऊंटनियों को बोटॉक्स इंजेक्शन दिए थे। ऊंटनी को सुंदर बनाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपनाने पर पाबंदी है।

पिछले महीने पुरुषों के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।
पिछले महीने पुरुषों के लिए प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था।

तेल से समृद्ध यह खाड़ी देश इस्लाम के नियमों का कड़ाई से पालन करता है। लेकिन 2017 में क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के सत्ता में आने के बाद से महिलाओं पर कुछ प्रतिबंध हटा दिए गए हैं। इस बदलाव ने महिलाओं को कई क्षेत्रों में आगे आने के मौके दिए हैं। हालांकि विरोध की आवाज मुखर करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अब भी जारी है।

फेस्टिवल के प्रबंधक मोहम्मद अल-हरबी ने कहा, "महिलाएं हमेशा से बेडौइन समाज का एक अभिन्न अंग रही हैं। वो ऊंटों की मालिकिन थीं और उनकी देखभाल करते थीं।' एक अन्य प्रतिभागी मुनीरा अल-मिश्खास ने कहा: "ऊंट लंबे समय से हमारी सोसाइट का हिस्सा रहे हैं, लेकिन हमारे (महिलाओं) के लिए एक प्रतियोगिता का आयोजन करना एक बड़ा कदम है।"