रिपोर्ट / तुर्की के अखबार का दावा: खशोगी के अंतिम शब्द थे- मुझे अस्थमा है, चेहरा मत ढंको, तुम मेरा दम घोंट दोगे



वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार थे जमाल खशोगी। वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार थे जमाल खशोगी।
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वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार थे जमाल खशोगी।वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार थे जमाल खशोगी।

  • पत्रकार जमाल खशोगी की पिछले साल तुर्की के इस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास में हत्या कर दी गई थी
  • इससे पहले वॉशिंगटन पोस्ट के कॉलमनिस्ट डेविड इग्नेशियस ने भी इस रिकॉर्डिंग के मिलने का दावा किया था

Dainik Bhaskar

Sep 11, 2019, 10:38 PM IST

इस्तांबुल. अमेरिकी अखबार वॉशिंगटन पोस्ट के पत्रकार जमाल खशोगी की हत्या में तुर्की के लोकप्रिय अखबार सबा ने नया खुलासा किया है। अखबार ने खशोगी के आखिरी समय की रिकॉर्डिंग प्रकाशित की है। इसमें उनके और उनके हत्यारों के बीच हुई बातचीत का ब्योरा दिया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, खशोगी ने हत्या को अंजाम देने वाले लोगों से कहा था कि वे उनका चेहरा न ढकें, क्योंकि उन्हें अस्थमा (दमा) है और उनका दम घुट सकता है।  

 

खशोगी की पिछले साल 2 अक्टूबर को तुर्की के इस्तांबुल स्थित सऊदी दूतावास में हत्या कर दी गई थी। बताया गया है कि तुर्की की नेशनल इंटेलिजेंस ऑर्गनाइजेशन (एनआईओ) ने हत्या के ठीक बाद ही इससे जुड़ी एक रिकॉर्डिंग हासिल कर ली थी। इस रिकॉर्डिंग को अमेरिकी खुफिया एजेंसी एनआईए के साथ भी साझा किया गया था। 

 

हत्यारों ने खशोगी को सऊदी अरब ले जाने का बहाना किया
अखबार ने रिकॉर्डिंग के हवाले से दावा किया है कि सऊदी अरब से एक हिट टीम जमाल खशोगी को रियाद ले जाने का बहाना किया। हिट टीम के एक सदस्य माहेर मुतरेब ने खशोगी से कहा था कि वे उन्हें इंटरपोल से जुड़े एक केस में जांच के लिए सऊदी अरब ले जाना चाहते हैं। इसके अलावा खशोगी से कहा गया कि वे अपने बेटे को भी फोन करें, ताकि वो बाद में इसे लेकर चिंता न करे। हालांकि, खशोगी ने इसका विरोध जताते हुए कहा कि उनके खिलाफ कोई कानूनी मामला नहीं है और उनकी मंगेतर दूतावास बाहर उनका इंतजार कर रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, मुतरेब ने खशोगी से कहा कि तुम हमारी मदद करो, ताकि हम तुम्हारी मदद कर सकें। मदद नहीं करोगे तो जानते हो अंत में क्या होगा। 

 

सऊदी क्राउन प्रिंस सलमान से जुड़े खशोगी की हत्या के तार
हत्याकांड से जुड़ी एक रिपोर्ट में एक्सपर्ट क्लामर्ड ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से कहा था कि खशोगी की हत्या से जुड़े सबूतों के आधार पर कहा जा सकता है कि सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और उनके उच्चाधिकारी हत्या से जुड़े हुए थे। उनके खिलाफ जिम्मेदारी तय करने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच होनी चाहिए। अब तक सऊदी और तुर्की में हुई जांच कानूनी तौर पर सही नहीं थी। सऊदी सरकार ने विशेषाधिकारों का इस्तेमाल कर तुर्की में जांच को प्रभावित किया।

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