• Hindi News
  • Nyt
  • Younger optimists of India than US UK; 78% said the country and our future are better, only 10% who believe in Japan

सर्वे / अमेरिका-ब्रिटेन से ज्यादा भारत के युवा आशावादी; 78% ने कहा- देश और हमारा भविष्य बेहतर

समाज के प्रति जिम्मेदार होने के सवाल पर चीन और भारत सबसे आगे रहे। समाज के प्रति जिम्मेदार होने के सवाल पर चीन और भारत सबसे आगे रहे।
X
समाज के प्रति जिम्मेदार होने के सवाल पर चीन और भारत सबसे आगे रहे।समाज के प्रति जिम्मेदार होने के सवाल पर चीन और भारत सबसे आगे रहे।

  • सामाजिक बदलाव और समस्याओं को खत्म करने के मामले में भारत के युवा सबसे आगे
  • निप्पाॅन फाउंडेशन के सर्वे में जापान में ऐसा मानने वाले सिर्फ 10%, चीनी ज्यादा उत्साहित

Dainik Bhaskar

Dec 14, 2019, 09:19 AM IST

टोक्यो. देश के भविष्य को लेकर भारत के युवा विकसित देशाें के मुकाबले सबसे ज्यादा आशावादी हैं। वे मानते हैं कि देश का भविष्य आने वाले सालों में और बेहतर होगा। साथ ही वे सामाजिक समस्याओं को खत्म करने के लिए भी पूरी तरह तैयार हैं और वे खुद के प्रयास से समाज को बदल सकते हैं। जापान के निप्पाॅन फाउंडेशन के सर्वे में यह बात सामने आई है। 18 साल के 9,000 युवाओं के बीच कराए गए सर्वे में भारत, चीन, जापान, अमेरिका, ब्रिटेन, इंडोनेशिया, वियतनाम, जर्मनी, द. कोरिया को शामिल किया गया था।

भारत के 78% युवाओं ने कहा कि हमारे देश का भविष्य उज्ज्वल है, जबकि जापान के युवा सबसे ज्यादा हताश दिखे। सिर्फ 10% ने माना कि उनके देश का भविष्य अच्छा है। चीन के युवाओं में सबसे ज्यादा उत्साह दिखा।  96% युवाओं ने कहा कि उनका देश भविष्य में और तरक्की करेगा। सिर्फ 0.1% लोगों ने कहा कि हालात और खराब होंगे। अमेरिका के 30% युवा ही अपने देश का भविष्य बेहतर मानते हैं। इतने ही युवा मानते हैं कि भविष्य अच्छा नहीं होगा।

जापान के युवाओं में सामाजिक बदलाव की इच्छा कम

सामाजिक परेशानियों को सुलझाने और अपने बूते सोसायटी का ताना-बाना बदलने के मामले में भारत के 86% युवाओं ने कहा कि वे ऐसा कर सकते हैं। वे चाहते हैं कि देश से सामाजिक परेशानियों और बुराइयों का खात्मा हो। दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के बावजूद जापान के युवाओं में सामाजिक बदलाव की इच्छा कम देखी गई। जापान के 20% से भी कम लोगों ने माना कि वे अपने देश को बदलने में सक्षम हैं। दक्षिण कोरिया के युवाओं में भी सामाजिक बदलाव को लेकर गहन निराशा के भाव देखे गए।

समाज में बदला लाने के लिए भी भारतीय पूरी तरह तैयार
समाज के प्रति जिम्मेदार होने के सवाल पर चीन और भारत सबसे आगे रहे। चीन के 96% और भारत के 92% युवाओं ने माना कि वे अपने देश और समाज के प्रति उतने ही जिम्मेदार हैं, जितना कि वे खुद के लिए। सर्वे में यह भी पूछा गया था कि क्या वे सामाजिक मुद्दे पर पर बातचीत करते हैं। क्या वे समाज में बदलाव ला सकते हैं, इस पर 84 फीसदी भारतीयों ने कहा कि हां वे इसके लिए पूरी तरह तैयार हैं। यहां तक कि जरूरी मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझाने में भी वे पहल करने को राजी हैं।

9 देशों में सर्वे: 18 साल के 9 हजार युवाओं से रायशुमारी 

COMMENT

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना