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गलती / यूट्यूब ने नोट्रे डेम कैथेड्रल की आग में 9/11 हमले के फुटेज दिखाए

Dainik Bhaskar

Apr 16, 2019, 02:38 PM IST


YouTube accidentally tagged live broadcasts of a paris fire with 9/11 details
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YouTube accidentally tagged live broadcasts of a paris fire with 9/11 details
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  • पेरिस में स्थित 850 साल पुरानी इस इमारत का ऊपरी हिस्सा जल गया
  • यूनेस्को ने इस इमारत को वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल किया
  • यूट्यूब ने कहा- हमें आग की घटना का बेहद दुख

सिंगापुर. पेरिस में स्थित नोट्रे डेम कैथेड्रल में लगी आग में कुछ फुटेज अमेरिका में हुए 9/11 हमले के भी दिखाई दिए। ऐसा सिस्टम की गलती के कारण हुआ। इसके सामने आने पर यूट्यूब के प्रवक्ता ने कहा कि पेनल एक खास एल्गोरिथम पर काम करता है। उसमें हुई गलती के कारण ऐसा हुआ। दरअसल यूनेस्को द्वारा वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल इस 850 साल पुरानी इमारत में सोमवार को आग लगी थी, जिसे 9 घंटे की मशक्कत के बाद बुझाया जा सका। हालांकि इस घटना में इमारत का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से जल गया है जबकि दो टॉवर सुरक्षित हैं। वैसे तो यूट्यूब का फैक्ट चैक फीचर गलत सूचना को खोजने का काम करता है। 

यूट्यूब ने कहा- सिस्टम एक खास एल्गोरिथम पर काम करता है

  1. घटना के बाद न्यूज एजेंसियों ने इस आग के फुटेज यूट्यूब पर लाइव दिखाना शुरू कर दिए थे। मगर कुछ क्लिप्स में अजीब फुटेज भी दिखाई दिए। इसमें शामिल एक फुटेज ब्रिटेनिका इनसॉयक्लोपीडिया से थी, जो 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए हमले से जुड़ी थी।

  2. 9/11 के इस हमले में अलकायदा के आतंकियों ने दो यात्री विमानों का अपहरण करके उन्हें न्यूयॉर्क में स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर से टकरा दिया था। जबकि कब्जे में किए गए तीसरे विमान को पेंटागन से टकराया था। इस हमले में तीन हजार लोग मारे गए थे।

  3. यूट्यूब के प्रवक्ता ने कहा, ''यह तमाम पेनल एक विशेष एल्गोरिथम पर काम करती हैं। हमारे सिस्टम में कई बार गलत चीजें हो जाती हैं। हम नोट्रे डेम कैथेड्रल में लगी आग को लेकर बेहद दुखी हैं।''

  4. यूट्यूब के इस फीचर में कई बार बाहरी स्त्रोत भी जुड़ जाते हैं, जैसे विकिपीडिया आदि। पिछले साल यूट्यूब को इसे लेकर खासी आलोचना का सामना करना पड़ा था। एकाएक गलत कंटेंट दिखने से यूजर्स भ्रमित हो रहे थे। जबकि इस पेनल का काम इतिहास की बड़ी घटनाओं से जुड़े गलत वीडियो का पता लगाना है, ताकि गलत जानकारी को फैलने से रोका जा सके। 

  5. यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर जैसी सोशल साइट्स पिछले महीने खासी सुर्खियों में थीं। इसका कारण न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च में स्थित मस्जिद में हुए एक हमले की लाइव स्ट्रीमिंग इन साइट्स पर होना था, जिसमें 50 लोग मारे गए थे। 

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